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अपनी क्षमता को निखार कर आत्मनिर्भर बने महिलाएं : रतिराम
Fri, 30 Jan 2026 11:43 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Fri, 30 Jan 2026 11:43 PM IST
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अमर उजाला फाउंडेशन की तरफ से आयोजित अपराजिता कार्यक्रम में बैठीं महिलाएं। संवाद
रेवाड़ी। बावल मार्ग स्थित सरस्वती विहार में अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से अपराजिता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें पंद्रह महिलाएं शामिल हुईं। इस दौरान द लार्ड कृष्णा एजुकेशनल संस्था के प्रधान रतिराम ने कहा कि महिलाओं को अपनी क्षमता को निखार कर आत्मनिर्भर बनना चाहिए। मुख्य वक्ता प्रमिला ने महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया।
रतिराम ने कहा कि आज महिलाएं किसी से कम नहीं हैं। महिलाएं सरकारी योजनाओं और बैंकिंग सुविधाओं का लाभ उठाकर आत्मनिर्भर बन सकती हैं। आत्मनिर्भर बनने के लिए अपने कौशल और क्षमताओं को निखारना जरूरी है। महिलाओं को खुद आगे आकर पहल करनी होगी और अपने आत्मविश्वास को मजबूत करना होगा।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाएं अक्सर जानकारी और संसाधनों की कमी के कारण पीछे रह जाती हैं। उन्हें छोटे-बड़े व्यवसाय शुरू करने, सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने और बैंकिंग सेवाओं के बारे में पता नहीं होता है। इससे वह सुविधाओं से वंचित हो जाती हैं।
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उन्होंने कहा कि कम ब्याज दर पर ऋण लेकर महिलाएं अपना रोजगार शुरू कर सकती हैं। इस मौके पर ममता शर्मा, योगिता, सुनिता, रजनी, अनिता, शकुंतला, प्रवीना, किरण, काजल व अन्य महिलाएं मौजूद रहीं।
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आत्मनिर्भर बनने से बढ़ा है आत्मविश्वास : प्रमिला
मुख्य वक्ता प्रमिला ने कहा कि आज कई महिलाएं घर पर रहते हुए व्यवसाय और आर्थिक गतिविधियों में सक्रिय हैं। महिलाओं को छोटे व्यवसाय, घर पर ही सिलाई, कढ़ाई और बुनियादी उद्यमों से लाभ प्राप्त हो रहा है। आत्मनिर्भर बनने से न केवल महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत होती हैं बल्कि उनके आत्मविश्वास और सामाजिक स्थिति में भी सुधार आता है। उन्होंने स्टार्टअप लोन, स्वरोजगार, महिला कल्याण योजनाएं और प्रशिक्षण कार्यक्रम के बारे में बताया।
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रतिराम ने कहा कि आज महिलाएं किसी से कम नहीं हैं। महिलाएं सरकारी योजनाओं और बैंकिंग सुविधाओं का लाभ उठाकर आत्मनिर्भर बन सकती हैं। आत्मनिर्भर बनने के लिए अपने कौशल और क्षमताओं को निखारना जरूरी है। महिलाओं को खुद आगे आकर पहल करनी होगी और अपने आत्मविश्वास को मजबूत करना होगा।
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उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाएं अक्सर जानकारी और संसाधनों की कमी के कारण पीछे रह जाती हैं। उन्हें छोटे-बड़े व्यवसाय शुरू करने, सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने और बैंकिंग सेवाओं के बारे में पता नहीं होता है। इससे वह सुविधाओं से वंचित हो जाती हैं।
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उन्होंने कहा कि कम ब्याज दर पर ऋण लेकर महिलाएं अपना रोजगार शुरू कर सकती हैं। इस मौके पर ममता शर्मा, योगिता, सुनिता, रजनी, अनिता, शकुंतला, प्रवीना, किरण, काजल व अन्य महिलाएं मौजूद रहीं।
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आत्मनिर्भर बनने से बढ़ा है आत्मविश्वास : प्रमिला
मुख्य वक्ता प्रमिला ने कहा कि आज कई महिलाएं घर पर रहते हुए व्यवसाय और आर्थिक गतिविधियों में सक्रिय हैं। महिलाओं को छोटे व्यवसाय, घर पर ही सिलाई, कढ़ाई और बुनियादी उद्यमों से लाभ प्राप्त हो रहा है। आत्मनिर्भर बनने से न केवल महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत होती हैं बल्कि उनके आत्मविश्वास और सामाजिक स्थिति में भी सुधार आता है। उन्होंने स्टार्टअप लोन, स्वरोजगार, महिला कल्याण योजनाएं और प्रशिक्षण कार्यक्रम के बारे में बताया।