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Rewari News: आयुर्वेदिक अस्पताल का भवन अगले माह बनकर होगा तैयार
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फोटो : 1सेक्टर-4 में बन रहा आयुर्वेदिक भवन। संवाद
रेवाड़ी। शहर के सेक्टर-4 स्थित आयुर्वेदिक भवन अगले माह में आयुष विभाग के सुपुर्द कर दिया जाएगा। अभी यहां फिनिशिंग, खिड़की, बिजली और दरवाजे का काम होना बाकी है। उम्मीद है कि इस भवन में अगस्त से ओपीडी शुरू हो जाएगी जिससे मरीजों को सुविधा होगी।
आयुर्वेदिक अस्पताल भवन का निर्माण पांच साल से जारी है। इस पर 60 लाख से अधिक लागत आई है। भवन का कार्य लगभग एक साल रुका हुआ था क्योंकि कुछ बजट मंजूर नहीं हुआ था। अब लगभग 9 लाख रुपये का बजट मिला है। उसी से यह कार्य हो रहा है।
आयुष विभाग के सुपुर्द भवन किए जाने के बाद जिला आयुर्वेदिक अधिकारी, होम्योपैथी, पंचकर्म विशेषज्ञ एक ही जगह पर बैठेंगे। आयुष विभाग की नई बिल्डिंग का निर्माण होने पर आयुष में सुविधाओं का भी विस्तार हो जाएगा।
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इसमें पंचकर्म और योग की सुविधाएं मिलेगी। इन सब के लिए नई बिल्डिंग के बनने पर पर्याप्त जगह उपलब्ध होगी। योग के लिए बिल्डिंग के पीछे ही अलग से हाल का निर्माण कराया गया है। अगर कोई मरीज आता है तो उसको योग के माध्यम से किसी सुविधा जरूरत पड़ती है तो वहां पर योग का भी अभ्यास कराया जाता है। योग में थैरेपी भी शुरू की जाएगी।
नेचुरोपैथी सेंटर बनाया गया:
आयुर्वेद अस्पताल के भवन के पीछे अलग से नेचुरोपैथी सेंटर भी बनाया गया है। इसमें प्राकृतिक तरीके से इलाज किया जाने लगा है। इस पद्धति में मिट्टी पट्टी, सूर्य स्नान, भाप स्नान और योग से बीमारियों का इलाज किया जा रहा है। नेचुरोपैथी उपचार के लिए पंच तत्वों आकाश, जल, अग्नि, वायु और पृथ्वी को आधार मानकर चिकित्सा प्रदान की जाती है।
प्राकृतिक चिकित्सा पद्धति पंच महाभूतत्व (मिट्टी, पानी, धूप, हवा व आकाश) पर आधारित है। योग केंद्र में षट्कर्म क्रिया के अंतर्गत नेति, कपालभांति, धौति, नौलि, त्राटक क्रियाओं का अभ्यास भी कराया जा रहा है। अगर किसी को योग की जरूरत होती है तो उनको यहां अभ्यास के बाद घर पर प्रैक्टिस करने के बारे में भी बताया जाता है। इन क्रिया से शरीर के सभी अंग को मजबूती मिलती है।
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वर्जन:
पंचायती राज विभाग के अधिकारियों से भवन को लेकर बातचीत हुई थी। उन्होंने बताया था कि अगस्त माह में भवन का कार्य पूरा कर आपको सौंप दिया जाएगा। इसमें अभी काम चल रहा है। आयुर्वेद अस्पताल का नया भवन मिलने के बाद सुविधाओं में विस्तार होगा। साथ ही ओपीडी शुरू हो जाएगी।
- डॉ. बसंत, जिला आयुर्वेद अधिकारी
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आयुर्वेदिक अस्पताल भवन का निर्माण पांच साल से जारी है। इस पर 60 लाख से अधिक लागत आई है। भवन का कार्य लगभग एक साल रुका हुआ था क्योंकि कुछ बजट मंजूर नहीं हुआ था। अब लगभग 9 लाख रुपये का बजट मिला है। उसी से यह कार्य हो रहा है।
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आयुष विभाग के सुपुर्द भवन किए जाने के बाद जिला आयुर्वेदिक अधिकारी, होम्योपैथी, पंचकर्म विशेषज्ञ एक ही जगह पर बैठेंगे। आयुष विभाग की नई बिल्डिंग का निर्माण होने पर आयुष में सुविधाओं का भी विस्तार हो जाएगा।
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इसमें पंचकर्म और योग की सुविधाएं मिलेगी। इन सब के लिए नई बिल्डिंग के बनने पर पर्याप्त जगह उपलब्ध होगी। योग के लिए बिल्डिंग के पीछे ही अलग से हाल का निर्माण कराया गया है। अगर कोई मरीज आता है तो उसको योग के माध्यम से किसी सुविधा जरूरत पड़ती है तो वहां पर योग का भी अभ्यास कराया जाता है। योग में थैरेपी भी शुरू की जाएगी।
नेचुरोपैथी सेंटर बनाया गया:
आयुर्वेद अस्पताल के भवन के पीछे अलग से नेचुरोपैथी सेंटर भी बनाया गया है। इसमें प्राकृतिक तरीके से इलाज किया जाने लगा है। इस पद्धति में मिट्टी पट्टी, सूर्य स्नान, भाप स्नान और योग से बीमारियों का इलाज किया जा रहा है। नेचुरोपैथी उपचार के लिए पंच तत्वों आकाश, जल, अग्नि, वायु और पृथ्वी को आधार मानकर चिकित्सा प्रदान की जाती है।
प्राकृतिक चिकित्सा पद्धति पंच महाभूतत्व (मिट्टी, पानी, धूप, हवा व आकाश) पर आधारित है। योग केंद्र में षट्कर्म क्रिया के अंतर्गत नेति, कपालभांति, धौति, नौलि, त्राटक क्रियाओं का अभ्यास भी कराया जा रहा है। अगर किसी को योग की जरूरत होती है तो उनको यहां अभ्यास के बाद घर पर प्रैक्टिस करने के बारे में भी बताया जाता है। इन क्रिया से शरीर के सभी अंग को मजबूती मिलती है।
वर्जन:
पंचायती राज विभाग के अधिकारियों से भवन को लेकर बातचीत हुई थी। उन्होंने बताया था कि अगस्त माह में भवन का कार्य पूरा कर आपको सौंप दिया जाएगा। इसमें अभी काम चल रहा है। आयुर्वेद अस्पताल का नया भवन मिलने के बाद सुविधाओं में विस्तार होगा। साथ ही ओपीडी शुरू हो जाएगी।
- डॉ. बसंत, जिला आयुर्वेद अधिकारी