फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Rewari News ›   The date for the operation is being received after one month

Rewari News: ऑपरेशन के लिए एक माह बाद मिल रही तारीख

Thu, 03 Jul 2025 11:53 PM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी Updated Thu, 03 Jul 2025 11:53 PM IST
विज्ञापन
The date for the operation is being received after one month
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

रेवाड़ी। सिविल अस्पताल में ऑपरेशन के मामले बढ़ने से अब ऑपरेशन की तिथि एक माह बाद मिल रही है। आयुष्मान भारत योजना के तहत पैनल वाले निजी अस्पतालों में अब मोतियाबिंद, बच्चेदानी और दूरबीन से पित्त की थैली के ऑपरेशन के साथ ही सांस-दमा व उल्टी-दस्त से जुड़ी बीमारियों का इलाज बंद कर दिया गया है। अब ये मामले भी सिविल अस्पताल में ही आएंगे।
सरकारी अस्पतालों में आयुष्मान के तहत अबतक 114 तरह के इलाज की सुविधा मिल रही थी। इसमें मोतियाबिंद, बच्चेदानी और दूरबीन से पित्त की थैली के ऑपरेशन के साथ ही सांस-दमा व उल्टी-दस्त से जुड़ी बीमारियां भी जुड़ गई हैं। ऐसे में अब अस्पताल में आयुष्मान के तहत 119 बीमारियों का इलाज होगा।
विज्ञापन

सिविल अस्पताल में पहले ही मोतियाबिंद और पित्त की थैली के ऑपरेशन मामले अधिक आते रहे हैं। सीएचसी और कोसली एसडीसीएच में ये ऑपरेशन नहीं होते हैं जिससे वहां के मरीजों को भी सिविल अस्पताल में ही रेफर किया जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

सर्जन के पास ओपीडी ज्यादा होने से ऑपरेशन की तिथि एक महीने बाद मिल रही है। सिविल अस्पताल में 1 माह के दौरान पित्त की थैली के 25 से ज्यादा ऑपरेशन होते हैं।
अगर आयुष्मान के तहत ऑपरेशन के मामले अधिक आए तो ऑपरेशन की तारीख और बढ़ सकती है। सिविल अस्पताल में दो सर्जन हैं, जिनमें एक ओपीडी में तो दूसरे की ड्यूटी ओटी में होती है। एक दिन में अधिकतम 3 या 4 ही ऑपरेशन हो पाते हैं।
ऐसे ही मोतियाबिंद और बच्चेदानी के ऑपरेशन भी सिविल में हो रहे हैं। इसके अलावा आयुष्मान से संबंधित सांस व दमा और उल्टी-दस्त के मरीज भी अब सिविल अस्पताल में उपचार कराएंगे।



-

आयुष्मान के तहत 5 लाख रुपये तक कैशलेस उपचार की व्यवस्था है। वर्ष 2018 से संचालित इस योजना में पहले से मौजूद बीमारियों और गंभीर बीमारियों को शामिल किया गया था।
लाभार्थी कहीं पर भी पैनल वाले अस्पताल में इन मेडिकल सेवाओं का उपयोग कर सकते हैं। हरियाणा में अलग से चिरायु योजना भी शुरू की थी, लेकिन अब इन 5 बीमारियों को सरकारी अस्पताल में जोड़ा गया है।

-

नोटिस भेजा... पांच बीमारियों का उपचार किया तो नहीं होगा भुगतान

सिविल सर्जन की ओर से सभी निजी अस्पतालों को नोटिस भेजा गया है। इसमें कहा गया है कि वे आयुष्मान के तहत मोतियाबिंद, बच्चेदानी और दूरबीन से पित्त की थैली के ऑपरेशन के साथ सांस-दमा व उल्टी-दस्त से जुड़ी बीमारियों का इलाज नहीं करें। आयुष्मान कार्ड धारकों को यदि इन 5 बीमारियों का इलाज उपलब्ध कराया गया तो उसका भुगतान नहीं किया जाएगा। एनएचएम के अधिकारियों को पोर्टल भी जल्द अपडेट करने को कहा है, ताकि अगर कोई निजी अस्पातल में इन 5 बीमारियों का इलाज करना भी चाहे या गलती से कर दें तो पोर्टल उसके खर्च को स्वीकार नहीं करेगा।


-

वर्जन

सरकारी अस्पतालों में आयुष्मान के तहत अबतक 114 तरह के इलाज की सुविधा मिल रही थी। अब इसमें 5 और जुड़ गई हैं। अब 119 तरह के इलाज की सुविधा मिल रही है। सरकार का यह सराहनीय कदम है। - डॉ. भंवर सिंह, डिप्टी सिविल सर्जन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed