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विदेशी नस्ल के कुत्ते को पाल रहे लोग, पंजीकरण किसी का भी नहीं

Thu, 20 Oct 2022 12:24 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Thu, 20 Oct 2022 12:24 AM IST
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videshee nasl ke kutte ko paal rahe log, panjeekaran kisee ka bhee nahin
रेवाड़ी। जिले के शहरी व ग्रामीण क्षेत्र में लोग विदेशी नस्ल के कुत्ते पाल रहे हैं, लेकिन उनका पंजीकरण तक नहीं कराया है। वहीं संबंधित विभाग के पास पालतू कुत्तों का आंकड़ा तक नहीं है। विभाग में इसका पंजीकरण भी नहीं होता है। कुत्तों के हमले में कई लोग घायल हो चुके हैं। शहर की नगर परिषद, बावल व धारुहेड़ा की नगर पालिका के पास पालतू कुत्तों के पंजीकरण का कोई प्रावधान नहीं है। इससे लोग भी इनका कोई पंजीकरण नहीं करवाते हैं। ऐसे में कई बार कुत्तों के हमले से लोग घायल हो जाते हैं, इसमें प्रशासन मौन रह जाता है। अस्पताल में प्रतिदिन कुत्ते काटने के 20 से 25 मरीज आते हैं।
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शहर व ग्रामीण क्षेत्र में सैकड़ों की संख्या में लोगों ने विदेशी नस्ल के पालतू पाल रखे हैं। उनका आंकड़ा तक अधिकारियों के पास नहीं है। पिटबुल, डाबरमैन, जर्मन शेफर्ड, बॉक्सर सहित कुत्ते लोगों के घरों में हैं। ऐसे लोग कुत्तों को सुबह और शाम में लेकर टहलने निकलते हैं, पर वे नियमों का पालन नहीं करते हैं। कई बार हाथ से चेन छूटने पर दूसरे लोगों को ये काट लेते हैं।
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ऐसे हिंसक होते हैं कुत्ते
पशु चिकित्सक डॉ. राजबीर के अनुसार कुत्तों के हिंसक होने का मुख्य कारण उनका प्रवृति होता है। उनका स्वभाव बदलता है, जिससे वो कई बार हिंसक हो जाते हैं। खानपान में अंतर भी विदेशी नस्ल के कुत्तों के हिंसक होने का मुख्य कारण है, यहां लोग रोज चिकन या अन्य महंगी खाद्य सामग्री कुत्तों को नहीं परोसते हैं। इससे कुत्तों की प्रवृति खतरनाक होती है।
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नियम के अनुसार कुत्तों का होना चाहिए पंजीकरण
नियम के अनुसार में जिले के सभी पालतू कुत्तों का पंजीकरण करवाना अनिवार्य होता है, लेकिन लोग पंजीकरण नहीं करवाते हैं। पंजीकरण नहीं कराने पर ऐसे कुत्तों के मालिकों पर कार्रवाई की जाती है।

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वर्जन :
ग्रामीण क्षेत्र में किसी भी प्रकार के विदेशी व देशी नस्ल के कुत्तों का कोई पंजीकरण नहीं है और न ही लोग पंजीकरण करवाने के लिए आते हैं।
- एचपी बसंल, डीडीपीओ, रेवाड़ी।
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वर्जन :
जानकारी के अनुसार नगर परिषद में किसी भी कुत्ते का पंजीकरण नहीं हो रखा है। लोग पंजीकरण कराने भी नहीं आ रहे हैं। अगर कोई आएगा तो पंजीकरण अवश्य कर देंगे।
- सुभिता ढाका, डीएमसी, रेवाड़ी।
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