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तीनों कानून रद्द होने तक जारी रहेगा आंदोलन
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रेवाड़ी। कृषि कानूनों के विरोध में दिल्ली-जयपुर हाईवे स्थित खेड़ा बॉर्डर पर किसानों का धरना 202वें दिन भी जारी रहा। धरनास्थल पर किसानों के जत्थों का आने का सिलसिला जारी है। रविवार को हनुमानगढ़ व सीकर के करीब 50 किसान यहां पहुंचे। इसके साथ ही 7 जुलाई की बावल चौरासी की ट्रैक्टर परेड के लिए चौरासी के नेताओं का लोगों से जनसंपर्क जारी है।
बता दें कि दिल्ली कूच करते समय हरियाणा पुलिस ने राजस्थान के किसानों को दिल्ली-जयपुर स्थित खेड़ा बॉर्डर पर रोक दिया था। उसके बाद से राजस्थान सहित अन्य प्रदेशों के किसानों ने यहीं पर अपना पड़ाव डाल दिया। रविवार को राजस्थान के किसान नेता रणजीत राजू ने कहा कि केंद्र सरकार को तीनों कृषि कानूनों को रद्द करना ही पड़ेगा। अगर देश में ये कानून लागू हो गए तो किसान पूरी तरह से बर्बाद हो जाएगा। लेकिन केंद्र सरकार कुछ औद्योगिक घरानों को लाभ पहुंचाने के लिए किसानों पर जबरदस्ती ये कानून थोपना चाहती है। उन्होंने कहा कि आंदोलन एक बार फिर से तेजी पकड़ने लगा है। देश के कोने-कोने से किसान दिल्ली की सीमाओं पर पहुंचने लगे हैं। किसानों का संकल्प है कि तीनों कृषि कानून रद्द होने तक आंदोलन को जारी रखेंगे। इस अवसर पर रामकिशन महलावत, अमराराम, राजाराम मील, सुमेर बनीपुर, ईश्वर महलावत व रण सिंह आदि किसान मौजूद रहे।
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बता दें कि दिल्ली कूच करते समय हरियाणा पुलिस ने राजस्थान के किसानों को दिल्ली-जयपुर स्थित खेड़ा बॉर्डर पर रोक दिया था। उसके बाद से राजस्थान सहित अन्य प्रदेशों के किसानों ने यहीं पर अपना पड़ाव डाल दिया। रविवार को राजस्थान के किसान नेता रणजीत राजू ने कहा कि केंद्र सरकार को तीनों कृषि कानूनों को रद्द करना ही पड़ेगा। अगर देश में ये कानून लागू हो गए तो किसान पूरी तरह से बर्बाद हो जाएगा। लेकिन केंद्र सरकार कुछ औद्योगिक घरानों को लाभ पहुंचाने के लिए किसानों पर जबरदस्ती ये कानून थोपना चाहती है। उन्होंने कहा कि आंदोलन एक बार फिर से तेजी पकड़ने लगा है। देश के कोने-कोने से किसान दिल्ली की सीमाओं पर पहुंचने लगे हैं। किसानों का संकल्प है कि तीनों कृषि कानून रद्द होने तक आंदोलन को जारी रखेंगे। इस अवसर पर रामकिशन महलावत, अमराराम, राजाराम मील, सुमेर बनीपुर, ईश्वर महलावत व रण सिंह आदि किसान मौजूद रहे।
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