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Rewari News: साहबी पुल पर लगने वाले जाम से मिलेगी मुक्ति, नया पुल तैयार करने की प्रक्रिया शुरू
Tue, 08 Aug 2023 11:51 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Tue, 08 Aug 2023 11:51 PM IST
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दिल्ली-जयपुर हाईवे स्थित मसानी बैराज। स्रोत : सोशल मीडिया
रेवाड़ी। दिल्ली-जयपुर राष्ट्रीय राजमार्ग-48 पर साहबी पुल पर लगने वाले जाम से लोगों को जल्द मुक्ति मिलने वाली है। वर्षों से जाम प्वाइंट बने साहबी बैराज पुल (मसानी बैराज) के स्थान पर नया पुल तैयार किए जाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। मौजूदा पुल साहबी बैराज में आने वाले पानी की निकासी के लिए बनाए गए पिलर पर ही बनाया हुआ है, जिसका विस्तार संभव नहीं है। इसलिए राजमार्ग प्राधिकरण लोड के अनुरूप बेस तैयार करने के लिए पुराने निर्माण को तोड़कर 3 लेन का नया पुल तैयार करेगा। इसके निर्माण पर करीब 5 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।
तीन लेन का नया पुल बनने के बाद यहां लगने वाले जाम से बड़ी राहत मिलेगी। दिल्ली-जयपुर राजमार्ग-48 के गुरुग्राम से कोटपूतली तक का हिस्सा जाम के कारण सबसे अधिक बदतर स्थिति में है। राजमार्ग प्राधिकरण ने गुरुग्राम से जयपुर तक के लिए 268 करोड़ रुपये का बजट मंजूर किया है। इन सभी कार्यों के लिए टेंडर प्रक्रिया को पूरा कर वर्क ऑर्डर जारी हो चुका है। फिलहाल मानेसर एलिवेटेड फ्लाईओवर, बिलासपुर और बणीपुर चौक पर फ्लाईओवर बनाने का काम शुरू हो चुका है।
जल्द ही साहबी बैराज पर कार्य शुरू किया जाना है।
पुल की ऊंचाई कम रखी जाएगी
साहबी बैराज पर बनाए पुल की वजह से दिल्ली-जयपुर हाईवे की सड़क की ऊंचाई भी काफी अधिक है, जबकि दूसरी लेन की ऊंचाई कम है। ऐसे में मजबूती के लिए पुल की ऊंचाई को कम रखा जाना जरूरी है। राजमार्ग की लेवलिंग के लिए बैराज के बहाव क्षेत्र के लिए बनाए गए चैनल गेट के साथ पिलर को तोड़ा जाना जरूरी है। इसके बाद इसका लेवल सामान्य करके 3 लेन का नया पुल तैयार किया जाएगा। प्राधिकरण पर इस कार्य को जल्द पूरा करने के लिए दबाव भी है। फिलहाल इसके लिए सिंचाई विभाग की अनुमति ली गई है और अन्य विभागों की अनुमति के बाद ही काम प्रारंभ किया जाएगा। बताया जा रहा है कि पुराने ढांचे को तोड़कर 2024 के अंत तक यह पुल तैयार किया जाना है।
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प्रोजेक्ट मैनेजर ने बताया कि साहबी बैराज के पिलरों पर 3 लेन का नया पुल तैयार किया जाना संभव नहीं है। मौजूदा पुल इसी वजह से सिंगल लेन में है, लेकिन 3 लेन का पुल लोड के अनुरूप तैयार किया जाएगा। मौजूदा पुल का विस्तार भी संभव नहीं है। न ही इसे यातायात के लिए बंद करने का विकल्प है। बैराज का मुआयना किया जा चुका है। इसके लिए नया बेस ही तैयार करना होगा। पिलर एवं अन्य स्ट्रक्चर को तोड़ने के लिए सिंचाई विभाग से परमिशन ली गई है।
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तीन लेन का नया पुल बनने के बाद यहां लगने वाले जाम से बड़ी राहत मिलेगी। दिल्ली-जयपुर राजमार्ग-48 के गुरुग्राम से कोटपूतली तक का हिस्सा जाम के कारण सबसे अधिक बदतर स्थिति में है। राजमार्ग प्राधिकरण ने गुरुग्राम से जयपुर तक के लिए 268 करोड़ रुपये का बजट मंजूर किया है। इन सभी कार्यों के लिए टेंडर प्रक्रिया को पूरा कर वर्क ऑर्डर जारी हो चुका है। फिलहाल मानेसर एलिवेटेड फ्लाईओवर, बिलासपुर और बणीपुर चौक पर फ्लाईओवर बनाने का काम शुरू हो चुका है।
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जल्द ही साहबी बैराज पर कार्य शुरू किया जाना है।
पुल की ऊंचाई कम रखी जाएगी
साहबी बैराज पर बनाए पुल की वजह से दिल्ली-जयपुर हाईवे की सड़क की ऊंचाई भी काफी अधिक है, जबकि दूसरी लेन की ऊंचाई कम है। ऐसे में मजबूती के लिए पुल की ऊंचाई को कम रखा जाना जरूरी है। राजमार्ग की लेवलिंग के लिए बैराज के बहाव क्षेत्र के लिए बनाए गए चैनल गेट के साथ पिलर को तोड़ा जाना जरूरी है। इसके बाद इसका लेवल सामान्य करके 3 लेन का नया पुल तैयार किया जाएगा। प्राधिकरण पर इस कार्य को जल्द पूरा करने के लिए दबाव भी है। फिलहाल इसके लिए सिंचाई विभाग की अनुमति ली गई है और अन्य विभागों की अनुमति के बाद ही काम प्रारंभ किया जाएगा। बताया जा रहा है कि पुराने ढांचे को तोड़कर 2024 के अंत तक यह पुल तैयार किया जाना है।
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प्रोजेक्ट मैनेजर ने बताया कि साहबी बैराज के पिलरों पर 3 लेन का नया पुल तैयार किया जाना संभव नहीं है। मौजूदा पुल इसी वजह से सिंगल लेन में है, लेकिन 3 लेन का पुल लोड के अनुरूप तैयार किया जाएगा। मौजूदा पुल का विस्तार भी संभव नहीं है। न ही इसे यातायात के लिए बंद करने का विकल्प है। बैराज का मुआयना किया जा चुका है। इसके लिए नया बेस ही तैयार करना होगा। पिलर एवं अन्य स्ट्रक्चर को तोड़ने के लिए सिंचाई विभाग से परमिशन ली गई है।