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Hindi News ›   Haryana ›   Rewari News ›   Way to prevent people crave power and water

बिजली-पानी को तरसे लोगों ने रोका रास्ता

Tue, 22 Jul 2014 12:08 AM IST
रेवाड़ी
रेवाड़ी Updated Tue, 22 Jul 2014 12:08 AM IST
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बिजली-पानी के समस्या से परेशान होकर गांव बूढ़पुर के ग्रामीणाें ने बेरली-कोसली मार्ग पर सोमवार सुबह जाम लगा दिया। काफी संख्या में महिलाएं सड़कों पर उतर आई तथा सड़क पर अवरोधक डालकर मार्ग अवरुद्ध कर दिया। जाम की सूचना पाकर मौके पर पहुंचे थाना प्रभारी के समझाने पर भी जाम लगा रहे लोग मानने को तैयार नहीं हुए। ग्रामीण बडे़ अधिकारी को मौके पर बुलाने तथा समस्या का समाधान करवाने की मांग पर अडे़ हुए थे। दोपहर में नायब तहसीलदार ने मौके पर जाकर ग्रामीणाें की समस्या सुनी तथा समाधान का आश्वासन दिया।
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गांव बूढ़पुर के ग्रामीणों ने बताया कि बिजली-पानी की समस्या को लेकर पिछले तीन महीने से ग्रामीण लगातार उपायुक्त, जनस्वास्थ्य विभाग व बिजली विभाग के चक्कर लगा लगाकर परेशान हो चुके हैं व उन्हें बार-बार अवगत करा चुके हैं कि ग्रामीणों को बिजली-पानी उपलब्ध कराए, मगर अधिकारी मौन बने बैठे हुए हैं। ग्रामीणों के प्रतिनिधि मंडल ने दस दिन पूर्व भी अधिकारियों को अवगत कराया था कि यदि जल्द ही समस्या का समाधान नहीं किया गया तो वह बेरली रोड जाम कर देंगे, मगर अधिकारी गहरी नींद सोए हुए हैं।
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इससे परेशान होकर सोमवार को गांव की सैकड़ों महिलाओं ने सुबह करीब 8:45 बजे बेरली-कोसली रोड़ पर अवरोधक डालकर चार जगहों पर रोड़ जाम कर दिया। ग्रामीणों ने कहा कि इसके लिए जिम्मेदार जिला प्रशासन है। बिजली मंत्री कैप्टन अजय सिंह यादव बार-बार घोषणा कर रहे हैं कि जिस गांव में पिलर बॉक्स में मीटर लगेंगे, उन गांवों में चौबीस घंटे बिजली उपलब्ध होगी। जबकि उनके गांव बूढपुर में हर पिलर बॉक्स पर नौ महीने से मीटर लगे हुए हैं व हर ग्रामीण समय पर बिल भरता है, कोई डिफाल्टर नहीं है, फिर भी उन्हें मात्र आठ घंटे बिजली उपलब्ध हो रही है, जिस तरफ बिजली मंत्री का ध्यान नहीं है। यहीं हाल पानी का है।
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बूस्टिंग स्टेशन पर करोड़ाें रुपये खर्च किए गए, मगर तीन महीने से एक बूंद पानी भी गांव में उपलब्ध नहीं है। गरीब परिवारों के लोग साहूकारों से पैसे लेकर पानी भी खरीदकर पी रहे हैं। किसान अपने पशुओं को पानी न होने के कारण कोड़ियों के भाव में बेच रहे हैं। दो घंटे जाम रहने के पश्चात भी उच्च अधिकारियों ने आश्वासन के लिए पुलिस अधिकारी व जल विभाग के एसडीओ को मौके पर भेजा, लेकिन अधिकारी के आश्वासन को मानने से महिलाओं ने इंकार कर दिया। उनका कहना है कि जब तक बड़ा अधिकारी मौके पर आकर 48 घंटे में समस्या को दूर कर ने का आश्वासन नहीं देगा, तब तक हम रोड से नहीं हटेंगे।


महिलाओं ने कहा कि अगर 48 घंटे में गांव में बिजली-पानी उपलब्ध नहीं हुआ तो वह बड़ा आंदोलन करने से नहीं हिचकेंगी।  रोड जाम में मुख्य रूप से कमलेश देवी, सुनीता, ममता देवी, सुनीता शर्मा, उर्मिला देवी, सुशीला यादव, पूनम देवी, ग्राम प्रधान सुंदर (सुंदरी), केला देवी, पूर्व सरपंच विजयवीर सिंह, रोशन लाल पंच, अजय पाल पंच, जगबीर जेलदार, सुभाष यादव, जस्सू यादव, पंकज यादव, विनोद कुमार, रामचरण शर्मा व सैकड़ों की संख्या में महिलाएं व ग्रामीण उपस्थित थे। दोपहर करीब पौने दो बजे नायब तहसीलदार मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों को आश्वासन देते हुए कहा कि वह बूस्टिंग स्टेशन से गांव में पानी की आपूर्ति शुरू कर दी गई है। इसके साथ ही गांव लिसाना से अलग पाइप लाइन डालकर करीब एक माह के अंदर पानी की आपूर्ति चालू की जाएगी। इसके अलावा मंगलवार से गांव में 22 घंटे बिजली आपूर्ति की जाएगी। 
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