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वायरल फीवर का प्रकोप गहराया
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नागरिक अस्पताल में पर्ची कटवाने के लिए लाइन में खड़े मरीज। संवाद
- फोटो : Rewari
रेवाड़ी। बारिश के बाद बदलते मौसम में वायरल फीवर का प्रकोप गहराता जा रहा है। सरकारी अस्पताल की ओपीडी में रोजाना 300 से ज्यादा अकेले वायरल फीवर के पीड़ित मरीजों की है। इसके अलावा निजी अस्पतालों में बुखार, सर्दी के मरीजों की संख्या बढ़ी है।
जिले के नागरिक अस्पताल में प्रतिदिन में 1200 मरीज आ रहे है। जिनमें से 300 मरीज वायरल बुखार से पीड़ित होते हैं। अगस्त माह में प्रतिदिन सिविल अस्पताल में लगभग 900 मरीज आ रहे थे। मौसम बदलाव होने के चलते नागरिक अस्पताल में प्रतिदिन 1200 से अधिक मरीज आ रहे हैं। चिकित्सकों का कहना है कि बरसात थमने के बाद डेंगू और वायरल के एकाएक बढ़ता हैं। ऐसे में इस मौसम में हमें सावधानी बरतने की जरूरत हैं। अगर बुखार आता है हल्के में ना लें। विशेषज्ञ चिकित्सक को दिखाकर उचित उपचार कराएं।
पर्ची बनवाने के लिए दो घंटे का इंतजार
नागरिक अस्पताल में इन दिनों मरीजों की भीड़ इतनी बढ़ गई है कि रजिस्ट्रेशन काउंटर से पर्ची लेने में ही दो घंटे लगते हैं। फिर डॉक्टर को दिखाने के लिए चैंबर के बाहर कतार में भी इतना ही समय लगता है। कई बार तो रजिस्ट्रेशन काउंटर से पर्ची लेकर डॉक्टर को दिखाने लाइन में खड़े-खड़े ही अस्पताल का समय पूरा हो जाता है।
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वायरल बुखार के लक्षण
वायरल फीवर की शुरुआत बुखार से होती है। इसके लक्ष्णों से इसे आसानी जाना जा सकता है।
- मरीज को थकान महसूस होने लगती है।
- मांसपेशियों या बदन में दर्द शुरू हो जाता है।
- तेज बुखार, खांसी, जोड़ो में दर्द, दस्त, सर्दी, गले में दर्द, सिरदर्द, आंखों में लाली और जलन की शिकायत होने लगती है।
बदलते मौसम में ये उपाय करें- बदलते मौसम में संक्रमण का खतरा होता है। ऐसे में सूती और पर्याप्त वस्त्र पहनना चाहिए।
- खानपान पर ध्यान देने की जरूरत है। पौष्टिक आहार लेना चाहिए, इससे प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है।- पर्याप्त मात्रा में पानी पीना चाहिए। मौसमी फलों एवं सब्जियों का खाने में प्रयोग करना चाहिए। विटामिन सी वाले फल जैसे संतरा, नींबू ज्यादा लेना चाहिए क्योंकि यह शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाते हैं।- ठंडे पदार्थों का सेवन भी कई बार वायरल बुखार का कारण बन जाता है। आइसक्रीम, कोल्ड ड्रिंक का सेवन नहीं करना चाहिए, साथ ही जंक फूड से भी बचना चाहिए।
- सुबह की सैर के साथ-साथ योग भी अच्छा व्यायाम होता है।
- हाथ धोने के अलावा सफाई का भी ध्यान रखें।
- खांसते समय रुमाल से मुंह और नाक को ढक लें।
- बदलते मौसम में बारिश में भीगने से बचना चाहिए।
- गरम पानी से गरारा करें, ताकि आराम मिले।
- बाहर का खाना खाने में बचना चाहिए।
- सब्जियों को पकाने से पहले गर्म पानी से धोएं।
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जिले के नागरिक अस्पताल में प्रतिदिन में 1200 मरीज आ रहे है। जिनमें से 300 मरीज वायरल बुखार से पीड़ित होते हैं। अगस्त माह में प्रतिदिन सिविल अस्पताल में लगभग 900 मरीज आ रहे थे। मौसम बदलाव होने के चलते नागरिक अस्पताल में प्रतिदिन 1200 से अधिक मरीज आ रहे हैं। चिकित्सकों का कहना है कि बरसात थमने के बाद डेंगू और वायरल के एकाएक बढ़ता हैं। ऐसे में इस मौसम में हमें सावधानी बरतने की जरूरत हैं। अगर बुखार आता है हल्के में ना लें। विशेषज्ञ चिकित्सक को दिखाकर उचित उपचार कराएं।
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पर्ची बनवाने के लिए दो घंटे का इंतजार
नागरिक अस्पताल में इन दिनों मरीजों की भीड़ इतनी बढ़ गई है कि रजिस्ट्रेशन काउंटर से पर्ची लेने में ही दो घंटे लगते हैं। फिर डॉक्टर को दिखाने के लिए चैंबर के बाहर कतार में भी इतना ही समय लगता है। कई बार तो रजिस्ट्रेशन काउंटर से पर्ची लेकर डॉक्टर को दिखाने लाइन में खड़े-खड़े ही अस्पताल का समय पूरा हो जाता है।
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वायरल बुखार के लक्षण
वायरल फीवर की शुरुआत बुखार से होती है। इसके लक्ष्णों से इसे आसानी जाना जा सकता है।
- मरीज को थकान महसूस होने लगती है।
- मांसपेशियों या बदन में दर्द शुरू हो जाता है।
- तेज बुखार, खांसी, जोड़ो में दर्द, दस्त, सर्दी, गले में दर्द, सिरदर्द, आंखों में लाली और जलन की शिकायत होने लगती है।
बदलते मौसम में ये उपाय करें- बदलते मौसम में संक्रमण का खतरा होता है। ऐसे में सूती और पर्याप्त वस्त्र पहनना चाहिए।
- खानपान पर ध्यान देने की जरूरत है। पौष्टिक आहार लेना चाहिए, इससे प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है।- पर्याप्त मात्रा में पानी पीना चाहिए। मौसमी फलों एवं सब्जियों का खाने में प्रयोग करना चाहिए। विटामिन सी वाले फल जैसे संतरा, नींबू ज्यादा लेना चाहिए क्योंकि यह शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाते हैं।- ठंडे पदार्थों का सेवन भी कई बार वायरल बुखार का कारण बन जाता है। आइसक्रीम, कोल्ड ड्रिंक का सेवन नहीं करना चाहिए, साथ ही जंक फूड से भी बचना चाहिए।
- सुबह की सैर के साथ-साथ योग भी अच्छा व्यायाम होता है।
- हाथ धोने के अलावा सफाई का भी ध्यान रखें।
- खांसते समय रुमाल से मुंह और नाक को ढक लें।
- बदलते मौसम में बारिश में भीगने से बचना चाहिए।
- गरम पानी से गरारा करें, ताकि आराम मिले।
- बाहर का खाना खाने में बचना चाहिए।
- सब्जियों को पकाने से पहले गर्म पानी से धोएं।