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तीन विभागों के बीच फंसी शहर की मुख्य सड़क का 14 साल बाद होगा निर्माण
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रेवाड़ी। डीसी यशेंद्र सिंह की सख्ती और केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत के दखल के बाद नेशनल हाईवे अथॉरिटी के बाद नगर परिषद अधिकारियों की नींद भी टूट गई है। शहर की बदहाल मुख्य तीन सड़कों का निर्माण नगर परिषद की ओर से कराने के लिए टेंडर जारी कर दिया गया है। इसमें शहर के महाराणा प्रताप चौक से लेकर भाड़ावास रोड तक 3 विभागों के बीच फंसी सड़क का निर्माण भी होना है। वहीं इसके अलावा अग्रसेन चौक से लेकर झज्जर चौक तक नेहरू पार्क में अनाज मंडी के बीच से होती हुई पुराने हाउसिंग बोर्ड तक भी सड़क का निर्माण किया जाएगा।
बता दें कि महाराणा प्रताप चौक से लेकर भाड़ावास रोड तक की सड़क का निर्माण करीब 14 साल पहले 2007 में मार्केट कमेटी की ओर से किया गया था। कुछ साल बाद मार्केट कमेटी से सड़कों को हुड्डा को ट्रांसफर कर दिया गया। लेकिन इस दौरान कभी भी सड़क का निर्माण नहीं किया गया। कोई भी जनप्रतिनिधि सीएम या केंद्रीय मंत्री रेवाड़ी में आते तो उसे रिपेयर कर खानापूर्ति कर दी जाती थी। इसके बाद सड़क नगर परिषद को हैंडओवर कर दी गई। हुडा की ओर से नगर परिषद को ट्रांसफर किए गए इस सड़क को 4 साल से ज्यादा का समय बीत चुका है, लेकिन इस दौरान कभी भी नगर परिषद के अधिकारियों ने इसकी सुध नहीं ली। हाउस का गठन हुए भी 6 माह बीत चुके हैं, लेकिन पैचवर्क की खानापूर्ति से आगे शहर में विकास कार्य आगे नहीं बढ़ पाए। अब पिछले दिनों किरकिरी होने के बाद डीसी ने शहर की सड़कों पर संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को कार्रवाई के लिए तैयार रहने या फिर सड़क बनाने के लिए आदेश दिए थे। इसी का परिणाम है कि अब इन सड़कों के लिए टेंडर जारी किए गए हैं।
नेहरू पार्क के कार्नर से अनाज मंडी के साथ-साथ ओल्ड हाउसिंग बोर्ड तक जाने वाली सड़क इतनी बदहाल हो चुकी थी कि लोगों ने इसका इस्तेमाल करना ही छोड़ दिया था। अब टेंडर जारी होने से वर्षों बाद इस मार्ग के जीर्णोद्धार की उम्मीद बंधी है। सड़कों के नवीनीकरण से प्रमुख बाजारों की हालात में सुधार होगा। सिविल अस्पताल चौक से बाईपास जाना भी आसान होगा।
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इन सड़कों का होगा नवीनीकरण व जीर्णोद्धार
1. महाराजा अग्रसेन चौक से मोती चौक होते हुए झज्जर चौक तक, रेलवे चौक से गोकल गेट तक व पुरानी सब्जी मंडी से बारह हजारी तक की तीन सड़कों के जीर्णोद्धार पर 146 लाख रुपये की अनुमानित लागत आएगी।
2. एचएसवीपी बाईपास से सनसिटी की दीवार के साथ-साथ वार्ड नंबर दो की सड़क। इसे आम बोलचाल में कालीमाता रोड कहते हैं। इस मार्ग के निर्माण पर पर 57.88 लाख रुपये की लागत आएगी।
3. महाराणा प्रताप चौक से अनाज मंडी के रास्ते भाड़ावास रोड तक की सड़क और नेहरू पार्क के कार्नर से हाउसिंग बोर्ड कालोनी तक की दो सड़कों के निर्माण पर 258.70 लाख रुपये की अनुमानित लागत आएगी।
इस संबंध में केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री ने 2018 में सड़कों की घोषणा की थी। बावजूद इसके अधिकारियों ने कोई संज्ञान नहीं लिया। सड़कों को दुरुस्त रखना अधिकारियों की जिम्मेदारी है। इस तरह की लापरवाही बेहद गंभीर है। लोगों को सुविधाएं मिल सकें इसके चलते सीएम से बात की। इसी का परिणाम है कि टेंडर हो रहा है। नेशनल हाईवे की शहर के अंदर से 11 किलोमीटर लंबी सड़क गुजरती है, बीते दिनों जिसके दुरुस्त करने के आदेश दिए गए थे। उसका भी कार्य शुरू हो चुका है।
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बता दें कि महाराणा प्रताप चौक से लेकर भाड़ावास रोड तक की सड़क का निर्माण करीब 14 साल पहले 2007 में मार्केट कमेटी की ओर से किया गया था। कुछ साल बाद मार्केट कमेटी से सड़कों को हुड्डा को ट्रांसफर कर दिया गया। लेकिन इस दौरान कभी भी सड़क का निर्माण नहीं किया गया। कोई भी जनप्रतिनिधि सीएम या केंद्रीय मंत्री रेवाड़ी में आते तो उसे रिपेयर कर खानापूर्ति कर दी जाती थी। इसके बाद सड़क नगर परिषद को हैंडओवर कर दी गई। हुडा की ओर से नगर परिषद को ट्रांसफर किए गए इस सड़क को 4 साल से ज्यादा का समय बीत चुका है, लेकिन इस दौरान कभी भी नगर परिषद के अधिकारियों ने इसकी सुध नहीं ली। हाउस का गठन हुए भी 6 माह बीत चुके हैं, लेकिन पैचवर्क की खानापूर्ति से आगे शहर में विकास कार्य आगे नहीं बढ़ पाए। अब पिछले दिनों किरकिरी होने के बाद डीसी ने शहर की सड़कों पर संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को कार्रवाई के लिए तैयार रहने या फिर सड़क बनाने के लिए आदेश दिए थे। इसी का परिणाम है कि अब इन सड़कों के लिए टेंडर जारी किए गए हैं।
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नेहरू पार्क के कार्नर से अनाज मंडी के साथ-साथ ओल्ड हाउसिंग बोर्ड तक जाने वाली सड़क इतनी बदहाल हो चुकी थी कि लोगों ने इसका इस्तेमाल करना ही छोड़ दिया था। अब टेंडर जारी होने से वर्षों बाद इस मार्ग के जीर्णोद्धार की उम्मीद बंधी है। सड़कों के नवीनीकरण से प्रमुख बाजारों की हालात में सुधार होगा। सिविल अस्पताल चौक से बाईपास जाना भी आसान होगा।
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इन सड़कों का होगा नवीनीकरण व जीर्णोद्धार
1. महाराजा अग्रसेन चौक से मोती चौक होते हुए झज्जर चौक तक, रेलवे चौक से गोकल गेट तक व पुरानी सब्जी मंडी से बारह हजारी तक की तीन सड़कों के जीर्णोद्धार पर 146 लाख रुपये की अनुमानित लागत आएगी।
2. एचएसवीपी बाईपास से सनसिटी की दीवार के साथ-साथ वार्ड नंबर दो की सड़क। इसे आम बोलचाल में कालीमाता रोड कहते हैं। इस मार्ग के निर्माण पर पर 57.88 लाख रुपये की लागत आएगी।
3. महाराणा प्रताप चौक से अनाज मंडी के रास्ते भाड़ावास रोड तक की सड़क और नेहरू पार्क के कार्नर से हाउसिंग बोर्ड कालोनी तक की दो सड़कों के निर्माण पर 258.70 लाख रुपये की अनुमानित लागत आएगी।
इस संबंध में केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री ने 2018 में सड़कों की घोषणा की थी। बावजूद इसके अधिकारियों ने कोई संज्ञान नहीं लिया। सड़कों को दुरुस्त रखना अधिकारियों की जिम्मेदारी है। इस तरह की लापरवाही बेहद गंभीर है। लोगों को सुविधाएं मिल सकें इसके चलते सीएम से बात की। इसी का परिणाम है कि टेंडर हो रहा है। नेशनल हाईवे की शहर के अंदर से 11 किलोमीटर लंबी सड़क गुजरती है, बीते दिनों जिसके दुरुस्त करने के आदेश दिए गए थे। उसका भी कार्य शुरू हो चुका है।