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Rewari News: बजट आर्थिक विकास के साथ रोजगार और आय में बढ़ोतरी का रास्ता खोलेगा
Wed, 28 Jan 2026 11:52 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Wed, 28 Jan 2026 11:52 PM IST
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सीए जतिन सैनी, पूर्व अध्यक्ष, आईसीएआई।
रेवाड़ी। मार्च में पेश होने वाले हरियाणा सरकार के बजट को लेकर आम नागरिकों से सुझाव मांगे जाने के बाद समाज के विभिन्न वर्गों में बजट की चर्चा तेज हो गई है। विशेष रूप से नौकरीपेशा वर्ग और युवा को बजट से उम्मीदें हैं। लोगों को उम्मीद है कि यह बजट आर्थिक विकास के साथ रोजगार और आय में बढ़ोतरी का रास्ता खोलेगा।
नौकरीपेशा व युवा वर्ग का मानना है कि आने वाला बजट विकास को गति देने वाला होना चाहिए। चूंकि कर सरलीकरण और सस्ते क्रेडिट जैसे बुनियादी सुधार पहले ही लागू किए जा चुके हैं, ऐसे में अब सरकार का मुख्य फोकस बाजार में डिमांड बढ़ाने और खपत को प्रोत्साहित करने पर होना चाहिए। इससे उद्योगों को गति मिलेगी और नए रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
वहीं बजट 2026 से आम नागरिकों को आयकर में राहत, महंगाई पर नियंत्रण और रोजगार के नए अवसरों की उम्मीद है। युवाओं के लिए कौशल विकास, स्टार्टअप और शिक्षा बजट में बढ़ोतरी को जरूरी बताया गया है। इनका मानना है कि स्वास्थ्य, शिक्षा, महिला सशक्तीकरण, हरित ऊर्जा, डिजिटल अर्थव्यवस्था और एमएसएमई सेक्टर को प्राथमिकता देकर सरकार आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को और मजबूती दे सकती है।
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आने वाला बजट विकास को गति देने वाला होना चाहिए। चूंकि कर सरलीकरण और सस्ता क्रेडिट जैसी बुनियादी सुधार पहले ही लागू हो चुके हैं। इसलिए अब सरकार का पूरा फोकस बाजार में डिमांड बढ़ाने और खपत को प्रोत्साहन देने पर होना चाहिए। साथ ही समावेशी विकास सुनिश्चित करने के लिए एमएसएमई, मैन्युफैक्चरिंग और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत प्रोत्साहन की दरकार है। इन कदमों से न केवल निवेश का माहौल सुधरेगा, बल्कि घरेलू निवेशकों की भागीदारी भी और सशक्त होगी।-सीए जतिन सैनी, पूर्व अध्यक्ष, आईसीएआई
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बजट से संतुलित और समावेशी विकास की उम्मीद है। आम नागरिकों को आयकर में राहत, महंगाई पर नियंत्रण और रोजगार के नए अवसरों की अपेक्षा है। किसानों के लिए सिंचाई और कृषि तकनीक पर अधिक निवेश जरूरी है। युवाओं के लिए कौशल विकास, स्टार्टअप और शिक्षा बजट बढ़ाने की आवश्यकता है। स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्र में बुनियादी ढांचे को मजबूत करना प्राथमिकता होनी चाहिए। हरित ऊर्जा, डिजिटल अर्थव्यवस्था और एमएसएमई को प्रोत्साहन करना चाहिए।-सीए रॉकी
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बजट से मध्यम वर्ग को कर राहत मिलने की उम्मीद है जिससे उनकी बचत और खर्च करने की क्षमता बढ़ सके। स्टार्टअप के लिए नई प्रोत्साहन योजनाएं लाए जाने की संभावना है जिससे नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही कर कानूनों में स्थिरता बनाए रखने और कर-विवादों को कम करने के लिए व्यावहारिक उपाय किए जा सकते हैं जिससे करदाताओं का भरोसा मजबूत होगा और कारोबारी माहौल बेहतर बनेगा।-सीए आकाश गौर
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सरकार से उम्मीद की जा रही है कि नए इनकम टैक्स बिल के साथ न्यू टैक्स रिजीम को और अधिक व्यावहारिक व आकर्षक बनाया जाएगा। जिस तरह ओल्ड टैक्स रिजीम में करदाताओं को कई तरह की डिडक्शन का लाभ मिलता है, उनमें से कुछ महत्वपूर्ण छूटों को न्यू टैक्स रिजीम में भी शामिल किया जाना चाहिए। इससे परिवारों को अधिक बचत के लिए प्रोत्साहन मिलेगा और उनकी जेब में अतिरिक्त पैसा बचेगा, जो खपत बढ़ाने में सहायक होगा।-सीए जितेश अग्रवाल
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नौकरीपेशा व युवा वर्ग का मानना है कि आने वाला बजट विकास को गति देने वाला होना चाहिए। चूंकि कर सरलीकरण और सस्ते क्रेडिट जैसे बुनियादी सुधार पहले ही लागू किए जा चुके हैं, ऐसे में अब सरकार का मुख्य फोकस बाजार में डिमांड बढ़ाने और खपत को प्रोत्साहित करने पर होना चाहिए। इससे उद्योगों को गति मिलेगी और नए रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
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वहीं बजट 2026 से आम नागरिकों को आयकर में राहत, महंगाई पर नियंत्रण और रोजगार के नए अवसरों की उम्मीद है। युवाओं के लिए कौशल विकास, स्टार्टअप और शिक्षा बजट में बढ़ोतरी को जरूरी बताया गया है। इनका मानना है कि स्वास्थ्य, शिक्षा, महिला सशक्तीकरण, हरित ऊर्जा, डिजिटल अर्थव्यवस्था और एमएसएमई सेक्टर को प्राथमिकता देकर सरकार आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को और मजबूती दे सकती है।
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आने वाला बजट विकास को गति देने वाला होना चाहिए। चूंकि कर सरलीकरण और सस्ता क्रेडिट जैसी बुनियादी सुधार पहले ही लागू हो चुके हैं। इसलिए अब सरकार का पूरा फोकस बाजार में डिमांड बढ़ाने और खपत को प्रोत्साहन देने पर होना चाहिए। साथ ही समावेशी विकास सुनिश्चित करने के लिए एमएसएमई, मैन्युफैक्चरिंग और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत प्रोत्साहन की दरकार है। इन कदमों से न केवल निवेश का माहौल सुधरेगा, बल्कि घरेलू निवेशकों की भागीदारी भी और सशक्त होगी।-सीए जतिन सैनी, पूर्व अध्यक्ष, आईसीएआई
बजट से संतुलित और समावेशी विकास की उम्मीद है। आम नागरिकों को आयकर में राहत, महंगाई पर नियंत्रण और रोजगार के नए अवसरों की अपेक्षा है। किसानों के लिए सिंचाई और कृषि तकनीक पर अधिक निवेश जरूरी है। युवाओं के लिए कौशल विकास, स्टार्टअप और शिक्षा बजट बढ़ाने की आवश्यकता है। स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्र में बुनियादी ढांचे को मजबूत करना प्राथमिकता होनी चाहिए। हरित ऊर्जा, डिजिटल अर्थव्यवस्था और एमएसएमई को प्रोत्साहन करना चाहिए।-सीए रॉकी
बजट से मध्यम वर्ग को कर राहत मिलने की उम्मीद है जिससे उनकी बचत और खर्च करने की क्षमता बढ़ सके। स्टार्टअप के लिए नई प्रोत्साहन योजनाएं लाए जाने की संभावना है जिससे नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही कर कानूनों में स्थिरता बनाए रखने और कर-विवादों को कम करने के लिए व्यावहारिक उपाय किए जा सकते हैं जिससे करदाताओं का भरोसा मजबूत होगा और कारोबारी माहौल बेहतर बनेगा।-सीए आकाश गौर
सरकार से उम्मीद की जा रही है कि नए इनकम टैक्स बिल के साथ न्यू टैक्स रिजीम को और अधिक व्यावहारिक व आकर्षक बनाया जाएगा। जिस तरह ओल्ड टैक्स रिजीम में करदाताओं को कई तरह की डिडक्शन का लाभ मिलता है, उनमें से कुछ महत्वपूर्ण छूटों को न्यू टैक्स रिजीम में भी शामिल किया जाना चाहिए। इससे परिवारों को अधिक बचत के लिए प्रोत्साहन मिलेगा और उनकी जेब में अतिरिक्त पैसा बचेगा, जो खपत बढ़ाने में सहायक होगा।-सीए जितेश अग्रवाल

सीए जतिन सैनी, पूर्व अध्यक्ष, आईसीएआई।

सीए जतिन सैनी, पूर्व अध्यक्ष, आईसीएआई।

सीए जतिन सैनी, पूर्व अध्यक्ष, आईसीएआई।