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करोड़ों रुपये के अनुदान के बाद भी नहीं सुधरी खोरी गांव की दशा
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कुंड। जिला मुख्यालय से करीब 10 किलोमीटर दूर खोरी गांव में चुनाव की सरगर्मियां तेज हो गई हैं। प्रत्याशियों ने भी चुनाव प्रचार में तेजी ला दी है। गांव में पहुंचने वाले प्रत्याशियों से ग्रामीण यही कह रहे हैं कि उन्हें वोट देंगे, जो उनके गांव की समस्या दूर करेगा। गांव में खारा पानी, जल निकासी, गलियों में जलभराव और जर्जर मार्ग की समस्याएं प्रमुख हैं। करोड़ों रुपये अनुदान के बाद भी गांव की दशा नहीं सुधरी है। इस बार चुनाव में इसे ही मुद्दा बनाया गया है। गांव की आबादी करीब 7000 और 3 हजार मतदाता हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि गांव में पशुओं के लिए बने जोहड़ में साफ पानी का न होना बड़ी समस्या है। इसे नहरी पानी से नहीं भरवाया जाता है। इस ओर किसी का भी ध्यान नहीं है। गांव में खारा पानी पीने को ग्रामीण मजबूर हैं। वहीं गलियों में हमेशा गंदा पानी भरा रहता है। ग्राम पंचायत व जिला पार्षद सहित दोनों प्रतिनिधियों द्वारा करोड़ों रुपये की ग्रांट लगाने के बाद भी गांव में विकास कार्यों को लेकर कोई खास सुधार नहीं हुआ है। वहीं ग्रामीणों को गांव से रेवाड़ी या अन्य स्थानों पर जाने के लिए करीब दो से तीन किलोमीटर पैदल चलकर खोरी स्टेशन या बस स्टैंड पर आना पड़ता है, जिससे काफी परेशानी होती है। वहीं विद्यार्थियों ने बताया कि स्कूल व कॉलेज जाने के लिए बस स्टॉप पर कोई टीनशेड नहीं बनवाया गया है और रोडवेज बस का भी ठहराव भी नहीं होता है। इससे उनको अपने निजी वाहनों से जाना पड़ता है। ऐसे में टेंपो चालक मनमाना किराया वसूल करते हैं।
क्या कहते हैं ग्रामीण
ग्रामीण खारा पानी पीने को मजबूर हैं। वहीं, गंदे पानी की निकासी का भी कोई समाधान नहीं है। गलियों में गंदा पानी भरा रहता है। इससे मक्खी मच्छर पनप रहे हैं। गांव से जिला पार्षद होने से भी कोई भी स्थायी समाधान नहीं करवाया गया है। समस्याओं का निदान कराने वाले को ही वोट देंगे। इसके लिए जांचा और परखा जा रहा है।
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- हरिओम शर्मा, ग्रामीण
ग्राम पंचायत द्वारा विकास कार्य तो करवाए गए हैं, लेकिन खारा पानी की समस्या अभी भी बनी हुई है। वहीं सरपंच ने दो आरओ भी लगवाए है। गलियों को भी पक्का करवाया गया है। अभी गंदे पानी की निकासी का कोई समाधान नहीं किया गया है। इस चुनाव में समस्याएं ही मुख्य मुद्दा है।
-विनोद कुमार ग्रामीण
हमारे गांव में गंदे पानी निकासी की मुख्य समस्या है। वहीं पशुओं के लिए जोहड़ में हमेशा गंदा पानी भरा रहता है। उसको निकलवाकर नहर का पानी भरवाया जाए। अबकी बार नई पंचायत आने पर उम्मीद है कि इन समस्याओं का समाधान हो सकेगा।
-हंसराज कुमार, ग्रामीण
हमारी पंचायत ने पीने का पानी की समस्या के लिए दो नए ट्यूबवेल लगवाए हैं। सरकारी स्कूल की नई बिल्डिंग का निर्माण करवाया गया। बच्चों के लिए आंगनबाड़ी की बिल्डिंग बनवाई। सभी गलियों को पक्का निर्माण करवाया गया। ग्राम पंचायत ने लगभग सभी विकास कार्य बिना भेदभाव के करवाए हैं। -संजय कुमार, ग्रामीण
कोट
ग्राम पंचायत में करीब 90 लाख रुपये के विकास कार्य करवाए हैं। सरकारी स्कूल की करीब साढ़े सात करोड़ रुपये की लागत से नई बिल्डिंग बनवाई। गांव में 16 सार्वजनिक शौचालय बनवाए हैं। आगंनबाड़ी व पीने के पानी के आरओ लगवाए हैं। अभी भी गांव की गंदे पानी की निकासी को स्थायी समाधान नहीं हो सका है।
-पूजा शर्मा, निवर्तमान सरपंच, खोरी
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ग्रामीणों का कहना है कि गांव में पशुओं के लिए बने जोहड़ में साफ पानी का न होना बड़ी समस्या है। इसे नहरी पानी से नहीं भरवाया जाता है। इस ओर किसी का भी ध्यान नहीं है। गांव में खारा पानी पीने को ग्रामीण मजबूर हैं। वहीं गलियों में हमेशा गंदा पानी भरा रहता है। ग्राम पंचायत व जिला पार्षद सहित दोनों प्रतिनिधियों द्वारा करोड़ों रुपये की ग्रांट लगाने के बाद भी गांव में विकास कार्यों को लेकर कोई खास सुधार नहीं हुआ है। वहीं ग्रामीणों को गांव से रेवाड़ी या अन्य स्थानों पर जाने के लिए करीब दो से तीन किलोमीटर पैदल चलकर खोरी स्टेशन या बस स्टैंड पर आना पड़ता है, जिससे काफी परेशानी होती है। वहीं विद्यार्थियों ने बताया कि स्कूल व कॉलेज जाने के लिए बस स्टॉप पर कोई टीनशेड नहीं बनवाया गया है और रोडवेज बस का भी ठहराव भी नहीं होता है। इससे उनको अपने निजी वाहनों से जाना पड़ता है। ऐसे में टेंपो चालक मनमाना किराया वसूल करते हैं।
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क्या कहते हैं ग्रामीण
ग्रामीण खारा पानी पीने को मजबूर हैं। वहीं, गंदे पानी की निकासी का भी कोई समाधान नहीं है। गलियों में गंदा पानी भरा रहता है। इससे मक्खी मच्छर पनप रहे हैं। गांव से जिला पार्षद होने से भी कोई भी स्थायी समाधान नहीं करवाया गया है। समस्याओं का निदान कराने वाले को ही वोट देंगे। इसके लिए जांचा और परखा जा रहा है।
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- हरिओम शर्मा, ग्रामीण
ग्राम पंचायत द्वारा विकास कार्य तो करवाए गए हैं, लेकिन खारा पानी की समस्या अभी भी बनी हुई है। वहीं सरपंच ने दो आरओ भी लगवाए है। गलियों को भी पक्का करवाया गया है। अभी गंदे पानी की निकासी का कोई समाधान नहीं किया गया है। इस चुनाव में समस्याएं ही मुख्य मुद्दा है।
-विनोद कुमार ग्रामीण
हमारे गांव में गंदे पानी निकासी की मुख्य समस्या है। वहीं पशुओं के लिए जोहड़ में हमेशा गंदा पानी भरा रहता है। उसको निकलवाकर नहर का पानी भरवाया जाए। अबकी बार नई पंचायत आने पर उम्मीद है कि इन समस्याओं का समाधान हो सकेगा।
-हंसराज कुमार, ग्रामीण
हमारी पंचायत ने पीने का पानी की समस्या के लिए दो नए ट्यूबवेल लगवाए हैं। सरकारी स्कूल की नई बिल्डिंग का निर्माण करवाया गया। बच्चों के लिए आंगनबाड़ी की बिल्डिंग बनवाई। सभी गलियों को पक्का निर्माण करवाया गया। ग्राम पंचायत ने लगभग सभी विकास कार्य बिना भेदभाव के करवाए हैं। -संजय कुमार, ग्रामीण
कोट
ग्राम पंचायत में करीब 90 लाख रुपये के विकास कार्य करवाए हैं। सरकारी स्कूल की करीब साढ़े सात करोड़ रुपये की लागत से नई बिल्डिंग बनवाई। गांव में 16 सार्वजनिक शौचालय बनवाए हैं। आगंनबाड़ी व पीने के पानी के आरओ लगवाए हैं। अभी भी गांव की गंदे पानी की निकासी को स्थायी समाधान नहीं हो सका है।
-पूजा शर्मा, निवर्तमान सरपंच, खोरी