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Rewari News: पचास लाख रुपये नहीं दिए तो पुत्र ने 5 लाख की सुपारी देकर करा दी पिता की हत्या

Sat, 14 Jun 2025 12:38 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी Updated Sat, 14 Jun 2025 12:38 AM IST
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When the father was not given Rs. 50 lakh, the son got his father killed by giving a contract of Rs. 5 lakh
फोटो : 4आरोपी, रवि व कृष्ण। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
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रेवाड़ी। पचास लाख रुपये नहीं देने पर गांव ठोठवाल निवासी बीर सिंह (62) की हत्या उसके इकलौते बेटे रवि ने ही कराई थी। उसने पिता की हत्या के लिए पुंसिका निवासी कृष्ण को पांच लाख रुपये की सुपारी दी थी। हत्याकांड का खुलासा आरोपी रवि और कृष्ण की गिरफ्तारी के बाद हुई। पुलिस की पूछताछ में आरोपी रवि ने बताया कि चार साल पहले उसके पिता बीर सिंह ने ढाई करोड़ में पांच एकड़ जमीन एक प्राइवेट कंपनी को बेची थी। जमीन पर अभी भी उनके परिवार का ही कब्जा है। उसने पिता से 50 लाख रुपये मांगे थे। रुपये नहीं मिलने पर पिता से उसका विवाद हो गया था।
इसके बाद उसने गांव पुंसिका के रहने वाले कृष्ण को अपने पिता की हत्या करने के लिए तैयार किया। इसके बदले उसने कृष्ण को पांच लाख रुपये देने की बात कही थी। इसके बाद 10 जून की सुबह कृष्ण बिजली की लाइन ठीक करने के बहाने से उनके ट्यूबवेल पर गया।
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कृष्ण ने उसके पिता बीर सिंह को भी ट्यूबवेल पर बुला लिया। वहां पहुंचने पर कृष्ण ने बीर सिंह की गर्दन पर ताबड़तोड़ चाकू से हमलाकर उनकी हत्या कर दी। चूंकि कृष्ण उनके घर और ट्यूबवेल पर बिजली का काम करने अक्सर आता था। इसके चलते उसके ऊपर बीर सिंह को शक नहीं हुआ।
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पुलिस ने दोनों आरोपियों रवि और कृष्ण को अदालत में पेश किया। इसके बाद आरोपी कृष्ण को दो दिन और रवि को एक दिन के रिमांड पर लिया है। आरोपी रवि के खिलाफ पहले भी थाना कसौला व जिला नूंह के थाना फिरोजपुर झिरका में मारपीट व आर्म्स एक्ट के दो मामले दर्ज हैं। आरोपी कृष्ण के खिलाफ भी थाना रामपुरा में मारपीट का एक मामला दर्ज है।



पोस्टमार्टम से हुआ था हत्या का खुलासा

डीएसपी सिटी जोगेंद्र शर्मा ने शुक्रवार को पत्रकारों को बताया कि 10 जून की रात पुलिस को गांव ठोठवाल निवासी बीर सिंह का शव खेत में पड़ा होने की सूचना मिली थी। पुलिस ने शव को कब्जे में ले लिया था। मौके पर सीन ऑफ क्राइम टीम को बुलाया गया था। मृतक बीर सिंह के बेटे रवि ने पुलिस को बताया कि उनके परिवार की किसी से कोई दुश्मनी नहीं है। खेत में पशु किसानों पर हमला करते रहते हैं। उसने आशंका जताई थी कि उसके पिता को किसी पशु ने ही शिकार बनाया होगा, जिससे उनकी मौत हो गई। पोस्टमार्टम के दौरान डॉक्टरों ने बीर सिंह की गर्दन पर चाकू से कई वार होने का खुलासा किया तो पुलिस ने मृतक की पत्नी सुशीला के बयान पर थाना रामपुरा में हत्या का मामला दर्ज किया। जांच में मामले का खुलासा हुआ।

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पिता की हत्या का यह पहला मामला नहीं
बेटे के हाथों पिता की हत्या की यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले गांव संगवाड़ी निवासी लाल सिंह की हत्या के आरोपी उसके दोनों बेेटे निकले थे। दोनों ने जमीनी विवाद को लेकर पिता की हत्या को अंजाम दिया था। हत्यारों ने शव को 31 मई को नहर में फेंका था। बाद में पुलिस ने इस मामले का खुलासा किया था।

ससुर के इलाज के लिए मांगे थे 50 लाख रुपये

पुलिस ने जब बीर सिंह की हत्या के मामले में आसपास के लोगों से पूछताछ की तो पता चला कि बीर सिंह ने 5 एकड़ जमीन 2.50 करोड़ रुपये मे बेची थी। पैसे को लेकर बीर सिंह और उनके बेटे के बीच विवाद हुआ था। इसी शक के आधार पर पुलिस ने मृतक के इकलौते बेटे रवि को हिरासत में लेकर पूछताछ की। आरोपी रवि ने खुलासा करते हुए बताया कि उसके ससुर राजस्थान के जयपुर में एक निजी अस्पताल में भर्ती हैं। उनके इलाज के लिए उसे 50 लाख रुपये चाहिए थे। उसने कई बार पिता से पैसे मांगे लेकिन उन्होंने रुपये देने से इनकार कर दिया। इसके बाद उसने पिता को रास्ते से हटाने की योजना बनाई और पुंसिका गांव निवासी दोस्त कृष्ण को 5 लाख रुपये की सुपारी दी थी।
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