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Rewari News: रावण दहन के साथ हुआ अहंकार का अंत
Wed, 21 Oct 2026 12:02 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Wed, 21 Oct 2026 12:02 AM IST
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एलिगेंट हाइट सोसाइटी में रावण दहन का दृश्य। संवाद
रेवाड़ी। असत्य पर सत्य की विजय का प्रतीक पर्व विजय दशमी मंगलवार को जिलेभर में मनाया गया। बेरली कला समेत अन्य स्थानों पर श्रीराम-रावण के बीच युद्ध के दौरान श्रीराम ने रावण का वध किया। इसके बाद रावण के पुतलों को जलाया गया। बेरली कलां गांव में 160 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन 7:55 मिनट पर किया गया। रावण दहन देखने के श्रद्धालुओं की भीड़ लगी थी।
रेवाड़ी शहर के बावल रोड स्थित हुडा ग्राउंड में 60 फीट का रावण 6:20 मिनट पर जलाया गया। बावल में रेवाड़ी रोड पर 61 फीट ऊंचे रावण के पुतला जलाया गया। 20 सेकंड में रावण जलकर राख हो गया। शाम को आयोजित कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में लोग पहुंचे।
बेरली कलां में सर छोटेलाल रामलीला क्लब के सौजन्य से रावण दहन कार्यक्रम आयोजित किया गया। विशाल पुतले को खड़ा करने के लिए हाइड्रा क्रेन की मदद ली गई थी।
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वहीं, रेवाड़ी शहर में श्री घंटेश्वर महादेव मंदिर आदर्श रामलीला और मक्खनलाल धर्मशाला यूनाइटेड क्लब की ओर से रावण दहन किया गया। बावल में न्यू रामलीला की ओर से रेवाड़ी रोड पर कार्यक्रम आयोजित हुआ। आयोजन स्थलों पर भगवान श्रीराम और रावण के युद्ध का मंचन तथा भव्य झांकियां आकर्षण का केंद्र रहीं।
सुरक्षा के लिए तैनात रही पुलिस
रावण दहन कार्यक्रमों के दौरान सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण के लिए जिला पुलिस की ओर से प्रबंध किए गए। पुलिस आयोजन स्थलों पर महिला और पुरुष पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई। शोभायात्रा वाले क्षेत्रों में पुलिस की पीसीआर गाड़ियों ने गश्त की। भीड़ को नियंत्रित करने और श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आयोजन समितियों को बैरिकेडिंग तथा प्रवेश और निकास के लिए अलग-अलग मार्ग निर्धारित किए गए थे।
यातायात डायवर्जन से संभाली व्यवस्था
दशहरे पर लोगों की आवाजाही को देखते हुए रेवाड़ी शहर में यातायात व्यवस्था लागू की गई। शाम चार बजे से कार्यक्रम समाप्त होने तक रणबीर सिंह हुड्डा चौक से गांधी चौक तक कंटेनर और भारी वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित रही। वाहन चालकों को असुविधा से बचाने के लिए वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करने की सलाह दी गई थी। शाम के समय काफी देर तक रोड जाम की स्थिति बनी रही।
दृश्य कैमरों में कैद करने की मची होड़
रावण दहन के दौरान लोगों में उत्साह देखते ही बना। जैसे ही रावण के पुतले को आग लगाई गई, आसमान में उठती लपटों और आतिशबाजी के दृश्य को मोबाइल कैमरों में कैद करने के लिए लोगों में होड़ मच गई। बड़ी संख्या में लोग अपने मोबाइल फोन से जलते हुए रावण की वीडियो और फोटो बनाते नजर आए। हर कोई इस खास पल को अपने कैमरे में कैद करना चाहता था। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक में रावण दहन को लेकर उत्साह दिखाई दिया। मोबाइल की रोशनी और कैमरों के बीच दशहरे का यह नजारा लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बना रहा।
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रेवाड़ी शहर के बावल रोड स्थित हुडा ग्राउंड में 60 फीट का रावण 6:20 मिनट पर जलाया गया। बावल में रेवाड़ी रोड पर 61 फीट ऊंचे रावण के पुतला जलाया गया। 20 सेकंड में रावण जलकर राख हो गया। शाम को आयोजित कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में लोग पहुंचे।
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बेरली कलां में सर छोटेलाल रामलीला क्लब के सौजन्य से रावण दहन कार्यक्रम आयोजित किया गया। विशाल पुतले को खड़ा करने के लिए हाइड्रा क्रेन की मदद ली गई थी।
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वहीं, रेवाड़ी शहर में श्री घंटेश्वर महादेव मंदिर आदर्श रामलीला और मक्खनलाल धर्मशाला यूनाइटेड क्लब की ओर से रावण दहन किया गया। बावल में न्यू रामलीला की ओर से रेवाड़ी रोड पर कार्यक्रम आयोजित हुआ। आयोजन स्थलों पर भगवान श्रीराम और रावण के युद्ध का मंचन तथा भव्य झांकियां आकर्षण का केंद्र रहीं।
सुरक्षा के लिए तैनात रही पुलिस
रावण दहन कार्यक्रमों के दौरान सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण के लिए जिला पुलिस की ओर से प्रबंध किए गए। पुलिस आयोजन स्थलों पर महिला और पुरुष पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई। शोभायात्रा वाले क्षेत्रों में पुलिस की पीसीआर गाड़ियों ने गश्त की। भीड़ को नियंत्रित करने और श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आयोजन समितियों को बैरिकेडिंग तथा प्रवेश और निकास के लिए अलग-अलग मार्ग निर्धारित किए गए थे।
यातायात डायवर्जन से संभाली व्यवस्था
दशहरे पर लोगों की आवाजाही को देखते हुए रेवाड़ी शहर में यातायात व्यवस्था लागू की गई। शाम चार बजे से कार्यक्रम समाप्त होने तक रणबीर सिंह हुड्डा चौक से गांधी चौक तक कंटेनर और भारी वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित रही। वाहन चालकों को असुविधा से बचाने के लिए वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करने की सलाह दी गई थी। शाम के समय काफी देर तक रोड जाम की स्थिति बनी रही।
दृश्य कैमरों में कैद करने की मची होड़
रावण दहन के दौरान लोगों में उत्साह देखते ही बना। जैसे ही रावण के पुतले को आग लगाई गई, आसमान में उठती लपटों और आतिशबाजी के दृश्य को मोबाइल कैमरों में कैद करने के लिए लोगों में होड़ मच गई। बड़ी संख्या में लोग अपने मोबाइल फोन से जलते हुए रावण की वीडियो और फोटो बनाते नजर आए। हर कोई इस खास पल को अपने कैमरे में कैद करना चाहता था। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक में रावण दहन को लेकर उत्साह दिखाई दिया। मोबाइल की रोशनी और कैमरों के बीच दशहरे का यह नजारा लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बना रहा।

एलिगेंट हाइट सोसाइटी में रावण दहन का दृश्य। संवाद

एलिगेंट हाइट सोसाइटी में रावण दहन का दृश्य। संवाद

एलिगेंट हाइट सोसाइटी में रावण दहन का दृश्य। संवाद