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Rewari News: पर्यटन के लिए विकसित होंगे शहर के दो तालाब
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रेवाड़ी। शहर के दो प्राचीन ऐतिहासिक तालाबों को पर्यटन के लिए विकसित किया जाएगा। इसके लिए तैयारी शुरू कर दी गई है। सिंचाई विभाग की कंस्ट्रक्शन विंग की ओर से अब दोनों तालाबों को पानी से भरा जाएगा। इसके लिए जेएलएन नहर से करीब 7.4 किमी. लंबी लाइन बिछाई जाएगी। इन तालाबों को विकसित करने के लिए 3.81 करोड़ रुपये का बजट मंजूर हुआ है। अब इसकी टेंडर की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। पहले चरण में बड़ा तालाब और सेक्टर-1 स्थित सोलहराही सरोवर के जीर्णोद्धार का कार्य जारी है। दोनों तालाबों में बने घाट, बावड़ियां व सीढि़यों को संवारा जा रहा है। इन धरोहर को पुराने अस्तित्व में लौटाने के लिए यह कार्य इस साल ही पूरा होने की उम्मीद है। दोनों तालाब के सुंदरीकरण को लेकर चारों ओर से लाइटिंग भी होगी।
पर्यटन के रूप में विकसित करने के लिए इन तालाबों में भविष्य में नाव भी चलाई जा सकती है, क्योंकि इन सरोवरों की छठा देखते ही बनती है। प्राचीन होने के साथ ही इनकी बनावट भी बेहतर है। अगर पर्यटन के रूप में विकसित किया जाता है तो इससे जिले को आर्थिक मुनाफा भी होगा। दिल्ली-जयपुर हाईवे के निकट होने के कारण यहां पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। दोनों सरोवरों के जीर्णोद्धार पर लगभग 10 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं।
मंदिरों से घिरा है प्राचीन सरोवर बड़ा तालाब
बड़ा तालाब रेवाड़ी के बड़े तालाबों में एक है, जहां इसके निकट प्राचीन श्रीसंकटमोचन हनुमानजी का मंदिर भी स्थित है। साथ ही अन्य देवी-देवताओं के भी मंदिर हैं। इस तालाब का भी जीर्णोद्धार का कार्य शुरू किया जा चुका है। सबसे पहले तालाब की दीवारों की मरम्मत की जा रही है। उसके बाद साफ-सफाई का कार्य चलेगा। इस तालाब में भी साफ पानी डाला जाएगा, जिसमें भविष्य में नाव भी चलाई जा सकती है। तालाब के पास प्राचीन श्रीहनुमानजी का मंदिर है, जिसमें बड़ी संख्या में दूर-दराज से श्रद्धालु आते हैं। इसलिए यहां सबसे अधिक पर्यटकों के आने की उम्मीद भी रहेगी।
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कलात्मक कारीगरी का नायाब नमूना सोलहराही सरोवर
शहर के सेक्टर-1 स्थित सोलहराही सरोवर निर्माण कला और कारीगरी का नायाब नमूना है। तालाब तक पहुंचने के लिए खुली सीढि़यां और गुप्त रास्तों का भी निर्माण किया गया है। इसमें जाने के लिए 16 रास्तों का निर्माण भी किया गया है। यह तालाब रेवाड़ी की पुरानी धरोहरों में एक है, जिसके निकट प्राचीन भगवान भूतेश्वर महादेव मंदिर भी स्थित है। सरकार ने इस तालाब के जीर्णोद्धार का कार्य शुरू कर दिया है जो इसी साल पूरा हो जाएगा। तालाब में काफी संख्या में श्रमिक कार्य कर रहे हैं, जो सबसे पहले तालाब के चारों ओर इधर-उधर टेड़ी-मेड़ी हो रही दीवारों की मरम्मत कर रहे हैं। उसके बाद तालाब की सफाई की जाएगी और रंग-रोगन का कार्य किया जाएगा। इसके बाद इस तालाब को पर्यटन स्थल के रूप में सजाया जाएगा, जिसमें पानी भरने के बाद नाव भी उतारी जाएंगी।
जेसी-4 पंप हाउस से बिछेगी पाइपलाइन
शहर के गढ़ी बोलनी रोड स्थित जेसी-4 पंप हाउस से पाइप लाइन बिछाकर इनको भरा जाएगा। इसके लिए तीन करोड़ 81 लाख रुपये का बजट पास हुआ है। सोलहराही और बड़ा तालाब को भरने के लिए करीब साढ़े 7 किलोमीटर लंबी पाइप लाइन बिछाई जाएगी। जो गढ़ी बोलनी रोड के साथ से होते हुए राजेश पायलट चौक, आईओसी चौक से राजीव गांधी चौक होते हुए तालाब तक बिछेगी।
-संदीप यादव, एसडीओ, कंस्ट्रक्शन विंग सिंचाई विभाग रेवाड़ी।
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पर्यटन के रूप में विकसित करने के लिए इन तालाबों में भविष्य में नाव भी चलाई जा सकती है, क्योंकि इन सरोवरों की छठा देखते ही बनती है। प्राचीन होने के साथ ही इनकी बनावट भी बेहतर है। अगर पर्यटन के रूप में विकसित किया जाता है तो इससे जिले को आर्थिक मुनाफा भी होगा। दिल्ली-जयपुर हाईवे के निकट होने के कारण यहां पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। दोनों सरोवरों के जीर्णोद्धार पर लगभग 10 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं।
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मंदिरों से घिरा है प्राचीन सरोवर बड़ा तालाब
बड़ा तालाब रेवाड़ी के बड़े तालाबों में एक है, जहां इसके निकट प्राचीन श्रीसंकटमोचन हनुमानजी का मंदिर भी स्थित है। साथ ही अन्य देवी-देवताओं के भी मंदिर हैं। इस तालाब का भी जीर्णोद्धार का कार्य शुरू किया जा चुका है। सबसे पहले तालाब की दीवारों की मरम्मत की जा रही है। उसके बाद साफ-सफाई का कार्य चलेगा। इस तालाब में भी साफ पानी डाला जाएगा, जिसमें भविष्य में नाव भी चलाई जा सकती है। तालाब के पास प्राचीन श्रीहनुमानजी का मंदिर है, जिसमें बड़ी संख्या में दूर-दराज से श्रद्धालु आते हैं। इसलिए यहां सबसे अधिक पर्यटकों के आने की उम्मीद भी रहेगी।
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कलात्मक कारीगरी का नायाब नमूना सोलहराही सरोवर
शहर के सेक्टर-1 स्थित सोलहराही सरोवर निर्माण कला और कारीगरी का नायाब नमूना है। तालाब तक पहुंचने के लिए खुली सीढि़यां और गुप्त रास्तों का भी निर्माण किया गया है। इसमें जाने के लिए 16 रास्तों का निर्माण भी किया गया है। यह तालाब रेवाड़ी की पुरानी धरोहरों में एक है, जिसके निकट प्राचीन भगवान भूतेश्वर महादेव मंदिर भी स्थित है। सरकार ने इस तालाब के जीर्णोद्धार का कार्य शुरू कर दिया है जो इसी साल पूरा हो जाएगा। तालाब में काफी संख्या में श्रमिक कार्य कर रहे हैं, जो सबसे पहले तालाब के चारों ओर इधर-उधर टेड़ी-मेड़ी हो रही दीवारों की मरम्मत कर रहे हैं। उसके बाद तालाब की सफाई की जाएगी और रंग-रोगन का कार्य किया जाएगा। इसके बाद इस तालाब को पर्यटन स्थल के रूप में सजाया जाएगा, जिसमें पानी भरने के बाद नाव भी उतारी जाएंगी।
जेसी-4 पंप हाउस से बिछेगी पाइपलाइन
शहर के गढ़ी बोलनी रोड स्थित जेसी-4 पंप हाउस से पाइप लाइन बिछाकर इनको भरा जाएगा। इसके लिए तीन करोड़ 81 लाख रुपये का बजट पास हुआ है। सोलहराही और बड़ा तालाब को भरने के लिए करीब साढ़े 7 किलोमीटर लंबी पाइप लाइन बिछाई जाएगी। जो गढ़ी बोलनी रोड के साथ से होते हुए राजेश पायलट चौक, आईओसी चौक से राजीव गांधी चौक होते हुए तालाब तक बिछेगी।
-संदीप यादव, एसडीओ, कंस्ट्रक्शन विंग सिंचाई विभाग रेवाड़ी।