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भाड़ावास फाटक पर बनेगा अंडरपास-ओवरब्रिज, दो साल बंद रहेगा
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रेवाड़ी। भाड़ावास फाटक पर अंडरपास व ओवरब्रिज बनेगा। इसकी तैयारी कर ली गई है। जल्द ही इसे शुरू किया जाएगा। इसके लिए भाड़ावास फाटक को दो साल तक बंद करना पड़ेगा। फिलहाल, हरियाणा रोड एंड ब्रिज डेवलपमेंट कारपोरेशन लिमिटेड (एचएसआरडीसी) द्वारा बड़े वाहनों का आना-जाना बंद दिया गया है। अब छोटे वाहनों से लेकर दोपहिया वाहनों के भी आवागमन पर रोक लगाया जाएगा। इसके बाद आने-जाने वालों को लंबा रास्ता तय करना होगा।
शहर के भाड़ावास रोड पर रेवाड़ी-अलवर लाइन पर रेलवे व प्रदेश सरकार की ओर से आरओबी-आयूबी का निर्माण कराया जाना है। हरियाणा रोड एवं पुल विकास निगम लिमिटेड की ओर से अपने हिस्से का काम शुरू कर दिया गया है। एचएसआरडीसी की ओर से आरओबी निर्माण के लिए फिलिंग टेस्ट किया गया था। फिलिंग टेस्ट के लिए करीब एक हजार टन वजन जमीन पर डालकर उसकी क्षमता की जांच की गई थी। फिलिंग टेस्ट में फाटक के पास की जमीन ओवरब्रिज व अंडरपास के लिए पूरी तरह से दुरुस्त पाई गई है। अब फिलिंग मशीन मंगवाई गई है। इस मशीन की मदद से ही ओवरब्रिज के लिए पिलर की खोदाई की जाएगी। एक-एक पिलर जमीन में 25 से 30 फीट की गहराई से शुरू होगा।
शहर से खत्म हो जाएगा सीधा जुड़ाव
भाड़ावास फाटक के दूसरी ओर कई कॉलोनियां हैं तथा बड़ी संख्या में आबादी रहती है। फाटक बंद होने से इन लोगों की शहर से सीधा जुड़ाव खत्म हो जाएगा। भाड़ावास फाटक पर ओवरब्रिज और अंडरपास का निर्माण कार्य कम से कम दो साल में पूरा होगा। दो साल की इस लंबी अवधि के दौरान फाटक पार के लोगों को लंबा रास्ता तय करके शहर में प्रवेश करना होगा।
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पांच से छह किमी. का लंबा रास्ता तय करना होगा
आदर्श नगर से शहर में प्रवेश करने पर महज एक से दो किमी. का सफर तय करना पड़ता है, लेकिन फाटक बंद होने पर पांच से छह किमी. का लंबा रास्ता तय करना होगा। इतना ही नहीं भारी वाहनों को तो बाईपास के नजदीक ही रोक दिया गया है। स्थानीय लोगों की मांग है कि उनके लिए वैकल्पिक मार्ग के तौर पर छोटा रास्ता तैयार हो। दो साल तक लंबे मार्ग से आना-जाना बेहद कष्टदायी होगा। इतना ही नहीं फाटक के इस पार और उस पार कुल मिलाकर चार स्कूल भी हैं जिनमें पढ़ने वाले सैकड़ों बच्चों के लिए भी आना जाना मुश्किल होगा।
इन रास्तों से निकल सकेगा ट्रैफिक
-फाटक के दूसरी ओर बसे हंस नगर, न्यू आदर्श नगर व परशुराम कॉलोनी सहित अन्य गांवों के लोगों को बारा पत्थर रोड से होते हुए रामपुरा गांव से होते हुए आना होगा।
-जाटूवास गांव के निकट से बिठवाना गांव होते हुए बावल रोड से रेवाड़ी आया जा सकता है।
-भारी वाहनों का प्रवेश नए बाईपास के निकट से ही बंद कर दिया गया है। उन्हें हरिनगर-नारनौल रोड होते हुए आना होगा।
भाड़ावास रोड पर वाहनों का अत्यधिक है दबाव
2016 के आंकड़ों के अनुसार भाड़ावास फाटक पर यातायात घनत्व 6,36,620 था, जो अब काफी बढ़ चुका है। भाड़ावास फाटक के दूसरी ओर दर्जनों कॉलोनियां विकसित हो चुकी हैं। इसी साल अप्रैल में भाड़ावास फाटक की जीएडी को रेलवे ने मंजूर कर लिया था। एचएसआरडीसी की ओर से 37 करोड़ व रेलवे की ओर से 25 करोड़ रुपये के अलग-अलग टेंडर छोड़े गए हैं। यानी दोनों विभागों की ओर से करीब 62 करोड़ रुपये से आरओबी व आरयूबी का निर्माण कराया जाएगा।
एक-दो दिन में छोटे वाहनोें का प्रवेश होगा बंद
भाड़ावास फाटक को बंद करने के लिए जिला प्रशासन से एनओसी आनी है। अभी फिलहाल भारी वाहनों का प्रवेश बंद है। एक दो दिन में छोटे वाहनों का प्रवेश भी बंद कर दिया जाएगा। ओवरब्रिज-अंडरपास बनने तक लोगों को वैकल्पिक मार्ग से ही गुजरना होगा। साथ ही अब रेलवे भी अपना काम शुरू करने जा रहा है।
-सतेंद्र सिंह, डीजीएम, एचएसआरडीसी
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शहर के भाड़ावास रोड पर रेवाड़ी-अलवर लाइन पर रेलवे व प्रदेश सरकार की ओर से आरओबी-आयूबी का निर्माण कराया जाना है। हरियाणा रोड एवं पुल विकास निगम लिमिटेड की ओर से अपने हिस्से का काम शुरू कर दिया गया है। एचएसआरडीसी की ओर से आरओबी निर्माण के लिए फिलिंग टेस्ट किया गया था। फिलिंग टेस्ट के लिए करीब एक हजार टन वजन जमीन पर डालकर उसकी क्षमता की जांच की गई थी। फिलिंग टेस्ट में फाटक के पास की जमीन ओवरब्रिज व अंडरपास के लिए पूरी तरह से दुरुस्त पाई गई है। अब फिलिंग मशीन मंगवाई गई है। इस मशीन की मदद से ही ओवरब्रिज के लिए पिलर की खोदाई की जाएगी। एक-एक पिलर जमीन में 25 से 30 फीट की गहराई से शुरू होगा।
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शहर से खत्म हो जाएगा सीधा जुड़ाव
भाड़ावास फाटक के दूसरी ओर कई कॉलोनियां हैं तथा बड़ी संख्या में आबादी रहती है। फाटक बंद होने से इन लोगों की शहर से सीधा जुड़ाव खत्म हो जाएगा। भाड़ावास फाटक पर ओवरब्रिज और अंडरपास का निर्माण कार्य कम से कम दो साल में पूरा होगा। दो साल की इस लंबी अवधि के दौरान फाटक पार के लोगों को लंबा रास्ता तय करके शहर में प्रवेश करना होगा।
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पांच से छह किमी. का लंबा रास्ता तय करना होगा
आदर्श नगर से शहर में प्रवेश करने पर महज एक से दो किमी. का सफर तय करना पड़ता है, लेकिन फाटक बंद होने पर पांच से छह किमी. का लंबा रास्ता तय करना होगा। इतना ही नहीं भारी वाहनों को तो बाईपास के नजदीक ही रोक दिया गया है। स्थानीय लोगों की मांग है कि उनके लिए वैकल्पिक मार्ग के तौर पर छोटा रास्ता तैयार हो। दो साल तक लंबे मार्ग से आना-जाना बेहद कष्टदायी होगा। इतना ही नहीं फाटक के इस पार और उस पार कुल मिलाकर चार स्कूल भी हैं जिनमें पढ़ने वाले सैकड़ों बच्चों के लिए भी आना जाना मुश्किल होगा।
इन रास्तों से निकल सकेगा ट्रैफिक
-फाटक के दूसरी ओर बसे हंस नगर, न्यू आदर्श नगर व परशुराम कॉलोनी सहित अन्य गांवों के लोगों को बारा पत्थर रोड से होते हुए रामपुरा गांव से होते हुए आना होगा।
-जाटूवास गांव के निकट से बिठवाना गांव होते हुए बावल रोड से रेवाड़ी आया जा सकता है।
-भारी वाहनों का प्रवेश नए बाईपास के निकट से ही बंद कर दिया गया है। उन्हें हरिनगर-नारनौल रोड होते हुए आना होगा।
भाड़ावास रोड पर वाहनों का अत्यधिक है दबाव
2016 के आंकड़ों के अनुसार भाड़ावास फाटक पर यातायात घनत्व 6,36,620 था, जो अब काफी बढ़ चुका है। भाड़ावास फाटक के दूसरी ओर दर्जनों कॉलोनियां विकसित हो चुकी हैं। इसी साल अप्रैल में भाड़ावास फाटक की जीएडी को रेलवे ने मंजूर कर लिया था। एचएसआरडीसी की ओर से 37 करोड़ व रेलवे की ओर से 25 करोड़ रुपये के अलग-अलग टेंडर छोड़े गए हैं। यानी दोनों विभागों की ओर से करीब 62 करोड़ रुपये से आरओबी व आरयूबी का निर्माण कराया जाएगा।
एक-दो दिन में छोटे वाहनोें का प्रवेश होगा बंद
भाड़ावास फाटक को बंद करने के लिए जिला प्रशासन से एनओसी आनी है। अभी फिलहाल भारी वाहनों का प्रवेश बंद है। एक दो दिन में छोटे वाहनों का प्रवेश भी बंद कर दिया जाएगा। ओवरब्रिज-अंडरपास बनने तक लोगों को वैकल्पिक मार्ग से ही गुजरना होगा। साथ ही अब रेलवे भी अपना काम शुरू करने जा रहा है।
-सतेंद्र सिंह, डीजीएम, एचएसआरडीसी