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Rewari News: टमाटर फिर हुआ लाल, रसोई का बिगड़ा बजट
Thu, 18 Jul 2024 04:12 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Thu, 18 Jul 2024 04:12 AM IST
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रेवाड़ी। मंडी में बेचा जा रहा टमाटर। संवाद
रेवाड़ी। एक बार फिर टमाटर की कीमतें आसमान छूने लगी हैं। दो सप्ताह में टमाटर के दाम 50 रुपये से बढ़कर 80 से 100 रुपये तक हो गए हैं। इससे आम लोगों की परेशानी बढ़ रही है।
वर्षा के कारण टमाटर की फसल को काफी नुकसान हुआ है, जिससे आधी से ज्यादा खेती खत्म हो गई है। यही कारण है कि टमाटर महंगा बिक रहा है। जब तक टमाटर की नई पैदावार नहीं आती तब तक यही हालात बने रहेंगे। किसान हरिराम, संतोष, निरंजन आदि ने बताया कि टमाटर की पैदावार मई तक समाप्त हो जाती है। इसके कारण टमाटर महंगा हो जाता है। वहीं टमाटर वर्ष में दो बार उगाया जाता है, क्योंकि हर वर्ष वर्षा के मौसम में टमाटर के पौधे नष्ट हो जाते हैं। पौधे गल जाते हैं, दोबारा से नए पौधे लगाने की मजबूरी हो जाती है। इसके कारण मार्केट में टमाटर नहीं मिल पाते। अब नई पैदावार आने के बाद टमाटर के भाव में कमी आ सकती है।
सब्जी मंडी में खरीदारी कर रहीं कविता, मनीषा, रोशनी, संतोष आदि ने कहा कि बीते दो सप्ताह में टमाटर के दाम काफी अधिक होने के कारण इसका विपरीत असर रसोई के बजट पर पड़ रहा है। पहले टमाटर के साथ ही मौसमी सब्जियों के दामों में इजाफा देखने के बाद खरीदारी करने में परेशानी हो रही थी, अब टमाटर के दामों ने सिरदर्द बढ़ा दिया है।
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वर्षा के कारण टमाटर की फसल को काफी नुकसान हुआ है, जिससे आधी से ज्यादा खेती खत्म हो गई है। यही कारण है कि टमाटर महंगा बिक रहा है। जब तक टमाटर की नई पैदावार नहीं आती तब तक यही हालात बने रहेंगे। किसान हरिराम, संतोष, निरंजन आदि ने बताया कि टमाटर की पैदावार मई तक समाप्त हो जाती है। इसके कारण टमाटर महंगा हो जाता है। वहीं टमाटर वर्ष में दो बार उगाया जाता है, क्योंकि हर वर्ष वर्षा के मौसम में टमाटर के पौधे नष्ट हो जाते हैं। पौधे गल जाते हैं, दोबारा से नए पौधे लगाने की मजबूरी हो जाती है। इसके कारण मार्केट में टमाटर नहीं मिल पाते। अब नई पैदावार आने के बाद टमाटर के भाव में कमी आ सकती है।
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सब्जी मंडी में खरीदारी कर रहीं कविता, मनीषा, रोशनी, संतोष आदि ने कहा कि बीते दो सप्ताह में टमाटर के दाम काफी अधिक होने के कारण इसका विपरीत असर रसोई के बजट पर पड़ रहा है। पहले टमाटर के साथ ही मौसमी सब्जियों के दामों में इजाफा देखने के बाद खरीदारी करने में परेशानी हो रही थी, अब टमाटर के दामों ने सिरदर्द बढ़ा दिया है।
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