{"_id":"5a4febdf4f1c1bd3178b52c5","slug":"101515187167-rohtak-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"स्मार्ट सिटी का सपना, उम्मीदें ज्यादा, तैयारियां अधूरी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
स्मार्ट सिटी का सपना, उम्मीदें ज्यादा, तैयारियां अधूरी
Updated Sat, 06 Jan 2018 02:49 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फोटो सहित.........
फ्लैग : स्मार्ट सिटी का सपना : तैयारियां अधूरी, उम्मीदें ज्यादा
हेडिंग : कर्णधारों को स्लोगन का पता, न शहर से निकल रहे कचरे का
: मेयर बोली, दो दिन पहले आयुक्त ने बताया तो था
: कर्मचारी प्रधान बोले, डाटा याद रखना मेरा नहीं, सफाई ब्रांच का काम
: सफाई निरीक्षक बोले, आफिस में फाइल पर लिखा, देखकर बता पाऊंगा
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
शहर को स्मार्ट सिटी बनाने की जिम्मेदारी जिन कंधों पर है, वहीं कर्णधार अभियान से कितनी गहराई से जुड़े हैं, यह सवालों के घेरे में हैं। मेयर से लेकर सफाई निरीक्षक व 700 सफाई कर्मियों के प्रधान को न तो स्लोगन का पता है और न ही यह पता कि हर रोज शहर से कितना कचरा शहर से बाहर निकल रहा है। निगम के आला अधिकारियों का कहना है कि वे सभी को एक साथ लेकर चल रहे हैं। सभी को गहराई से जोड़ा जाएगा।
राष्ट्रीय स्तर पर 4 जनवरी से 31 मार्च तक स्मार्ट सिटी अभियान चल रहा है। इसमें नगर निगम रोहतक भी भाग ले रहा है। कभी भी स्वच्छता निरीक्षण के लिए टीम आ सकती है। निगम अधिकारियों से लेकर जिला प्रशासन के आला अधिकारी स्वच्छता अभियान को लेकर बड़े-बड़े दावे कर रहे हैं। टारगेट टॉप 25 में आने का रखा गया है। निगम की बेसिक तैयारियों का जायजा लेने के लिए अमर उजाला ने शुक्रवार को उन लोगों से बातचीत की, जिनके कंधों पर स्मार्ट सिटी अभियान का दारोमदार टिका हुआ है। मेयर, सफाई निरीक्षक से लेकर सफाई कर्मियों के प्रधान से पांच-पांच सवाल पूछे।
आयुक्त ने दो दिन पहले बताया था, अब याद नहीं : मेयर
मेयर रेनू डाबला ने बताया कि शहर की जनसंख्या 5 लाख 12 हजार है। ध्यान नहीं। आफिस से पूछना पड़ेगा। स्मार्ट सिटी में पिछला रेंक 365 कुछ था। स्वच्छता अभियान का स्लोगन ध्यान नहीं। अबकी बार निगम की तैयारियां पूरी हैं। टॉप 25 में तो जरूर शहर आना चाहिए। हर रोज कितना कचरा निकलता है, इस बारे में दो दिन पहले निगम आयुक्त प्रदीप डागर ने बताया तो था।
विज्ञापन
ऑफिस में फाइल देखकर बता पाऊंगा : सफाई निरीक्षक
निगम की सफाई ब्रांच के इंस्पेक्टर सुंदर सिंह का कहना है कि शहर की जनसंख्या 5 लाख के करीब है। जबकि शहर का पिछला रेंक 200 करीब था। स्लोगन जगह-जगह लगे बोर्ड पर लिखा हुआ है। ये बारिक काम डीटीपी देखते हैं। उनका टारगेट शहर को सफाई के मामले में नंबर वन बनाना है। कम से कम 50 से 100 के बीच में तो जरूर आना चाहिए। हर रोज कितना कचरा निकलता है यह दफ्तर में देखकर बताऊं गा। फाइल पर लिखा हुआ है।
मैं कैसे बताऊं, कितना रैंक आएगा : प्रधान
नगर निगम कर्मचारी संघ के प्रधान संजय बिडलान का कहना है कि मैं न केवल सफाई कर्मचारी हूं, बल्कि रोहतक इकाई का प्रधान हूं। हर रोज कितना टन कचरा निकलता है, यह तो सफाई ब्रांच वाले बताएंगे। कहो तो मोबाइल नंबर दे देता हूं। जो देश का स्लोगन व रोहतक का भी। कितना रेंक आएगा, यह भी आफिस वाले बताएंगे।
हमारा रोहतक, सुथरा रोहतक दिया स्लोगन
निगम ने पहले टॉप 50 के अंदर आने की सोची थी, लेकिन अब तैयारियों को देखते हुए टॉप 25 में आने का टारगेट बनाया है। साथ ही पिछली बार रोहतक शहर का रैंक 295 आया था। जबकि जनसंख्या 2011 में 4 लाख 17 हजार थी, जो अब बढ़कर 5 लाख 12 हजार हो चुकी है।
सभी को गहराई से जोड़ रहे : डीटीपी
स्वच्छता अभियान को लेकर निगम काफी उत्साहित है। हर किसी को गहराई से जोड़ा जा रहा है। शहरवासी भी उत्साहित हैं और स्मार्ट सिटी के सपने को साकार करने के लिए आगे आ रहे हैं। निगम धार्मिक व सामाजिक कार्यक्रमों से लेकर दूसरे अभियानों में शामिल होकर स्वच्छता का स्लोगन हमारा रोहतक, सुथरा रोहतक हर घर तक ले जाने का प्रयास कर रहा है।
- कृष्ण कुमार वार्ष्णेय, डीटीपी नगर निगम
विज्ञापन
फ्लैग : स्मार्ट सिटी का सपना : तैयारियां अधूरी, उम्मीदें ज्यादा
हेडिंग : कर्णधारों को स्लोगन का पता, न शहर से निकल रहे कचरे का
: मेयर बोली, दो दिन पहले आयुक्त ने बताया तो था
: कर्मचारी प्रधान बोले, डाटा याद रखना मेरा नहीं, सफाई ब्रांच का काम
: सफाई निरीक्षक बोले, आफिस में फाइल पर लिखा, देखकर बता पाऊंगा
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
शहर को स्मार्ट सिटी बनाने की जिम्मेदारी जिन कंधों पर है, वहीं कर्णधार अभियान से कितनी गहराई से जुड़े हैं, यह सवालों के घेरे में हैं। मेयर से लेकर सफाई निरीक्षक व 700 सफाई कर्मियों के प्रधान को न तो स्लोगन का पता है और न ही यह पता कि हर रोज शहर से कितना कचरा शहर से बाहर निकल रहा है। निगम के आला अधिकारियों का कहना है कि वे सभी को एक साथ लेकर चल रहे हैं। सभी को गहराई से जोड़ा जाएगा।
राष्ट्रीय स्तर पर 4 जनवरी से 31 मार्च तक स्मार्ट सिटी अभियान चल रहा है। इसमें नगर निगम रोहतक भी भाग ले रहा है। कभी भी स्वच्छता निरीक्षण के लिए टीम आ सकती है। निगम अधिकारियों से लेकर जिला प्रशासन के आला अधिकारी स्वच्छता अभियान को लेकर बड़े-बड़े दावे कर रहे हैं। टारगेट टॉप 25 में आने का रखा गया है। निगम की बेसिक तैयारियों का जायजा लेने के लिए अमर उजाला ने शुक्रवार को उन लोगों से बातचीत की, जिनके कंधों पर स्मार्ट सिटी अभियान का दारोमदार टिका हुआ है। मेयर, सफाई निरीक्षक से लेकर सफाई कर्मियों के प्रधान से पांच-पांच सवाल पूछे।
विज्ञापन
आयुक्त ने दो दिन पहले बताया था, अब याद नहीं : मेयर
मेयर रेनू डाबला ने बताया कि शहर की जनसंख्या 5 लाख 12 हजार है। ध्यान नहीं। आफिस से पूछना पड़ेगा। स्मार्ट सिटी में पिछला रेंक 365 कुछ था। स्वच्छता अभियान का स्लोगन ध्यान नहीं। अबकी बार निगम की तैयारियां पूरी हैं। टॉप 25 में तो जरूर शहर आना चाहिए। हर रोज कितना कचरा निकलता है, इस बारे में दो दिन पहले निगम आयुक्त प्रदीप डागर ने बताया तो था।
विज्ञापन
ऑफिस में फाइल देखकर बता पाऊंगा : सफाई निरीक्षक
निगम की सफाई ब्रांच के इंस्पेक्टर सुंदर सिंह का कहना है कि शहर की जनसंख्या 5 लाख के करीब है। जबकि शहर का पिछला रेंक 200 करीब था। स्लोगन जगह-जगह लगे बोर्ड पर लिखा हुआ है। ये बारिक काम डीटीपी देखते हैं। उनका टारगेट शहर को सफाई के मामले में नंबर वन बनाना है। कम से कम 50 से 100 के बीच में तो जरूर आना चाहिए। हर रोज कितना कचरा निकलता है यह दफ्तर में देखकर बताऊं गा। फाइल पर लिखा हुआ है।
मैं कैसे बताऊं, कितना रैंक आएगा : प्रधान
नगर निगम कर्मचारी संघ के प्रधान संजय बिडलान का कहना है कि मैं न केवल सफाई कर्मचारी हूं, बल्कि रोहतक इकाई का प्रधान हूं। हर रोज कितना टन कचरा निकलता है, यह तो सफाई ब्रांच वाले बताएंगे। कहो तो मोबाइल नंबर दे देता हूं। जो देश का स्लोगन व रोहतक का भी। कितना रेंक आएगा, यह भी आफिस वाले बताएंगे।
हमारा रोहतक, सुथरा रोहतक दिया स्लोगन
निगम ने पहले टॉप 50 के अंदर आने की सोची थी, लेकिन अब तैयारियों को देखते हुए टॉप 25 में आने का टारगेट बनाया है। साथ ही पिछली बार रोहतक शहर का रैंक 295 आया था। जबकि जनसंख्या 2011 में 4 लाख 17 हजार थी, जो अब बढ़कर 5 लाख 12 हजार हो चुकी है।
सभी को गहराई से जोड़ रहे : डीटीपी
स्वच्छता अभियान को लेकर निगम काफी उत्साहित है। हर किसी को गहराई से जोड़ा जा रहा है। शहरवासी भी उत्साहित हैं और स्मार्ट सिटी के सपने को साकार करने के लिए आगे आ रहे हैं। निगम धार्मिक व सामाजिक कार्यक्रमों से लेकर दूसरे अभियानों में शामिल होकर स्वच्छता का स्लोगन हमारा रोहतक, सुथरा रोहतक हर घर तक ले जाने का प्रयास कर रहा है।
- कृष्ण कुमार वार्ष्णेय, डीटीपी नगर निगम