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ब्रेक डाउन किए बना ही खंभे पर चढ़ा दिया एएलएम, करंट लगने से मौत
Updated Sat, 20 Jan 2018 01:04 AM IST
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बिना बिजली काटे खंभे पर चढ़ा दिया एएलएम
चरखी दादरी।
बिजली निगम के अधिकारियों ने लाइन बिना ब्रेक डाउन किए बिना ही बाढड़ा 132 केवी सब स्टेशन पर तैनात कारी आदू निवासी एएलएम संदीप को फॉल्ट ठीक करने के लिए खंभे पर चढ़ा दिया। इस दौरान लाइन में करंट दौड़ने के चलते उसकी मौत हो गई। परिजनों ने निगम के अधिकारियों पर इस संबंध में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। परिजनों ने इस संबंध में सब स्टेशन पर तैनात एसए की काम के लिए परमिट न लेने और लाइन ब्रेक डाउन किए बिना ही एएलएम संदीप को फॉल्ट ठीक करने के लिए खंभे पर चढ़ाने की ऑडियो क्लिप भी पुलिस व निगम के अधिकारियों के सामने पेश की है। बिजली निगम के एसई ने घटनास्थल का मुआयना कर लापरवाह अधिकारियों की रिपोर्ट तैयार कर विभागीय कार्रवाई के लिए भेजने के निर्देश एक्सईएन को दिए हैं। निगम के सामने परिजनों ने 20 लाख रुपये के मुआवजे की मांग भी की। इस संबंध में निगम अधिकारियों ने मृतक के परिजनों को दस लाख रुपये की राशि का चेक सौंप दिया है। वहीं, पुलिस ने मृतक के पिता के बयान पर बाढड़ा सब स्टेशन पर तैनात एसडीओ, जेई, फोरमैन व ठेकेदार सहित संबंधित स्टाफ सदस्यों पर मामला दर्ज कर लिया है।
जानकारी के अनुसार गांव कारी आदु निवासी संदीप करीब आठ साल पहले बिजली निगम में डीसी रेट पर एएलएम भर्ती हुआ था। फिलहाल उसकी पोस्टिंग बाढड़ा 132 केवीए सब स्टेशन पर थी। वीरवार शाम करीब साढ़े सात बजे सब स्टेशन से जुड़े नांधा फीडर में कोई फॉल्ट आ गया। इसके बाद वहां तैनात अधिकारियों ने फॉल्ट को ठीक करने के निर्देश एएलएम संदीप को दिए। संदीप जेई के साथ फॉल्ट को ठीक करने पहुंच गया। इस काम के लिए परमिट तक नहीं लिया गया। विभागीय सूत्रों ने बताया कि इस दौरान सब स्टेशन के फीडर के फेस में बिजली सप्लाई भी चालू रही जबकि नियमानुसार इसे पहले बंद कराना होता है। जब संदीप फॉल्ट को ठीक करने लगा तो वह करंट की चपेट में आ गया और उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया। इसके बाद ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों ने मामले की सूचना उच्चाधिकारियों को दी। सूचना पाकर निगम के अधिकारी व मृतक संदीप के परिजन मौके पर पहुंचे। हादसे का पता लगते ही बाढड़ा थाना पुलिस भी मौके पर पहुंच गई और शव को अपने कब्जे में ले लिया। इसके बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए दादरी के सिविल अस्पताल पहुंचाया। शुक्रवार सुबह पुलिस ने मृतक के पिता ओमप्रकाश के बयान दर्ज किए। पुलिस को दिए बयान में ओमप्रकाश ने बताया कि उसके बेटे संदीप की मौत निगम अधिकारियों की लापरवाही के चलते हुई है। मृतक के पिता ओमप्रकाश ने बताया कि जेई ने दबाव बनाकर संदीप को करंट दौड़ती लाइन पर फॉल्ट ठीक करने के लिए चढ़ा दिया। इसके लिए निगम अधिकारियों ने न तो कोई परमिट लिया और न ही लाइन ब्रेक डाउन कराई। इस कारण संदीप को करंट लग गया और उसकी मौत हो गई। मृतक के पिता ने पुलिस को दिए बयान में एसडीओ, जेई, फोरमैन व निगम ठेकेदार सहित वहां मौजूद स्टाफ सदस्यों पर कार्रवाई की मांग की। मृतक के पिता के बयान पर पुलिस ने इस संबंध में चार नामजद सहित अन्य कर्मचारियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया।
परमिट लेने के साथ सहित वीसीबी बार करने में बरती गई लापरवाही
निगम के नियमानुसार किसी भी लाइन में फॉल्ट आने के बाद इसे ठीक करने से पहले लाइन ब्रेक डाउन करने के लिए निगम अधिकारियों को परमिट लेना होता है। परमिट लेने के बाद उस लाइन की वीसीबी बार (लाइन ब्रेक डाउन) करनी होती है। इसके बाद ही कर्मचारी को फॉल्ट ठीक करने के लिए खंभे पर चढ़ाया जाता है। इस केस में दोनों ही जगह चूक बरती गई।
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एसई ने दिए विभागीय जांच के आदेश
घटना की सूचना मिलते ही एसई एसएस सांगवान बाढड़ा बिजली सब स्टेशन पहुंचे। इस दौरान उन्होंने मामले के संबंध में हादसे के समय ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों से पूछताछ की। इस दौरान मृतक एएलएम के परिजनों ने उनके सामने अपनी बात रखी। इस पर संज्ञान लेते हुए उन्होंने एक्सईएन भागीरथ लोढा को मामले की जांच रिपोर्ट तैयार कर भेजने के निर्देश दे दिए। उन्होंने कहा कि इस रिपोर्ट को विभागीय कार्रवाई के लिए उच्चाधिकारियों के पास भेजा जाएगा।
एसए ने कबूली लापरवाही, परिजनों ने पेश की रिकार्डिंग
एएलएम के परिजन शुक्रवार सुबह सिविल अस्पताल पहुंचे और एक ऑडियो क्लिप निगम अधिकािरियों, पुलिस व मीडिया के सामने प्रस्तुत की। करीब पांच मिनट की ऑडियो क्लिप में बाढड़ा सब स्टेशन पर घटना के समय तैनात एसए से निगम के ही एक कर्मचारी ने घटना के संबंध में फोन पर बात की। एसए ने बताया कि न तो इस काम के लिए परमिट लिया गया था और न ही जेई फीडर की लाइन ब्रेक डाउन कराने कंट्रोल रूप में पहुंचा।
दस लाख का बिजली निगम ने दिया परिजनों को चेक
सिविल अस्पताल पहुंचे मृतक के परिजनों ने निगम अधिकारियों के सामने बीस लाख रुपये का मुआवजा देने की मांग की। यह मांग एक्सईएन भागीरथ लोढा ने निगम के एसई एसएस सांगवान के सामने रखी। इसके बाद उच्चाधिकारियों को इस मामले से अवगत कराया गया। अंत में निगम अधिकारियों ने परिजनों को दस लाख रुपये की राशि का चैक दिया।
वर्जन::
पुलिस ने मृतक के परिजनों के बयान पर जेई, एसडीओ, फोरमैन व निगम के ठेकेदार सहित अन्य कर्मचारियों पर मामला दर्ज कर लिया है। मृतक का पोस्टमार्टम करवाकर हमने शव परिजनों को सौंप दिया।
शमशेर मान, बाढड़ा थाना प्रभारी
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चरखी दादरी।
बिजली निगम के अधिकारियों ने लाइन बिना ब्रेक डाउन किए बिना ही बाढड़ा 132 केवी सब स्टेशन पर तैनात कारी आदू निवासी एएलएम संदीप को फॉल्ट ठीक करने के लिए खंभे पर चढ़ा दिया। इस दौरान लाइन में करंट दौड़ने के चलते उसकी मौत हो गई। परिजनों ने निगम के अधिकारियों पर इस संबंध में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। परिजनों ने इस संबंध में सब स्टेशन पर तैनात एसए की काम के लिए परमिट न लेने और लाइन ब्रेक डाउन किए बिना ही एएलएम संदीप को फॉल्ट ठीक करने के लिए खंभे पर चढ़ाने की ऑडियो क्लिप भी पुलिस व निगम के अधिकारियों के सामने पेश की है। बिजली निगम के एसई ने घटनास्थल का मुआयना कर लापरवाह अधिकारियों की रिपोर्ट तैयार कर विभागीय कार्रवाई के लिए भेजने के निर्देश एक्सईएन को दिए हैं। निगम के सामने परिजनों ने 20 लाख रुपये के मुआवजे की मांग भी की। इस संबंध में निगम अधिकारियों ने मृतक के परिजनों को दस लाख रुपये की राशि का चेक सौंप दिया है। वहीं, पुलिस ने मृतक के पिता के बयान पर बाढड़ा सब स्टेशन पर तैनात एसडीओ, जेई, फोरमैन व ठेकेदार सहित संबंधित स्टाफ सदस्यों पर मामला दर्ज कर लिया है।
जानकारी के अनुसार गांव कारी आदु निवासी संदीप करीब आठ साल पहले बिजली निगम में डीसी रेट पर एएलएम भर्ती हुआ था। फिलहाल उसकी पोस्टिंग बाढड़ा 132 केवीए सब स्टेशन पर थी। वीरवार शाम करीब साढ़े सात बजे सब स्टेशन से जुड़े नांधा फीडर में कोई फॉल्ट आ गया। इसके बाद वहां तैनात अधिकारियों ने फॉल्ट को ठीक करने के निर्देश एएलएम संदीप को दिए। संदीप जेई के साथ फॉल्ट को ठीक करने पहुंच गया। इस काम के लिए परमिट तक नहीं लिया गया। विभागीय सूत्रों ने बताया कि इस दौरान सब स्टेशन के फीडर के फेस में बिजली सप्लाई भी चालू रही जबकि नियमानुसार इसे पहले बंद कराना होता है। जब संदीप फॉल्ट को ठीक करने लगा तो वह करंट की चपेट में आ गया और उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया। इसके बाद ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों ने मामले की सूचना उच्चाधिकारियों को दी। सूचना पाकर निगम के अधिकारी व मृतक संदीप के परिजन मौके पर पहुंचे। हादसे का पता लगते ही बाढड़ा थाना पुलिस भी मौके पर पहुंच गई और शव को अपने कब्जे में ले लिया। इसके बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए दादरी के सिविल अस्पताल पहुंचाया। शुक्रवार सुबह पुलिस ने मृतक के पिता ओमप्रकाश के बयान दर्ज किए। पुलिस को दिए बयान में ओमप्रकाश ने बताया कि उसके बेटे संदीप की मौत निगम अधिकारियों की लापरवाही के चलते हुई है। मृतक के पिता ओमप्रकाश ने बताया कि जेई ने दबाव बनाकर संदीप को करंट दौड़ती लाइन पर फॉल्ट ठीक करने के लिए चढ़ा दिया। इसके लिए निगम अधिकारियों ने न तो कोई परमिट लिया और न ही लाइन ब्रेक डाउन कराई। इस कारण संदीप को करंट लग गया और उसकी मौत हो गई। मृतक के पिता ने पुलिस को दिए बयान में एसडीओ, जेई, फोरमैन व निगम ठेकेदार सहित वहां मौजूद स्टाफ सदस्यों पर कार्रवाई की मांग की। मृतक के पिता के बयान पर पुलिस ने इस संबंध में चार नामजद सहित अन्य कर्मचारियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया।
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परमिट लेने के साथ सहित वीसीबी बार करने में बरती गई लापरवाही
निगम के नियमानुसार किसी भी लाइन में फॉल्ट आने के बाद इसे ठीक करने से पहले लाइन ब्रेक डाउन करने के लिए निगम अधिकारियों को परमिट लेना होता है। परमिट लेने के बाद उस लाइन की वीसीबी बार (लाइन ब्रेक डाउन) करनी होती है। इसके बाद ही कर्मचारी को फॉल्ट ठीक करने के लिए खंभे पर चढ़ाया जाता है। इस केस में दोनों ही जगह चूक बरती गई।
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एसई ने दिए विभागीय जांच के आदेश
घटना की सूचना मिलते ही एसई एसएस सांगवान बाढड़ा बिजली सब स्टेशन पहुंचे। इस दौरान उन्होंने मामले के संबंध में हादसे के समय ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों से पूछताछ की। इस दौरान मृतक एएलएम के परिजनों ने उनके सामने अपनी बात रखी। इस पर संज्ञान लेते हुए उन्होंने एक्सईएन भागीरथ लोढा को मामले की जांच रिपोर्ट तैयार कर भेजने के निर्देश दे दिए। उन्होंने कहा कि इस रिपोर्ट को विभागीय कार्रवाई के लिए उच्चाधिकारियों के पास भेजा जाएगा।
एसए ने कबूली लापरवाही, परिजनों ने पेश की रिकार्डिंग
एएलएम के परिजन शुक्रवार सुबह सिविल अस्पताल पहुंचे और एक ऑडियो क्लिप निगम अधिकािरियों, पुलिस व मीडिया के सामने प्रस्तुत की। करीब पांच मिनट की ऑडियो क्लिप में बाढड़ा सब स्टेशन पर घटना के समय तैनात एसए से निगम के ही एक कर्मचारी ने घटना के संबंध में फोन पर बात की। एसए ने बताया कि न तो इस काम के लिए परमिट लिया गया था और न ही जेई फीडर की लाइन ब्रेक डाउन कराने कंट्रोल रूप में पहुंचा।
दस लाख का बिजली निगम ने दिया परिजनों को चेक
सिविल अस्पताल पहुंचे मृतक के परिजनों ने निगम अधिकारियों के सामने बीस लाख रुपये का मुआवजा देने की मांग की। यह मांग एक्सईएन भागीरथ लोढा ने निगम के एसई एसएस सांगवान के सामने रखी। इसके बाद उच्चाधिकारियों को इस मामले से अवगत कराया गया। अंत में निगम अधिकारियों ने परिजनों को दस लाख रुपये की राशि का चैक दिया।
वर्जन::
पुलिस ने मृतक के परिजनों के बयान पर जेई, एसडीओ, फोरमैन व निगम के ठेकेदार सहित अन्य कर्मचारियों पर मामला दर्ज कर लिया है। मृतक का पोस्टमार्टम करवाकर हमने शव परिजनों को सौंप दिया।
शमशेर मान, बाढड़ा थाना प्रभारी