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Rewari News: अस्पताल की घोषणा नहीं होने तक नहीं कटवाएंगे दाढ़ी व बाल
Tue, 24 Feb 2026 02:41 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Tue, 24 Feb 2026 02:41 AM IST
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रेवाड़ी। रामगढ़-भगवानपुर अस्पताल बनाओ संघर्ष समिति का आंदोलन 17 जून 2025 से लगातार जारी है। एनएच-71 पर अस्पताल स्थापना की मांग को लेकर धरना चल रहा है।
भगवानपुर के भूतपूर्व सैनिक बीरेंद्र सिंह ने आंदोलन शुरू होने के दिन ही प्रण लिया था कि जब तक अस्पताल की घोषणा नहीं होगी, वे दाढ़ी और बाल नहीं कटवाएंगे। परिवार के आग्रह के बावजूद वे अपने संकल्प पर अडिग हैं।
इसी तरह भगवानपुर की वृद्ध महिला शंकुतला देवी ने भी स्पष्ट कहा है कि अस्पताल बनने तक वे कहीं नहीं जाएंगी चाहे अकेले रहना पड़े। रामगढ़ के राय सिंह का कहना है कि अस्पताल की घोषणा के बाद वे अपने इष्ट देवता के दर्शन कर धन्यवाद देंगे।
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हेमंत पिलानी ने धरने के समर्थन में अपना फार्म ठेके पर दे दिया, जबकि बुड़ानी के चौ. मोहर सिंह ने एक दिन भी गैरहाजिर न रहने की कसम खाई है। कॉमरेड राजेंद्र सिंह एडवोकेट ने बताया कि आंदोलनकारियों की आंखों में दर्द भी है और उम्मीद की चमक भी।
उनका कहना है कि जनहित के इस मुद्दे पर रेवाड़ी, महेंद्रगढ़ और गुरुग्राम के लोगों का मिल रहा समर्थन आंदोलन को मजबूती दे रहा है। स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव से हुई वार्ता के बाद समाधान की उम्मीद जगी है। आठ माह पूरे होने के बावजूद आंदोलन में हताशा नहीं बल्कि हर दिन नई आशा के साथ धरना जारी है।
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भगवानपुर के भूतपूर्व सैनिक बीरेंद्र सिंह ने आंदोलन शुरू होने के दिन ही प्रण लिया था कि जब तक अस्पताल की घोषणा नहीं होगी, वे दाढ़ी और बाल नहीं कटवाएंगे। परिवार के आग्रह के बावजूद वे अपने संकल्प पर अडिग हैं।
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इसी तरह भगवानपुर की वृद्ध महिला शंकुतला देवी ने भी स्पष्ट कहा है कि अस्पताल बनने तक वे कहीं नहीं जाएंगी चाहे अकेले रहना पड़े। रामगढ़ के राय सिंह का कहना है कि अस्पताल की घोषणा के बाद वे अपने इष्ट देवता के दर्शन कर धन्यवाद देंगे।
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हेमंत पिलानी ने धरने के समर्थन में अपना फार्म ठेके पर दे दिया, जबकि बुड़ानी के चौ. मोहर सिंह ने एक दिन भी गैरहाजिर न रहने की कसम खाई है। कॉमरेड राजेंद्र सिंह एडवोकेट ने बताया कि आंदोलनकारियों की आंखों में दर्द भी है और उम्मीद की चमक भी।
उनका कहना है कि जनहित के इस मुद्दे पर रेवाड़ी, महेंद्रगढ़ और गुरुग्राम के लोगों का मिल रहा समर्थन आंदोलन को मजबूती दे रहा है। स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव से हुई वार्ता के बाद समाधान की उम्मीद जगी है। आठ माह पूरे होने के बावजूद आंदोलन में हताशा नहीं बल्कि हर दिन नई आशा के साथ धरना जारी है।