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Rewari News: ग्रामीणों को नशा न करने के प्रति किया जागरूक, एक व्यक्ति को डी-एडिक्शन सेंटर में कराया भर्ती
Sun, 15 Mar 2026 01:45 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Sun, 15 Mar 2026 01:45 AM IST
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रेवाड़ी। गांव रसगण में ग्रामीणों को नशे के दुष्प्रभाव के बारे में जागरूक करती पुलिस की नशा मुक्
रेवाड़ी। जिला पुलिस की ओर से शनिवार को निरीक्षक रामपाल के नेतृत्व में एक टीम ने गांव रसगण और डुंगरवास का दौरा कर डोर टू डोर ग्रामीणों से संपर्क किया। टीम ने ग्रामीणों के साथ बैठक कर गांवों को नशा मुक्त बनाने और युवाओं को नशे से दूर रखने को लेकर चर्चा की गई। टीम ने एक नशा पीड़ित व्यक्ति की काउंसलिंग कर उसे इलाज के लिए रेवाड़ी के डी-एडिक्शन सेंटर में भर्ती भी कराया।
टीम ने व्यक्ति को नशा छोड़कर स्वस्थ जीवन अपनाने के लिए प्रेरित किया। पुलिस के अनुसार अब तक जिले में नशे से पीड़ित 257 लोगों की पहचान की जा चुकी है जबकि 74 लोगों का इलाज भी करवाया गया है। निरीक्षक रामपाल ने कहा कि पुलिस और आमजन के सहयोग से ही नशे जैसी सामाजिक बुराई पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है।
नशा व्यक्ति के जीवन के साथ-साथ उसके पूरे परिवार को भी प्रभावित करता है। इसलिए युवाओं को इससे दूर रखना बेहद जरूरी है। उन्होंने बताया कि पुलिस के अभियान से प्रेरित होकर कई युवाओं ने नशा छोड़ने की पहल की है जिनका प्रशासन की मदद से उपचार कर उन्हें फिर से समाज की मुख्यधारा से जोड़ा जा रहा है।
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उन्होंने लोगों से अपील की कि यदि किसी को नशे के सेवन या सप्लाई की जानकारी मिले तो तुरंत मानस हेल्पलाइन 1933 या 112 पर सूचना दें। सूचना देने वाले का नाम और पता गोपनीय रखा जाएगा।
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टीम ने व्यक्ति को नशा छोड़कर स्वस्थ जीवन अपनाने के लिए प्रेरित किया। पुलिस के अनुसार अब तक जिले में नशे से पीड़ित 257 लोगों की पहचान की जा चुकी है जबकि 74 लोगों का इलाज भी करवाया गया है। निरीक्षक रामपाल ने कहा कि पुलिस और आमजन के सहयोग से ही नशे जैसी सामाजिक बुराई पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है।
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नशा व्यक्ति के जीवन के साथ-साथ उसके पूरे परिवार को भी प्रभावित करता है। इसलिए युवाओं को इससे दूर रखना बेहद जरूरी है। उन्होंने बताया कि पुलिस के अभियान से प्रेरित होकर कई युवाओं ने नशा छोड़ने की पहल की है जिनका प्रशासन की मदद से उपचार कर उन्हें फिर से समाज की मुख्यधारा से जोड़ा जा रहा है।
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उन्होंने लोगों से अपील की कि यदि किसी को नशे के सेवन या सप्लाई की जानकारी मिले तो तुरंत मानस हेल्पलाइन 1933 या 112 पर सूचना दें। सूचना देने वाले का नाम और पता गोपनीय रखा जाएगा।