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Rewari News: मौसम बदलते ही बढ़ा वायरल का प्रकोप, दवाओं की मांग में 30 प्रतिशत तक उछाल
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फोटो : 28नागरिक अस्पताल में जुटी लोगों की भीड़। संवाद
रेवाड़ी। मौसम के मिजाज में बदलाव ने लोगों की सेहत पर असर डालना शुरू कर दिया है। कभी तेज धूप तो कभी ठंडी हवाओं के कारण लोगों को सर्दी-जुकाम, बुखार और गले में दर्द जैसी शिकायतें परेशान कर रही हैं। पिछले एक सप्ताह में शहर के मेडिकल स्टोरों पर इन बीमारियों की दवाओं की मांग में 30 प्रतिशत तक बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
शहर के दवा विक्रेताओं के अनुसार इन दिनों पैरासिटामोल, कफ सिरप, सर्दी-जुकाम की गोलियों की बिक्री में अचानक इजाफा हुआ है। दिनभर धूप और शाम होते ही ठंडक बढ़ने के कारण बच्चों और बुजुर्गों में वायरल संक्रमण तेजी से फैल रहा है। कई स्कूलों में भी बच्चों के खांसने-जुखाम करने के मामले बढ़ गए हैं।
स्थानीय मेडिकल स्टोर संचालक अजय कुमार ने बताया कि पिछले सप्ताह के मुकाबले अब मरीजों की संख्या अधिक है। लोग बुखार और गले की खराश की दवाएं ज्यादा मांग रहे हैं। वहीं चिकित्सकों का कहना है कि दिन और रात के तापमान में बड़ा अंतर इस समय स्वास्थ्य के लिए सबसे बड़ा खतरा बन गया है।
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नागरिक अस्पताल के चिकित्सकों ने बताया कि मौसम के उतार-चढ़ाव से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर पड़ जाती है जिससे वायरल संक्रमण जल्दी पकड़ लेता है। उन्होंने सलाह दी कि लोग सुबह-शाम के समय ठंड से बचाव करें, गर्म पानी पीएं और तली-भुनी चीजों से परहेज करें।
बच्चे और बुजुर्ग ज्यादा प्रभावित
रेवाड़ी शहर के स्कूलों में भी बच्चों में सर्दी-जुकाम और खांसी के मामले बढ़े हैं। कई अभिभावकों ने बताया कि सुबह स्कूल जाते समय ठंडी हवा और दोपहर की धूप के कारण बच्चों की तबीयत बिगड़ रही है। वहीं बुजुर्गों में गले की खराश, बदन दर्द और हल्का बुखार आम हो गया है। चिकित्सकों का कहना है कि यह संक्रमण तेजी से फैलता है और शुरुआती लापरवाही से हालत बिगड़ सकती है।
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दिन और रात के तापमान में 10 से 12 डिग्री का अंतर शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को प्रभावित कर रहा है। इस समय गर्म पानी का सेवन करें, ठंडी चीजों और खुले में बिकने वाले खाद्य पदार्थों से बचें। सुबह-शाम ठंडी हवा से बचाव जरूरी है। बदलते मौसम के इस दौर में सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव है। यदि खांसी-जुकाम या बुखार तीन दिन से अधिक बना रहे तो तुरंत चिकित्सक से परामर्श लें। -डॉ. गौरव यादव, फिजिशियन, नागरिक अस्पताल
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शहर के दवा विक्रेताओं के अनुसार इन दिनों पैरासिटामोल, कफ सिरप, सर्दी-जुकाम की गोलियों की बिक्री में अचानक इजाफा हुआ है। दिनभर धूप और शाम होते ही ठंडक बढ़ने के कारण बच्चों और बुजुर्गों में वायरल संक्रमण तेजी से फैल रहा है। कई स्कूलों में भी बच्चों के खांसने-जुखाम करने के मामले बढ़ गए हैं।
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स्थानीय मेडिकल स्टोर संचालक अजय कुमार ने बताया कि पिछले सप्ताह के मुकाबले अब मरीजों की संख्या अधिक है। लोग बुखार और गले की खराश की दवाएं ज्यादा मांग रहे हैं। वहीं चिकित्सकों का कहना है कि दिन और रात के तापमान में बड़ा अंतर इस समय स्वास्थ्य के लिए सबसे बड़ा खतरा बन गया है।
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नागरिक अस्पताल के चिकित्सकों ने बताया कि मौसम के उतार-चढ़ाव से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर पड़ जाती है जिससे वायरल संक्रमण जल्दी पकड़ लेता है। उन्होंने सलाह दी कि लोग सुबह-शाम के समय ठंड से बचाव करें, गर्म पानी पीएं और तली-भुनी चीजों से परहेज करें।
बच्चे और बुजुर्ग ज्यादा प्रभावित
रेवाड़ी शहर के स्कूलों में भी बच्चों में सर्दी-जुकाम और खांसी के मामले बढ़े हैं। कई अभिभावकों ने बताया कि सुबह स्कूल जाते समय ठंडी हवा और दोपहर की धूप के कारण बच्चों की तबीयत बिगड़ रही है। वहीं बुजुर्गों में गले की खराश, बदन दर्द और हल्का बुखार आम हो गया है। चिकित्सकों का कहना है कि यह संक्रमण तेजी से फैलता है और शुरुआती लापरवाही से हालत बिगड़ सकती है।
दिन और रात के तापमान में 10 से 12 डिग्री का अंतर शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को प्रभावित कर रहा है। इस समय गर्म पानी का सेवन करें, ठंडी चीजों और खुले में बिकने वाले खाद्य पदार्थों से बचें। सुबह-शाम ठंडी हवा से बचाव जरूरी है। बदलते मौसम के इस दौर में सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव है। यदि खांसी-जुकाम या बुखार तीन दिन से अधिक बना रहे तो तुरंत चिकित्सक से परामर्श लें। -डॉ. गौरव यादव, फिजिशियन, नागरिक अस्पताल