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हादसा महज इत्तेफाक नहीं, प्रशासनिक लापरवाही और कुप्रबंधन का परिणाम : रमेश
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धारूहेड़ा। शहीद भगत सिंह यादगार कमेटी ने भिवाड़ी में पटाखा फैक्टरी में हुए भीषण विस्फोट में 7 मजदूरों की जलकर मौत मामले में गहरा शोक व्यक्त किया है। कमेटी ने इस हादसे को लेकर सरकार और प्रशासन की कड़ी निंदा की है।
प्रेस को जारी बयान में कमेटी के अध्यक्ष कामरेड रमेश चंद्र और सचिव राकेश सैनी ने कहा कि यह हादसा महज इत्तेफाक नहीं बल्कि प्रशासनिक लापरवाही और कुप्रबंधन का परिणाम है।
उनका आरोप है कि फैक्टरी अवैध रूप से संचालित हो रही थी और सुरक्षा मानकों की अनदेखी की जा रही थी। उन्होंने कहा कि इससे पहले भी धारूहेड़ा में बॉयलर फटने से मजदूरों की मौत हो चुकी है जिससे साबित होता है कि मजदूरों की सुरक्षा को लेकर गंभीरता का अभाव है।
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कमेटी ने मांग की है कि घटना की उच्च स्तरीय जांच कर दोषियों को सख्त सजा दी जाए। राजस्थान सरकार से मृतकों के परिजनों को 50-50 लाख रुपये मुआवजा और घायलों को समुचित इलाज व उचित आर्थिक सहायता देने की मांग की गई है। संवाद
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प्रेस को जारी बयान में कमेटी के अध्यक्ष कामरेड रमेश चंद्र और सचिव राकेश सैनी ने कहा कि यह हादसा महज इत्तेफाक नहीं बल्कि प्रशासनिक लापरवाही और कुप्रबंधन का परिणाम है।
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उनका आरोप है कि फैक्टरी अवैध रूप से संचालित हो रही थी और सुरक्षा मानकों की अनदेखी की जा रही थी। उन्होंने कहा कि इससे पहले भी धारूहेड़ा में बॉयलर फटने से मजदूरों की मौत हो चुकी है जिससे साबित होता है कि मजदूरों की सुरक्षा को लेकर गंभीरता का अभाव है।
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कमेटी ने मांग की है कि घटना की उच्च स्तरीय जांच कर दोषियों को सख्त सजा दी जाए। राजस्थान सरकार से मृतकों के परिजनों को 50-50 लाख रुपये मुआवजा और घायलों को समुचित इलाज व उचित आर्थिक सहायता देने की मांग की गई है। संवाद