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सहमति संबंध के चलन से पारिवारिक रिश्ते खराब हो रहे : लक्ष्मण
Wed, 24 Dec 2025 12:34 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Wed, 24 Dec 2025 12:34 AM IST
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विधायक लक्ष्मण यादव
रेवाड़ी। भाजपा विधायक लक्ष्मण यादव ने सहमति संबंध के बढ़ते प्रचलन पर चिंता जताते हुए कहा कि इससे सामाजिक ताना-बाना और पारिवारिक रिश्ते खराब हो रहे हैं।
एमएलए हॉस्टल में पत्रकारों से बातचीत करते हुए विधायक लक्ष्मण यादव ने कहा कि समाज में सहमति संबंध की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं जिससे सामाजिक व्यवस्था पूरी तरह खराब हो रही है। कानून मान्यता देने के लिए उत्तराखंड सरकार की तर्ज पर पंजीकरण जरूरी हो। उत्तराखंड सरकार की ओर से समान नागरिक संहिता के अंतर्गत सहमति संबंध पंजीकरण का प्रावधान किया गया। इसके मानदंड और नियम तय किए गए हैं।
हरिद्वार में सहमति संबंध के 40 मामले सामने आए, जब पंजीकरण कराने के निर्देश दिए गए तो उनमें से 13 मामले ऐसे थे, जो शादीशुदा थे।विधायक ने स्पष्ट किया कि पंजीकरण से महिला सुरक्षा को मजबूती मिलेगी और छोड़ने के बाद हताशा में जीवन लीला को समाप्त करने वाले कदमों पर भी अंकुश लगेगा। उन्होंने कहा कि सहमति संबंध के मामलों में आत्महत्या का ग्राफ भी बढ़ रहा है। उनके कहा कि रेवाड़ी में तीन ऐसे मामले सामने आए हैं।
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इंसेट
मुख्यमंत्री के समक्ष रखेंगे पंजीकरण की मांग
विधायक लक्ष्मण यादव ने कहा कि सहमति संबंध में पंजीकरण शुरू करने की मांग को लेकर वे जल्द ही मुख्यमंत्री से मिलेंगे। मुलाकात के दौरान सहमति संबंध में रहने वाले लोगों के लिए मानदंड और नियम बनाने के लिए कमेटी गठित करने की मांग करेंगे। इससे सामाजिक ताना-बाना नहीं बिगड़ेगा और पारिवारिक रिश्ते भी मौजूद रहेंगे। उन्होंने सामाजिक संस्थाओं को भी इस मुहिम में जुड़ने का आह्वान किया। उत्तराखंड सरकार की ओर से मानदंड तय किया गया है कि यदि छह महीने तक कोई लीव-इन-रिलेशनशिप को पंजीकरण नहीं कराता है तो उसे 25 हजार रुपये का जुर्माना और तीन साल सजा का प्रावधान है।
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एमएलए हॉस्टल में पत्रकारों से बातचीत करते हुए विधायक लक्ष्मण यादव ने कहा कि समाज में सहमति संबंध की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं जिससे सामाजिक व्यवस्था पूरी तरह खराब हो रही है। कानून मान्यता देने के लिए उत्तराखंड सरकार की तर्ज पर पंजीकरण जरूरी हो। उत्तराखंड सरकार की ओर से समान नागरिक संहिता के अंतर्गत सहमति संबंध पंजीकरण का प्रावधान किया गया। इसके मानदंड और नियम तय किए गए हैं।
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हरिद्वार में सहमति संबंध के 40 मामले सामने आए, जब पंजीकरण कराने के निर्देश दिए गए तो उनमें से 13 मामले ऐसे थे, जो शादीशुदा थे।विधायक ने स्पष्ट किया कि पंजीकरण से महिला सुरक्षा को मजबूती मिलेगी और छोड़ने के बाद हताशा में जीवन लीला को समाप्त करने वाले कदमों पर भी अंकुश लगेगा। उन्होंने कहा कि सहमति संबंध के मामलों में आत्महत्या का ग्राफ भी बढ़ रहा है। उनके कहा कि रेवाड़ी में तीन ऐसे मामले सामने आए हैं।
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मुख्यमंत्री के समक्ष रखेंगे पंजीकरण की मांग
विधायक लक्ष्मण यादव ने कहा कि सहमति संबंध में पंजीकरण शुरू करने की मांग को लेकर वे जल्द ही मुख्यमंत्री से मिलेंगे। मुलाकात के दौरान सहमति संबंध में रहने वाले लोगों के लिए मानदंड और नियम बनाने के लिए कमेटी गठित करने की मांग करेंगे। इससे सामाजिक ताना-बाना नहीं बिगड़ेगा और पारिवारिक रिश्ते भी मौजूद रहेंगे। उन्होंने सामाजिक संस्थाओं को भी इस मुहिम में जुड़ने का आह्वान किया। उत्तराखंड सरकार की ओर से मानदंड तय किया गया है कि यदि छह महीने तक कोई लीव-इन-रिलेशनशिप को पंजीकरण नहीं कराता है तो उसे 25 हजार रुपये का जुर्माना और तीन साल सजा का प्रावधान है।