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Rohtak News: ठगी के तरीके 10, मजबूत पासवर्ड रखेगा सुरक्षित
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आईजी राकेश कुमार आर्य ।
रोहतक। साइबर ठग नए-नए तरीकों से आम लोगों के बैंक खातों को खाली कर रहे हैं। इसके लिए ठग 10 हथकंडे ज्यादा आजमा रहे हैं। पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) कार्यालय की सुरक्षा शाखा ने रेंज के चारों जिलों रोहतक, झज्जर, भिवानी व चरखी दादरी के साइबर क्राइम के आंकड़ों का अवलोकन कर यह निष्कर्ष निकाला है। साथ ही नागरिकों से आग्रह किया है कि मजबूत पासवर्ड और सतर्कता से ही ठगी को रोका जा सकता है।
रेंज पुलिस के मुताबिक साइबर क्राइम रोकने का पूरा प्रयास किया रहा है। आम आदमी के सहयोग व सतर्कता से ही ठगी को रोका जा सकता है। इसके लिए पुलिस ने एक माह की साइबर क्राइम की गतिविधियों को अध्ययन किया। रेंज कार्यालय की साइबर सुरक्षा शाखा द्वारा जांच में पाया कि साइबर अपराधी संवेदनशील जानकारी चुराने, धोखाधड़ी करने या सामान्य कंप्यूटर संचालन को बाधित करने के लिए हैकिंग, फिशिंग, मैलवेयर (किसी की महत्वपूर्ण जानकारी को चुराने में प्रयुक्त किया जाने वाला सॉफ्टवेयर) और रैन्समवेयर (दुर्भावनापूर्ण फिरौती की मांग करने में प्रयुक्त सॉफ्टवेयर ) जैसी तकनीकों का उपयोग करते हैं।
यूं की जा रही ठगी
- वाट्सअप पर किसी जानकार की डीपी लगाना।
- सोशल मीडिया पर लालच देकर टास्क पूरा कराने का झांसा देकर।
- लोन एप के माध्यम से।
-जानकार बन कर फोन करके पैसों की डिमांड कर।
- पार्ट टाइम नौकरी का झांसा देकर।
- ऑनलाइन ट्रेडिंग के माध्यम से।
- ऑनलाइन शॉपिंग।
- क्रेडिट कार्ड के नाम पर झांसा देकर।
- फोन कॉल , टेलीग्राम व वाट्सअप पर लिंक भेजकर।- ई ट्रेडिंग कंपनी में निवेश के नाम पर।
ये उठाएं ठगी रोकने के लिए कदम
- प्रत्येक खाते के लिए मजबूत और सशक्त पासवर्ड होना चाहिए।
- संदेहास्पद या अज्ञात लिंक पर क्लिक न करें।
- कोई व्यक्ति जानकार बनकर पैसों की मांग करें तो पैसे देने से पहले उसका सत्यापन अवश्य करें।
- एंटी वायरस साॅफ्टवेयर का उपयोग करें।
- व्यक्तिगत जानकारी ऑनलाइन साझा करते समय सतर्क रहें।
- वित्तीय खातों पर अपनी निगरानी रखें।
- ठगी होने पर तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत करें।
साइबर क्राइम को रोकने के लिए आम लोगों का सतर्क रहना बेहद जरूरी है। इसके लिए पुलिस लोगों को जागरूक करने का पूरा प्रयास कर रही है। चारों जिलों के पुलिस अधीक्षकों को लिए इसके लिए पहले से दिशा निर्देश जारी किए गए हैं।
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राकेश आर्य, पुलिस महानिरीक्षक, रोहतक रेंज
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रेंज पुलिस के मुताबिक साइबर क्राइम रोकने का पूरा प्रयास किया रहा है। आम आदमी के सहयोग व सतर्कता से ही ठगी को रोका जा सकता है। इसके लिए पुलिस ने एक माह की साइबर क्राइम की गतिविधियों को अध्ययन किया। रेंज कार्यालय की साइबर सुरक्षा शाखा द्वारा जांच में पाया कि साइबर अपराधी संवेदनशील जानकारी चुराने, धोखाधड़ी करने या सामान्य कंप्यूटर संचालन को बाधित करने के लिए हैकिंग, फिशिंग, मैलवेयर (किसी की महत्वपूर्ण जानकारी को चुराने में प्रयुक्त किया जाने वाला सॉफ्टवेयर) और रैन्समवेयर (दुर्भावनापूर्ण फिरौती की मांग करने में प्रयुक्त सॉफ्टवेयर ) जैसी तकनीकों का उपयोग करते हैं।
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यूं की जा रही ठगी
- वाट्सअप पर किसी जानकार की डीपी लगाना।
- सोशल मीडिया पर लालच देकर टास्क पूरा कराने का झांसा देकर।
- लोन एप के माध्यम से।
-जानकार बन कर फोन करके पैसों की डिमांड कर।
- पार्ट टाइम नौकरी का झांसा देकर।
- ऑनलाइन ट्रेडिंग के माध्यम से।
- ऑनलाइन शॉपिंग।
- क्रेडिट कार्ड के नाम पर झांसा देकर।
- फोन कॉल , टेलीग्राम व वाट्सअप पर लिंक भेजकर।- ई ट्रेडिंग कंपनी में निवेश के नाम पर।
ये उठाएं ठगी रोकने के लिए कदम
- प्रत्येक खाते के लिए मजबूत और सशक्त पासवर्ड होना चाहिए।
- संदेहास्पद या अज्ञात लिंक पर क्लिक न करें।
- कोई व्यक्ति जानकार बनकर पैसों की मांग करें तो पैसे देने से पहले उसका सत्यापन अवश्य करें।
- एंटी वायरस साॅफ्टवेयर का उपयोग करें।
- व्यक्तिगत जानकारी ऑनलाइन साझा करते समय सतर्क रहें।
- वित्तीय खातों पर अपनी निगरानी रखें।
- ठगी होने पर तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत करें।
साइबर क्राइम को रोकने के लिए आम लोगों का सतर्क रहना बेहद जरूरी है। इसके लिए पुलिस लोगों को जागरूक करने का पूरा प्रयास कर रही है। चारों जिलों के पुलिस अधीक्षकों को लिए इसके लिए पहले से दिशा निर्देश जारी किए गए हैं।
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राकेश आर्य, पुलिस महानिरीक्षक, रोहतक रेंज