फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Rohtak News ›   पानी मांगने को पहुंचे लोग, अधिकारी बोले अमृत आएगा तो मिलेगा पानी

पानी मांगने को पहुंचे लोग, अधिकारी बोले अमृत आएगा तो मिलेगा पानी

Wed, 04 Jul 2018 02:16 AM IST
Updated Wed, 04 Jul 2018 02:16 AM IST
विज्ञापन
पानी मांगने को पहुंचे लोग, अधिकारी बोले अमृत आएगा तो मिलेगा पानी
पानी मांगने पहुंचे लोग तो अधिकारी बोले - अमृत आएगा तो मिलेगा पानी, दो घंटे हुई बहस
विज्ञापन

- पेयजल की समस्या को लेकर जनता, प्रत्याशी और अधिकारी आमने-सामने

अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
पानी मांगने पब्लिक हेल्थ विभाग के अधीक्षण अभियंता कार्यालय पहुंचे लोगों की अधिकारियों से जमकर बहस हुई। एक ओर लोगों का कहना था 10 से 15 मिनट पानी आ रहा है कैसे काम चलाएं तो वहीं अधिकारियों ने कहा कि तीन साल से अमृत योजना पर अमल क्यों नहीं कराया। इस दौरान दो घंटे तक बहस होती रही।
मंगलवार को पब्लिक हेल्थ विभाग के अधीक्षण अभियंता कार्यालय में कई कॉलोनी के लोग पेयजल समस्या को लेकर पहुंचे थे। राजीव नगर, अंबेडकर कॉलोनी, न्यू चिन्योट कॉलोनी से पेयजल समस्या को लेकर उपायुक्त से मिलने आए लोगों को अधिकारी ने पब्लिक हेल्थ विभाग के अधीक्षण अभियंता के पास भेज दिया। लोगों ने कहा कि उन्हें दस से पंद्रह मिनट ही पानी मिल पाता है, ऐसी स्थिति में वह क्या करें। महिलाओं ने रोष जताते हुए सवाल उठाया कि जिन्हें पानी मिल रहा है, वह बर्बाद करते हैं। वह सालों से पानी की समस्या का समाधान करने की मांग कर रहे हैं तो उन्हें अनसुना कर दिया जाता है।
विज्ञापन

जन समस्या पर जब पूर्व निगम पार्षद नौरातामल भटनागर व उनके साथ भावी प्रत्याशियों ने सवाल उठाना शुरू किया तो विभाग के अधीक्षण अभियंता आईसी जैन ने भी सवाल दाग दिया। अधिकारी ने स्पष्ट कहा कि उनके बस में जो होता है वह करते हैं, उनकी समस्या का स्थाई समाधान अमृत योजना ही है। इस योजना का पैसा तीन साल से निगम के पास है और निगम पार्षदों ने अब तक काम क्यों नहीं कराया। मौके पर कार्यकारी अभियंता भानू प्रताप ने बताया कि पेयजल की समस्या का समाधान छह इंची लाइन अलग से बिछाने के बाद ही होगा। लेकिन इसके लिए अमृत योजना के तहत कार्य होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


मौके पर बुलाया कनिष्ठ अभियंताओं को
लोगों के आक्रोश को देखते हुए अधिकारियों ने मौके पर कनिष्ठ अभियंताओं को बुला लिया। बातचीत के दौरान सामने आया कि अवैध कनेक्शन पानी की बर्बादी की समस्या के चलते सभी को पानी नहीं मिल पाता। इसके अलावा अधिकारियों ने बताया कि एक साथ यदि दो बूस्टिंग स्टेशन से पानी चलाया जाए तो समस्या नहीं होती। जनता के साथ चल रही तीखी बहस बाजी के बीच एक कर्मचारी ने एक अन्य कर्मचारी को तो यहां तक कह दिया कि इससे अच्छा है कि वह आत्महत्या कर लें। इस पर सवाल उठाया गया कि यदि वह आत्महत्या कर लेता है तो क्या वह उसके परिवार को पालने का जिम्मा लेता है। इस पर दोनों की बहस समाप्त हो गई। कनिष्ठ अभियंताओं की ड्यूटी लगाई गई वह सुबह व सायं जा कर पानी की सप्लाई को जांचेंगे। मौके पर जनता ने अधीक्षण अभियंता को बताया कि जांच के दौरान तो सप्लाई सही हो जाती है, लेकिन बाद में वहीं समस्या शुरू हो जाती है।

चाहे कर्मचारी लो या पुलिस, लेकिन न होने दो गलत कार्य : जैन
जनता के गुस्से को देखते हुए अधीक्षण अभियंता आईसी जैन भी उखड़ गए और उन्होंने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि वह चाहे जितने कर्मचारी ले या जरूरत पडे़ तो पुलिस को साथ ले, लेकिन अपने क्षेत्र में गलत कार्य न होने दें। अधिकारियों की जिम्मेदारी बनती है कि जिनके यहां लाइन से मोटर लगी है, उन्हें जब्त करें। इसके अलावा क्षेत्र में जो भी अवैध कनेक्शन हैं उन्हें काटा जाए। मौके पर बात आई कि जिस एरिया में पेयजल समस्या आ रही है, वहां सैकड़ों अवैध कनेक्शन हैं।


मंगलामुखी रहे हावी, शुक्रवार तक का समय
पेयजल की समस्या को लेकर अधिकारियों और जनता की बहस जैसे ही होनी शुरू होती, बीच में उनके साथ आए मंगलामुखी बोल पड़ते। इस पर अधिकारी चुप्पी साध लेते। दोनों पक्षों की बहस के बीच महिलाएं और मंगलामुखी हावी रहे, स्थिति यह थी कि अधिकारी के एसी कक्ष में सभी पसीने से तरबतर हो रहे थे। बहस के अंत में शुक्रवार तक का समय दिया गया है कि अधिकारी उनकी समस्या का समाधान करा दें, नहीं तो वह फिर आएंगे।

जनता ने उठाए सवाल
- टैंकर से पानी भिजवाने का दावा करने वाला विभाग लाइन में पानी क्यों नहीं देता
- पानी के कैंपर का व्यवसाय करने वाले लोगों को पेयजल कहां से मिलता है
- कॉलोनियों में अवैध कनेक्शन आखिर किसकी शह पर दिए गए हैं
- पेयजल को व्यर्थ बहाने से लोगों को रोकने का जिम्मा क्या विभाग का नहीं है
- क्या विभाग 135 लीटर प्रतिदिन प्रतिव्यक्ति देने का दावा अमृत योजना के भरोसे करता है
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed