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आधुनिक पद्धति में कई कमियां, सुधारने की जरूरी : प्रो. आनंद
Tue, 17 Feb 2026 11:19 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Tue, 17 Feb 2026 11:19 PM IST
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आईजीयू में आयोजित व्याखान में पहुंचे विद्यार्थी। स्रोत : विवि
रेवाड़ी। मीरपुर स्थित इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय में भारतीय ज्ञान परंपरा पाथवेज़ टू सेल्फ मैनेजमेंट विषय पर व्याख्यान का आयोजन किया गया। इसमें हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय के प्रबंधन विभाग के प्रोफेसर प्रो. आनंद शर्मा ने कहा कि आधुनिक शिक्षा पद्धति में कई कमियां हैं, जिन्हें सुधारने की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि औपनिवेशिक काल में लॉर्ड मैकॉले की ओर से भारतीय शिक्षा प्रणाली में किए गए बदलावों ने शिक्षा के मूल उद्देश्य को प्रभावित किया। इस व्यवस्था ने सृजनात्मक, आत्मनिर्भर और नेतृत्व क्षमता, व्यक्तित्व विकसित करने के बजाय ऐसी पीढ़ी तैयार की, जो नौकरी करने तक सीमित रह गई।
उन्होंने कहा कि पश्चिमी ज्ञान प्रणाली से भारतीय विद्यार्थियों की मौलिक चिंतन क्षमता प्रभावित हुई है। विभाग की चेयरपर्सन प्रो. समृद्धि ने कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने में भारतीय ज्ञान परंपरा की महत्वपूर्ण भूमिका है।
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उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ी को भारतीय ज्ञान परंपरा के मूल्यों और सिद्धांतों से परिचित कराना समय की आवश्यकता है। इसी उद्देश्य से प्रबंधन विभाग द्वारा इस विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया है।
इस अवसर पर विभाग से प्रो. डॉ. भारती, डॉ. जसविंदर सिंह, डॉ. सुशांत यादव, डॉ. देवेश अग्रवाल, डॉ. सुरेंद्र कुमार सहित अन्य संकाय सदस्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन शोधार्थी नेहा यादव द्वारा किया गया।
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उन्होंने कहा कि औपनिवेशिक काल में लॉर्ड मैकॉले की ओर से भारतीय शिक्षा प्रणाली में किए गए बदलावों ने शिक्षा के मूल उद्देश्य को प्रभावित किया। इस व्यवस्था ने सृजनात्मक, आत्मनिर्भर और नेतृत्व क्षमता, व्यक्तित्व विकसित करने के बजाय ऐसी पीढ़ी तैयार की, जो नौकरी करने तक सीमित रह गई।
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उन्होंने कहा कि पश्चिमी ज्ञान प्रणाली से भारतीय विद्यार्थियों की मौलिक चिंतन क्षमता प्रभावित हुई है। विभाग की चेयरपर्सन प्रो. समृद्धि ने कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने में भारतीय ज्ञान परंपरा की महत्वपूर्ण भूमिका है।
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उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ी को भारतीय ज्ञान परंपरा के मूल्यों और सिद्धांतों से परिचित कराना समय की आवश्यकता है। इसी उद्देश्य से प्रबंधन विभाग द्वारा इस विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया है।
इस अवसर पर विभाग से प्रो. डॉ. भारती, डॉ. जसविंदर सिंह, डॉ. सुशांत यादव, डॉ. देवेश अग्रवाल, डॉ. सुरेंद्र कुमार सहित अन्य संकाय सदस्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन शोधार्थी नेहा यादव द्वारा किया गया।