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सामान्य कैटेगरी के पासधारको की लॉकडाउन राशि रिफंड करेगा विभाग
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रेवाड़ी। बस स्टैंड पर खड़ी रोडवेज बस।
- फोटो : Rewari
रेवाड़ी। गत वर्ष लगाए गए लॉकडाउन के दौरान रोडवेज में सफर नहीं करने वाले सामान्य कैटेगरी के पासधारकों को परिवहन विभाग की ओर से पैसे रिफंड किए जाएंगे। इसे लेकर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जिस भी यात्री का पास बना हुआ है और वह लॉकडाउन के दौरान बसों में सफर नहीं कर पाया है वह रोडवेज कार्यालय से अपने पैसे वापस ले सकता है। परिवहन विभाग के इस फैसले से जिले के 2000 लोगों को राहत मिलेगी।
बता दें कि कोरोना संक्रमण के कारण 21 मार्च 2020 से लेकर 31 मई 2020 तक संपूर्ण लॉकडाउन लगाया गया था। इसके चलते रोडवेज बसों के पहिये पूरी तरह से थम गए थे। जून में बसें चलनी शुरू हो गई थीं। इसलिए परिवहन विभाग ने 21 मार्च 2020 से लेकर 31 मई 2020 तक लॉकडाउन अवधि के दो महीने के बस पास के पैसे वापस करने के निर्देश दिए हैं।
आठ हजार राशि मुख्यालय से की जाएगी रिफंड :
रोडवेज मुख्यालय की ओर से जारी पत्र के अनुसार आठ हजार रुपये तक की राशि को डिपो स्तर पर ही वापस किया जाएगा। लेकिन अगर पास की राशि आठ हजार से ज्यादा है तो उसकी एप्लीकेशन मुख्यालय भेजी जाएगी। वहीं से पास की राशि रिफंड हो पाएगी। रेवाड़ी डिपो में करीब 200 पासधारक हैं, जिन्होंने सामान्य कैटेगरी का पास बनवाया हुआ है। उनकी करीब डेढ़ लाख रुपये की राशि वापस होगी।
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इस तरह से बनता है सामान्य कैटेगरी का पास :
स्कूल, कॉलेजों और शिक्षण संस्थानों में तीन, छह महीने के अलावा वार्षिक पास जारी किए जाते हैं, लेकिन सामान्य कैटेगरी का पास हर महीने बनाया जाता है। इसके लिए किसी स्कूल, कॉलेज या दूसरे शिक्षण संस्थान से लिखित पत्र की जरूरत नहीं होती। इसे कोई भी आम यात्री बनवा सकता है। एक महीने में अप और डाउन की 60 टिकटें होती हैं, लेकिन पास बनवाने पर उसे रियायत मिल जाती है। उसे 40 टिकटों के पैसे पास जमा करवाने पड़ते हैं। इससे यात्री का पास बनाकर दे दिया जाता है और उसे 20 टिकटों की छूट मिल जाती है।
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इस अधिनियम के तहत मिलेगा पैसा
पंजाब सेवा नियम 1916 क्रम संख्या 63 में उपलब्ध प्रावधान के अनुसार व विभागीय पत्र संख्या 18 मार्च 2006-6 टी (1) द्वारा हस्तांतरित शक्तियां के अनुसार राशि हजार रुपये तक रिफंड के लिए संबंधित हरियाणा राज्य परिवहन अधिकारी सक्षम हैं। रोडवेज मुख्यालय की ओर से विभाग के पत्र के अनुसार जिस बस पास की समय अवधि 21 मार्च से 31 मई 2020 के बीच है, उसको पास का पैसा रिफंड किया जाएगा। जिले में सालाना करीब 25 हजार पास बनते हैं। वहीं छह माह की बात करे तो डिपो से 12 हजार पास जारी होते हैं।
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लॉकडाउन के दौरान बसों में सफर नहीं कर पाने वाले सामान्य कैटेगरी के पासधारकों को पैसा वापस करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पासधारक अपने पास की फोटोकॉपी और एक आवेदन विभाग के लिपिक कार्यालय में जमा करवाकर पैसे वापस ले सकते हैं।
-अशोक कौशिक, रोडवेज महाप्रबंधक रेवाड़ी।
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बता दें कि कोरोना संक्रमण के कारण 21 मार्च 2020 से लेकर 31 मई 2020 तक संपूर्ण लॉकडाउन लगाया गया था। इसके चलते रोडवेज बसों के पहिये पूरी तरह से थम गए थे। जून में बसें चलनी शुरू हो गई थीं। इसलिए परिवहन विभाग ने 21 मार्च 2020 से लेकर 31 मई 2020 तक लॉकडाउन अवधि के दो महीने के बस पास के पैसे वापस करने के निर्देश दिए हैं।
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आठ हजार राशि मुख्यालय से की जाएगी रिफंड :
रोडवेज मुख्यालय की ओर से जारी पत्र के अनुसार आठ हजार रुपये तक की राशि को डिपो स्तर पर ही वापस किया जाएगा। लेकिन अगर पास की राशि आठ हजार से ज्यादा है तो उसकी एप्लीकेशन मुख्यालय भेजी जाएगी। वहीं से पास की राशि रिफंड हो पाएगी। रेवाड़ी डिपो में करीब 200 पासधारक हैं, जिन्होंने सामान्य कैटेगरी का पास बनवाया हुआ है। उनकी करीब डेढ़ लाख रुपये की राशि वापस होगी।
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इस तरह से बनता है सामान्य कैटेगरी का पास :
स्कूल, कॉलेजों और शिक्षण संस्थानों में तीन, छह महीने के अलावा वार्षिक पास जारी किए जाते हैं, लेकिन सामान्य कैटेगरी का पास हर महीने बनाया जाता है। इसके लिए किसी स्कूल, कॉलेज या दूसरे शिक्षण संस्थान से लिखित पत्र की जरूरत नहीं होती। इसे कोई भी आम यात्री बनवा सकता है। एक महीने में अप और डाउन की 60 टिकटें होती हैं, लेकिन पास बनवाने पर उसे रियायत मिल जाती है। उसे 40 टिकटों के पैसे पास जमा करवाने पड़ते हैं। इससे यात्री का पास बनाकर दे दिया जाता है और उसे 20 टिकटों की छूट मिल जाती है।
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इस अधिनियम के तहत मिलेगा पैसा
पंजाब सेवा नियम 1916 क्रम संख्या 63 में उपलब्ध प्रावधान के अनुसार व विभागीय पत्र संख्या 18 मार्च 2006-6 टी (1) द्वारा हस्तांतरित शक्तियां के अनुसार राशि हजार रुपये तक रिफंड के लिए संबंधित हरियाणा राज्य परिवहन अधिकारी सक्षम हैं। रोडवेज मुख्यालय की ओर से विभाग के पत्र के अनुसार जिस बस पास की समय अवधि 21 मार्च से 31 मई 2020 के बीच है, उसको पास का पैसा रिफंड किया जाएगा। जिले में सालाना करीब 25 हजार पास बनते हैं। वहीं छह माह की बात करे तो डिपो से 12 हजार पास जारी होते हैं।
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लॉकडाउन के दौरान बसों में सफर नहीं कर पाने वाले सामान्य कैटेगरी के पासधारकों को पैसा वापस करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पासधारक अपने पास की फोटोकॉपी और एक आवेदन विभाग के लिपिक कार्यालय में जमा करवाकर पैसे वापस ले सकते हैं।
-अशोक कौशिक, रोडवेज महाप्रबंधक रेवाड़ी।