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Rewari News: माता रमाबाई के परिनिर्वाण दिवस पर दी श्रद्धांजलि
Tue, 28 May 2024 03:07 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Tue, 28 May 2024 03:07 AM IST
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रेवाड़ी। माता रमाबाई अम्बेडकर के चित्र पर पुष्प अर्पित कर संस्था के सदस्य। स्रोत : संस्था
रेवाड़ी। आजाद नगर स्थित माता रमाबाई सामाजिक उत्थान संस्था के प्रांगण में माता रमाबाई की 89वीं पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। प्रेस सचिव बहादुर सिंह ने बताया कि उपस्थित सदस्यों ने माता रमाबाई के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि देते हुए नमन किया।
वक्ताओं ने उनके जीवन परिचय, संघर्ष और बाबा साहेब आंबेडकर को विश्वविख्यात बनाने में अतुलनीय सहयोग के बारे में अवगत कराया। साथ ही बताया कि रमाबाई ने कैसे भयावह गरीबी के हालात में कण्डे (उपले) थाप कर बाजार में बेचकर अपने परिवार का पालन-पोषण किया। बाबा साहेब के विदेश में पढाई के दौरान तीन संतानों का इलाज न मिलने के कारण मौत का दंश झेलना पड़ा, लेकिन बाबा साहेब को पढाई से विचलित न होना पड़े इसके लिए उन्हें तीन-तीन संतानों की मौत की खबर तक नहीं दी।
इस प्रकार से वे त्यागमूर्ति कहलाई। 37 वर्ष की अल्पायु में सोमवार के ही दिन 1935 में इस संसार से हमेशा के लिए विदा हो गईं। इस अवसर पर नारायण सिंह तंवर, डॉ. अतर सिंह दहिया, बीआर पंवार, बहादुर सिंह, आरपी मेहरा आदि वक्ताओं ने अपने-अपने विचार रखे। इस अवसर पर सतबीर सिंह चौहान, अशोक चौधरी, ईश्वर सिंह, प्रताप सिंह, होशियार सिंह, प्रेमराज आदि उपस्थित थे।
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वक्ताओं ने उनके जीवन परिचय, संघर्ष और बाबा साहेब आंबेडकर को विश्वविख्यात बनाने में अतुलनीय सहयोग के बारे में अवगत कराया। साथ ही बताया कि रमाबाई ने कैसे भयावह गरीबी के हालात में कण्डे (उपले) थाप कर बाजार में बेचकर अपने परिवार का पालन-पोषण किया। बाबा साहेब के विदेश में पढाई के दौरान तीन संतानों का इलाज न मिलने के कारण मौत का दंश झेलना पड़ा, लेकिन बाबा साहेब को पढाई से विचलित न होना पड़े इसके लिए उन्हें तीन-तीन संतानों की मौत की खबर तक नहीं दी।
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इस प्रकार से वे त्यागमूर्ति कहलाई। 37 वर्ष की अल्पायु में सोमवार के ही दिन 1935 में इस संसार से हमेशा के लिए विदा हो गईं। इस अवसर पर नारायण सिंह तंवर, डॉ. अतर सिंह दहिया, बीआर पंवार, बहादुर सिंह, आरपी मेहरा आदि वक्ताओं ने अपने-अपने विचार रखे। इस अवसर पर सतबीर सिंह चौहान, अशोक चौधरी, ईश्वर सिंह, प्रताप सिंह, होशियार सिंह, प्रेमराज आदि उपस्थित थे।
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