फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Rewari News ›   Water came into the canal after a month, now supply will be daily

Rewari News: एक माह बाद नहर में आया पानी, अब रोज होगी आपूर्ति

Sun, 25 Feb 2024 01:56 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी Updated Sun, 25 Feb 2024 01:56 AM IST
विज्ञापन
Water came into the canal after a month, now supply will be daily
रेवाड़ी। शहर की ढाई लाख की आबादी को एक माह बाद पेयजल किल्लत से राहत मिली है। जवाहर लाल नेहरू (जेएलएन) नहर में शुक्रवार की रात को पानी आने से गांव कालाका और लिसान में बने वाटर टैंकों में भंडारण शुरू कर दिया गया है। शहर में शनिवार से पेयजल आपूर्ति सुचारू कर दी है। अब आगामी 16 दिनों तक नियमित रूप से पानी की आपूर्ति होगी। अभी शहर में पिछले एक माह से एक दिन छोड़कर पानी की आपूर्ति हो रही थी। इस बार नहर में शेड्यूल अनुसार एक सप्ताह देरी से पानी आया है। शहर को कालाका और लिसाना में स्थित जलघर से पेयजल सप्लाई होती है।
विज्ञापन

दिनभर टैंकों में पानी भरने का हुआ काम:
शुक्रवार की रात से वाटर टैंकों में पानी भरने का काम हुआ। शनिवार की सुबह से फिल्टर के बाद संबंधित क्षेत्रों में सप्लाई पहुंचाने की प्रक्रिया आरंभ हुई। इन दिनों गर्मी का मौसम भी शुरू हो गया है। पेयजल संकट गहराने से लोग परेशान हैं। अधिकतम तापमान 30 डिग्री के करीब चल रहा है। अभी मार्च-अप्रैल की गर्मी बाकी है। इस दौरान निर्धारित शेड्यूल के अनुसार पानी की आपूर्ति नहीं होती है तो दिक्कतें बढ़ जाएंगी। नहरों के माध्यम से कालाका और लिसाना जलघरों (वाटर टैंकों) तक पहुंचेगा। इसके बाद इसे शहर के विभिन्न हिस्सों में पेयजल के रूप में आपूर्ति किया जाएगा। गर्मी के मौसम में शहर के ऊंचाई वाले रिहायशी इलाकों में पानी पहुंचाना काफी मुश्किल होता है।
विज्ञापन

बड़ी मोटरों से टैंक भरने में लगेगा एक सप्ताह:

जनस्वास्थ्य विभाग के अनुसार नहरी पानी सुबह वाटर टैंकों में पहुंचता है तो जल्दी लिफ्टिंग के लिए बड़ी मोटरें लगाकर जलघरों को भरा जाएगा। बड़ी मोटरों के बाद भी वाटर टैंकों को पूरी तरह भरने में एक सप्ताह लग जाएंगे इसलिए मोटर भी लगातार चलाई जाएंगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

जनसंख्या के हिसाब से नहीं स्टोरेज क्षमता:
शहर की जनसंख्या के हिसाब से पानी को स्टोर करने की क्षमता नहीं बढ़ पाई है। गांव कालका में पांच वाटर टैंक है तथा लिसाना में दो वाटर टैंक हैं, जिनमें पानी स्टोर करके रखा जाता है। शहर में सप्लाई किया जाता है। इसके अलावा कालका वाटर टैंक 10 मिलियन लीटर प्रतिदिन (एमएलडी) व लिसाना में 18 एमएलडी पानी की स्टोरेज क्षमता है। विभाग के अनुुसार कालका व लिसाना वाटर टैंक में फिल्टर यूनिटों की मेनटेनेंस का कार्य जारी है। इसके अलावा शहर को ओर वाटर टैंक की आवश्यकता है। राशनिंग के दौरान बारिश ने शहर को पेयजल समस्या से निजात दिलाई थी। नहरी पानी का शेड्यूल कुछ ऐसा है कि शहर के लोगों को हर माह पेयजल किल्लत का सामना करना पड़ता है।


-----------------
वर्जन:
नहर में पानी आते ही टैंक में भंडारण शुरू कर दिया है। शनिवार से पूर्ण रूप से पेयजल आपूर्ति शुरू कर दी गई है। लोग आवश्यकता के अनुसार ही पानी का उपयोग करें।

- हेमंत, जेई, जनस्वास्थ्य विभाग, रेवाड़ी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed