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रेलवे स्टेशन पर मॉक ड्रिल के जरिये परखी सुरक्षा व्यवस्था

Thu, 05 May 2022 11:06 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Thu, 05 May 2022 11:06 PM IST
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Tested security system through mock drill at railway station
पुलिस कंट्रोल रूम पर आई एक कॉल के चंद मिनट बाद रेवाड़ी स्टेशन परिसर पुलिस छावनी में तब्दील हो गया। कुछ देर बाद ही बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वायड की टीम भी पहुंच गई। बम निरोधक दस्ते ने बम को डिफ्यूज कर दिया। इसके बाद पता चला कि यह सब स्टेशन की सुरक्षा परखने के लिए मॉक ड्रिल थी। मॉक ड्रिल के दौरान ये देखा जाता है कि कंट्रोल रूप को सूचना मिलने के बाद कितने समय में पुलिस फोर्स, एंबुलैंस, दमकल की गाड़ियां और बम निरोधक दस्ता मौके पर पहुंचता है। साथ ही जब तक बम निरोधक दस्ता मौके पर नहीं पहुंचता उस समय तक किस तरह स्थिति कोई संभाला जा सके। उसका अभ्यास किया गया। इस दौरान एएसपी पूनम दलाल और डीएसपी मोहम्मद जमाल खुद मौके पर रहे।
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बता दें कि वीरवार दोपहर आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन की तरफ से रेवाड़ी जंक्शन पर मॉक ड्रिल की गई। ताकि आपातकालीन स्थित में प्रशासन हर परिस्थितियों से आसानी से निपट सकें। मॉक ड्रिल के दौरान सबसे पहले कंट्रोल रूम को सूचना दी गई कि रेवाड़ी जंक्शन परिसर में एक लावारिश वस्तु रखी है, जिसमें बम होने की संभावना है। सूचना के बाद सबसे पहले डायल-112 की गाड़ियां मौके पर पहुंची। जो अलग-अलग विभाग को आगे सूचना देती रही है। साथ ही बम निरोधक दस्ते को भी सूचना दी गई।
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डीएसपी मोहम्मद जमाल ने कहा कि ऐसी स्थिति में पुलिस की पहली प्राथमिकता ये होती है कि उक्त स्थान को पब्लिक के लिए पूरी तरह से ब्लॉक कर दें, साथ ही जिस रास्ते से इमरजेंसी वाहन होते है उस रस्ते को क्लियर रखें।
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डिब्बे में बम रखे होने की सूचना दी
मॉक ड्रिल के तहत कंट्रोल रूम पर सूचना दी गई कि एक डब्बे में बम रखा हुआ है। इसलिए बम निरोधक दस्ता ने पहले जांच की। जांच में बम होने की पुष्ठी हुई तो डिब्बे का एक्सरा लिया गया ताकि ये पता लगाया जा सके कि डब्बे में क्या है। उसके बाद डिब्बे को उठाकर मिट्टी के बोरी से कवर किया गया। फिर एक जगह पर बम को रखकर डिफ्यूज किया गया। डीएसपी मोहम्मद जमाल ने बताया कि हकीकत में बम मिलने की सूरत में किस तरह से काम करने की जरूरत होती है इसका अभ्यास किया गया है।
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