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ग्रामीणों ने जड़ा सरकारी आईटीआई पर ताला

Thu, 03 Mar 2016 12:12 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/रेवाड़ी
अमर उजाला ब्यूरो/रेवाड़ी Updated Thu, 03 Mar 2016 12:12 AM IST
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villagers locked ITI
 पूर्व मंत्री कैप्टन अजय सिंह यादव के गांव में बुधवार को सरपंच आरूषी राव के नेतृत्व में ग्रामीणों एवं छात्रों ने राव अभय सिंह राजकीय आईटीआई के मुख्य गेट पर ताला जड़ दिया।
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इस दौरान ग्रामीणों ने प्रिंसिपल के खिलाफ जमकर नारेबाजी की तथा यहां पर हुई दो नियुक्तियों में क्षेत्रवाद का आरोप लगाया। सुबह 8.30 पर गेट पर लगाया गया ताला दो घंटे बाद मौके पर पहुंचे तहसीलदार नौरंगराय एवं डीएसपी सत्यपाल यादव के आश्वासन के बाद खोला गया।
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 ग्रामीणों की मांग है कि प्रिंसिपल को तबादला करने के साथ ही दोनों नियुक्तियों को रद्द किया जाए। इधर तहसीलदार के साथ उपायुक्त डॉ. यश गर्ग से मिलने पहुंचे ग्रामीणों की शिकायत सुनने के बाद उपायुक्त ने एसडीएम को मामले की जांच सौंप दी है। एसडीएम एक सप्ताह के अंदर मामले की जांच कर उपायुक्त को सौंपेंगे।
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चालीस आवेदन, चार के इंटरव्यू, हिसार के दो युवकों का चयन
सरपंच आरूषी राव एवं ग्रामीणों ने बताया कि आईटीआई में पिछले दिनों चतुर्थ श्रेणी में दो रिक्तियां निकाली गई थी। जिसमें गांव सहित अन्य चालीस लोगों ने आवेदन किया था। उनका आरोप है कि प्रिंसिपल ने केवल चार युवकों को ही इंटरव्यू के लिए बुलाया। उनमें से हिसार निवासी दो युवकों को नियुक्त कर दिया। सरपंच ने बताया कि प्रिंसिपल भी हिसार निवासी है, इसलिए सभी कायदे कानून को ताक पर रखते ये नियुक्तियों की गई है। उन्होंने बताया कि गांव ने फ्री में जमीन इसलिए दी थी कि उनके बच्चों को यहां पर रोजगार मिल सके। राव ने बताया कि मंगलवार वह ग्रामीणों के साथ आईटीआई गई और दो नियुक्तियों का आधार पूछा। इसी के साथ दोनो युवकों के मैरिट के कागज भी मांगे गए, लेकिन उन्होंने मना कर दिया। इसके बाद ग्रामीण रोष में आ गए और गेट पर ताला लगा दिया।

आईटीआई परिसर में ही शराब पीने एवं छात्रों के साथ दुर्व्यवहार के गंभीर आरोप
सरकारी आईटीआई में करीब 170 छात्र पढ़ रहे हैं, ग्रामीण कृष्ण एवं छात्र सतेंद्र का आरोप है कि प्रिंसिपल स्कूल परिसर में शराब का सेवन करते हैं। इसी के साथ वह छात्रों को भद्दी गालियां देने के साथ उनके साथ बुरा व्यवहार भी करते है। छात्रों एवं ग्रामीणों ने प्रिंसिपल के खिलाफ नारे लगाते हुए कहा कि यदि प्रिंसिपल का तबादला नहीं किया गया तो वह एक बार फिर से ताला लगाने के लिए मजबूर हो जाएंगे।

मुझे षड़यंत्र के तहत फंसाने की कोशिश
प्रिंसिपल रमेश कुमार का कहना है कि उन्हें षड़यंत्र के तहत फंसाया जा रहा है। पूरी भर्ती प्रक्रिया सरकारी नियमों के अनुसार की गई है। मेरिट के आधार पर भर्ती हुई है। सरपंच के प्रतिनिधि अभिमन्यु ने पूर्व में संस्थान में आकर गांव के ही युवक को लगाने का दबाव बनाया था। स्कूल में कोई शराब नहीं पीता। यदि बोतल दिखाई है तो वहां किसी ने रखी है। पूरे मामले के बारे में डीसी को अवगत भी करा दिया है। कुछ आवारा किस्म के छात्र हैं, जो मामले को तूल दे रहे हैं। क्योंकि उन्हें अनुशासन में रखने के लिए कहा जाता है। सभी आरोप निराधार है।

वर्जन
ग्रामीणों ने प्रिंसिपल रमेश के खिलाफ शिकायत दी है। सारे मामले की जांच के लिए एसडीएम रेवाड़ी को एक सप्ताह में जांच रिपोर्ट पेश करने के लिए निर्देश दे दिया है। जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।
-डॉ. यश गर्ग, उपायुक्त रेवाड़ी।
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