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जहां थ्ाे कूड़े के ढेर, वहां बनाया उपवन, स्वच्छ हो रहा तन-मन
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पार्क में कार्य करते कोसली निवासी अजय।
- फोटो : Rewari
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रेवाड़ी। कोसली के अजय ने अनुकरणीय प्रयास किया है। स्कूल में गार्ड की नौकरी करने वाले अजय ने कूड़े के ढेर पर उपवन (पार्क) बनाया है। इससे यहां सुबह के समय सैर करने वालों का तन और मन दोनों स्वच्छ और स्वस्थ हो रहा है। उनका मानना है कि स्वच्छता को लेकर सरकार लाखों रुपये खर्च कर रही है। हमें भी अपने चारों ओर स्वच्छ वातावरण रखने के लिए साफ-सफाई रखनी चाहिए। वातावरण स्वच्छ होगा तो विचार भी स्वच्छ होंगे।
उन्होंने बताया कि वह प्रतिदिन सुबह ड्यूटी पर जाते वक्त रास्ते में गांव के पंचायत घर के पास सड़क पर कूड़े का ढेर और दुर्गंध से परेशान हो जाते थे। उन्होंने खुद को और गांव को इससे मुक्त करने का संकल्प लिया और इस ओर कार्य करना शुरू कर दिया। उन्होेंने अपने प्रयास से कूड़े और गंदगी फेंकने वाले स्थान पर पार्क बनाया। साथ ही गांव को भी गंदगी से मुक्त कराया। अब पार्क में वहां बच्चों और महिलाएं, बुजुर्ग सुबह और शाम के समय सैर करने के लिए आते हैं। बच्चे झूला झूलते और खेलते हैं। पर्यावरण संरक्षण की दिशा में अजय की इस पहल के लिए सभी लोग उनकी सराहना करते नहीं थकते हैं।
सिर पर उठाया कूड़ा, पार्क बनाने के लिए साथियों से एकत्रित किए चंदे
अजय ने बताया कि गांव में पंचायत घर के समीप जोहड़ पास कूड़े-कचरे के ढेर के कारण हर समय बदबू आती रहती थी। वहां से गुजरना भी मुश्किल था। उन्होंने अपने साथियों के साथ मिलकर सिर कूड़ा उठाया। साथ ही साथियों ने चंदे एकत्रित कर करीब 70 हजार रुपये खर्च कर उस पार्क बनवाया। उन्होंने बताया कि अब उन्हें जब भी समय मिलता है तो पार्क की देखरेख में लग जाते हैं। पार्क में दर्जनों की तादात में पौधे लगाए हैं। इसके साथ ही बैठने के लिए कुर्सियां ओर बच्चों के झूलने के लिए झूले भी लगाए हैं। उन्होंने बताया कि गांव के निर्वमान सरपंच बलवान सिंह का भी इसमें बेहतर सहयोग रहा है।
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गांव में लगाए साइन बोर्ड
कोसली एक बड़ा कस्बा है और यहां बाहर से आए लोगों को मोहल्लेे या किसी के घर तक जाने में परेशनियों का सामना करना पड़ता था तो अजय ने गांव का नक्शा बनाकर गली के नुक्कड़ों पर साइन बोर्ड लगाए हैं ताकि किसी को परेशानी ना हो।
बेहतर कार्य के लिए सम्मानित हो चुके हैं अजय
अजय यादव शुरू से ही बहुत मेहनती है। उन्होंने सैनिक स्कूल में भी पेड़-पौधे लगा रखे हैं। साथ ही साफ-सफाई रखते हैं। इसे लेकर सैनिक स्कूल के अधिकारियों ने उन्हें सम्मनित कर चुके हैं। साथ ही कोसली की विभिन्न संस्थाएं भी उन्हें सम्मानित कर चुकी हैं। उन्होंने बताया कि इस अभियान में उनके साथी रोहतास सहयोग मिला है।
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उन्होंने बताया कि वह प्रतिदिन सुबह ड्यूटी पर जाते वक्त रास्ते में गांव के पंचायत घर के पास सड़क पर कूड़े का ढेर और दुर्गंध से परेशान हो जाते थे। उन्होंने खुद को और गांव को इससे मुक्त करने का संकल्प लिया और इस ओर कार्य करना शुरू कर दिया। उन्होेंने अपने प्रयास से कूड़े और गंदगी फेंकने वाले स्थान पर पार्क बनाया। साथ ही गांव को भी गंदगी से मुक्त कराया। अब पार्क में वहां बच्चों और महिलाएं, बुजुर्ग सुबह और शाम के समय सैर करने के लिए आते हैं। बच्चे झूला झूलते और खेलते हैं। पर्यावरण संरक्षण की दिशा में अजय की इस पहल के लिए सभी लोग उनकी सराहना करते नहीं थकते हैं।
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सिर पर उठाया कूड़ा, पार्क बनाने के लिए साथियों से एकत्रित किए चंदे
अजय ने बताया कि गांव में पंचायत घर के समीप जोहड़ पास कूड़े-कचरे के ढेर के कारण हर समय बदबू आती रहती थी। वहां से गुजरना भी मुश्किल था। उन्होंने अपने साथियों के साथ मिलकर सिर कूड़ा उठाया। साथ ही साथियों ने चंदे एकत्रित कर करीब 70 हजार रुपये खर्च कर उस पार्क बनवाया। उन्होंने बताया कि अब उन्हें जब भी समय मिलता है तो पार्क की देखरेख में लग जाते हैं। पार्क में दर्जनों की तादात में पौधे लगाए हैं। इसके साथ ही बैठने के लिए कुर्सियां ओर बच्चों के झूलने के लिए झूले भी लगाए हैं। उन्होंने बताया कि गांव के निर्वमान सरपंच बलवान सिंह का भी इसमें बेहतर सहयोग रहा है।
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गांव में लगाए साइन बोर्ड
कोसली एक बड़ा कस्बा है और यहां बाहर से आए लोगों को मोहल्लेे या किसी के घर तक जाने में परेशनियों का सामना करना पड़ता था तो अजय ने गांव का नक्शा बनाकर गली के नुक्कड़ों पर साइन बोर्ड लगाए हैं ताकि किसी को परेशानी ना हो।
बेहतर कार्य के लिए सम्मानित हो चुके हैं अजय
अजय यादव शुरू से ही बहुत मेहनती है। उन्होंने सैनिक स्कूल में भी पेड़-पौधे लगा रखे हैं। साथ ही साफ-सफाई रखते हैं। इसे लेकर सैनिक स्कूल के अधिकारियों ने उन्हें सम्मनित कर चुके हैं। साथ ही कोसली की विभिन्न संस्थाएं भी उन्हें सम्मानित कर चुकी हैं। उन्होंने बताया कि इस अभियान में उनके साथी रोहतास सहयोग मिला है।