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विकल्प फाउंडेशन संस्थान में अभिभावकों का हंगामा
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विकल्प फाउंडेशन में हंगामा करते अभिभावक।
- फोटो : Rewari
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रेवाड़ी। शहर के विकल्प फाउंडेशन संस्थान में बुधवार को अभिभावकों ने जमकर हंगामा किया। परिजनों ने फाउंडेशन के प्रबंधक पर बच्चों को बंधक बनाए जाने के साथ अभद्रता करने और खुलकर धमकी देने के आरोप लगाए। बुुधवार को जिला शिक्षा अधिकारी और नोडल की टीम अभिभावकों की शिकायतों पर सुनवाई करने पहुंची तो वहां पर जमकर हंगामा हो गया। अभिभावकों ने उनके बच्चों को बंधक बनाने का आरोप लगाया है।
पानीपत के रहने वाले सुरेश शर्मा ने कहा कि उनके बच्चे ने टेस्ट पास किया था। उसके बाद सुपर 100 प्रोग्राम के तहत दाखिला मिला। इसके बाद से ही उनके बच्चे को उनसे नहीं मिलने दिया गया। उन्होंने इसकी शिकायत शिक्षा अधिकारी और डीसी से की, लेकिन कुछ नहीं हुआ। उनके बच्चे को बंधक बनाया हुआ है, जबकि जिला शिक्षा अधिकारी ने यह भी कहा कि उनके नेतृत्व में फाउंडेशन के प्रबंधक सहित चार सदस्यों की कमेटी गठित की गई है।
बता दें कि पिछले चार साल से रेवाड़ी में विकल्प फाउंडेशन संस्थान के साथ मिलकर शिक्षा विभाग ने सुपर 100 प्रोग्राम चलाया हुआ है। इसके तहत बच्चों को आईआईटी के अलावा अन्य विषयों की तैयारी कराई जाती है। इस बार विकल्प फाउंडेशन में प्रदेश के 400 बच्चे पढ़ रहे हैं। बच्चों को पढ़ाई के साथ उनके रहने और खाने तक की व्यवस्था संस्थान में ही की गई है, लेकिन ज्यादातर परिजनों का कहना है कि उनके बच्चों से कई माह से मिलने नहीं दिया जा रहा। परिजनों का आरोप है कि प्रबंधक ने एक तरह से उन्हें बंधक बनाया हुआ है। अभिभावकों का दावा है कि हम बच्चों को वापस अपने घर ले जाने के लिए मुख्यमंत्री तक को गुहार लगा चुके हैं। बुधवार को भी काफी संख्या में परिजन फाउंडेशन में एकत्रित हुए और फिर जमकर हंगामा किया। इस दौरान जिला शिक्षा अधिकारी नसीब सिंह खुद मौके पर मौजूद रहे। उनकी मौजूदगी में विकल्प फाउंडेशन के प्रबंधक पर परिजनों ने गंभीर आरोप लगाए।
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संस्थान में 400 बच्चे कर रहे पढ़ाई
जिला शिक्षा अधिकारी नसीब सिंह ने बताया कि सुपर 100 शिक्षा विभाग का प्रोग्राम है, जो पिछले चार साल से चल रहा है। विकल्प फाउंडेशन के साथ यह प्रोग्राम चलाया जा रहा है। फिलहाल यह पांचवां बैच है, जिसमें अभी 400 बच्चे पढ़ाई के साथ यहीं रह रहे हैं। विकल्प फाउंडेशन ने चार साल से बहुत अच्छा रिजल्ट दिया है। कुछ बच्चों के अभिभावकों की शिकायत मिली थी कि उनके बच्चों का मन नहीं लग रहा, जिससे वे यहां नहीं रहना चाहते हैं। इसके बाद चार सदस्यों की एक कमेटी गठित की गई थी, जिसमें 15 दिन में मीटिंग करनी थी। कुछ बच्चों को रिलीज किया जा चुका है।
अभिभावकों की राय जानने के लिए बैठक बुलाई
जिला शिक्षा अधिकारी ने कहा कि परिस्थिति के अनुसार ढलना होता है, लेकिन कुछ बच्चे नहीं ढल पाए। इसमें हमारे डीएसएस और डीएमएस नोडल अधिकारी हैं। वे लगातार निरीक्षण के लिए आते रहते हैं। मैं खुद फाउंडेशन में आता रहता हूं। सभी समस्या का समाधान करेंगे।
वहीं विकल्प फाउंडेशन के नवीन मिश्रा ने अभिभावकों के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। उनका कहना है कि उनके पास 400 से ज्यादा बच्चे हैं। उनसे खुद पूछा जा सकता है। उन्हें किसी ने बंधक नहीं बनाया हुआ। हमारा काम बच्चों को पढ़ाने का है।
वर्जन
अभिभावकों की ओर से शिकायत मिली हुई थी। चार सदस्यीय कमेटी संस्थान गठित की गई है। अभिभावक की काउंसिलिंग की जा रही है। अगर वे सहमत नहीं होते हैं तो कमेटी अपनी सिफारिश निदेशालय को भेज देगी। जिसके बाद वहां से आए पत्र के अनुसार अभिभावक अपने बच्चे को घर को ले जा सकेंगे।
- नसीब सिंह, जिला शिक्षा अधिकारी, रेवाड़ी
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पानीपत के रहने वाले सुरेश शर्मा ने कहा कि उनके बच्चे ने टेस्ट पास किया था। उसके बाद सुपर 100 प्रोग्राम के तहत दाखिला मिला। इसके बाद से ही उनके बच्चे को उनसे नहीं मिलने दिया गया। उन्होंने इसकी शिकायत शिक्षा अधिकारी और डीसी से की, लेकिन कुछ नहीं हुआ। उनके बच्चे को बंधक बनाया हुआ है, जबकि जिला शिक्षा अधिकारी ने यह भी कहा कि उनके नेतृत्व में फाउंडेशन के प्रबंधक सहित चार सदस्यों की कमेटी गठित की गई है।
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बता दें कि पिछले चार साल से रेवाड़ी में विकल्प फाउंडेशन संस्थान के साथ मिलकर शिक्षा विभाग ने सुपर 100 प्रोग्राम चलाया हुआ है। इसके तहत बच्चों को आईआईटी के अलावा अन्य विषयों की तैयारी कराई जाती है। इस बार विकल्प फाउंडेशन में प्रदेश के 400 बच्चे पढ़ रहे हैं। बच्चों को पढ़ाई के साथ उनके रहने और खाने तक की व्यवस्था संस्थान में ही की गई है, लेकिन ज्यादातर परिजनों का कहना है कि उनके बच्चों से कई माह से मिलने नहीं दिया जा रहा। परिजनों का आरोप है कि प्रबंधक ने एक तरह से उन्हें बंधक बनाया हुआ है। अभिभावकों का दावा है कि हम बच्चों को वापस अपने घर ले जाने के लिए मुख्यमंत्री तक को गुहार लगा चुके हैं। बुधवार को भी काफी संख्या में परिजन फाउंडेशन में एकत्रित हुए और फिर जमकर हंगामा किया। इस दौरान जिला शिक्षा अधिकारी नसीब सिंह खुद मौके पर मौजूद रहे। उनकी मौजूदगी में विकल्प फाउंडेशन के प्रबंधक पर परिजनों ने गंभीर आरोप लगाए।
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संस्थान में 400 बच्चे कर रहे पढ़ाई
जिला शिक्षा अधिकारी नसीब सिंह ने बताया कि सुपर 100 शिक्षा विभाग का प्रोग्राम है, जो पिछले चार साल से चल रहा है। विकल्प फाउंडेशन के साथ यह प्रोग्राम चलाया जा रहा है। फिलहाल यह पांचवां बैच है, जिसमें अभी 400 बच्चे पढ़ाई के साथ यहीं रह रहे हैं। विकल्प फाउंडेशन ने चार साल से बहुत अच्छा रिजल्ट दिया है। कुछ बच्चों के अभिभावकों की शिकायत मिली थी कि उनके बच्चों का मन नहीं लग रहा, जिससे वे यहां नहीं रहना चाहते हैं। इसके बाद चार सदस्यों की एक कमेटी गठित की गई थी, जिसमें 15 दिन में मीटिंग करनी थी। कुछ बच्चों को रिलीज किया जा चुका है।
अभिभावकों की राय जानने के लिए बैठक बुलाई
जिला शिक्षा अधिकारी ने कहा कि परिस्थिति के अनुसार ढलना होता है, लेकिन कुछ बच्चे नहीं ढल पाए। इसमें हमारे डीएसएस और डीएमएस नोडल अधिकारी हैं। वे लगातार निरीक्षण के लिए आते रहते हैं। मैं खुद फाउंडेशन में आता रहता हूं। सभी समस्या का समाधान करेंगे।
वहीं विकल्प फाउंडेशन के नवीन मिश्रा ने अभिभावकों के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। उनका कहना है कि उनके पास 400 से ज्यादा बच्चे हैं। उनसे खुद पूछा जा सकता है। उन्हें किसी ने बंधक नहीं बनाया हुआ। हमारा काम बच्चों को पढ़ाने का है।
वर्जन
अभिभावकों की ओर से शिकायत मिली हुई थी। चार सदस्यीय कमेटी संस्थान गठित की गई है। अभिभावक की काउंसिलिंग की जा रही है। अगर वे सहमत नहीं होते हैं तो कमेटी अपनी सिफारिश निदेशालय को भेज देगी। जिसके बाद वहां से आए पत्र के अनुसार अभिभावक अपने बच्चे को घर को ले जा सकेंगे।
- नसीब सिंह, जिला शिक्षा अधिकारी, रेवाड़ी