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Rewari News: सूचना नहीं देने पर तहसीलदार पर 10,000 रुपये का लगा जुर्माना
Tue, 16 Sep 2025 11:43 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Tue, 16 Sep 2025 11:43 PM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
भिवाड़ी। राजस्थान सूचना आयोग ने भिवाड़ी इंटीग्रेटेड विकास प्राधिकरण (बीडा) के तत्कालीन तहसीलदार शैतान सिंह यादव पर सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत सूचना नहीं देने पर 10,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
यह कार्रवाई चरखी दादरी निवासी प्रमोद कुमार गुप्ता द्वारा दायर परिवाद के आधार पर की गई, जिसमें तहसीलदार द्वारा सूचना उपलब्ध नहीं कराने और आयोग के आदेशों की अवहेलना का मामला सामने आया।
परिवादी प्रमोद कुमार गुप्ता ने 10 दिसंबर 2024 को सूचना के लिए आवेदन किया था, जिसके संबंध में द्वितीय अपील में 1 मई को आदेश जारी किया गया था। इसके बावजूद, तहसीलदार ने आदेश की पालना नहीं की।
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आयोग ने 10 जून, 2 जुलाई, 22 अगस्त और 25 जुलाई को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा, लेकिन तहसीलदार ने न तो जवाब दिया, न ही सुनवाई में उपस्थित हुए, और न ही सूचना उपलब्ध कराई।
सूचना आयुक्त सुरेश चंद गुप्ता ने अपने निर्णय में कहा कि तहसीलदार का यह कृत्य सूचना का अधिकार अधिनियम के प्रति लापरवाही दर्शाता है। इसके चलते उन पर 10,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया, जिसे उनके वेतन से काटकर 30 दिनों के भीतर राजस्थान सूचना आयोग, जयपुर को डिमांड ड्राफ्ट के माध्यम से भेजने का निर्देश दिया गया है।
आदेश की प्रति परिवादी, प्रत्यर्थी, लेखा शाखा, और जिला कलेक्टर, खैरथल-तिजारा को भेजी गई है। यह निर्णय सूचना के अधिकार के प्रति जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
वहीं, इस संबंध में टपूकड़ा तहसीलदार शैतान सिंह से फोन पर बात करने का प्रयास किया गया लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।
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भिवाड़ी। राजस्थान सूचना आयोग ने भिवाड़ी इंटीग्रेटेड विकास प्राधिकरण (बीडा) के तत्कालीन तहसीलदार शैतान सिंह यादव पर सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत सूचना नहीं देने पर 10,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
यह कार्रवाई चरखी दादरी निवासी प्रमोद कुमार गुप्ता द्वारा दायर परिवाद के आधार पर की गई, जिसमें तहसीलदार द्वारा सूचना उपलब्ध नहीं कराने और आयोग के आदेशों की अवहेलना का मामला सामने आया।
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परिवादी प्रमोद कुमार गुप्ता ने 10 दिसंबर 2024 को सूचना के लिए आवेदन किया था, जिसके संबंध में द्वितीय अपील में 1 मई को आदेश जारी किया गया था। इसके बावजूद, तहसीलदार ने आदेश की पालना नहीं की।
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आयोग ने 10 जून, 2 जुलाई, 22 अगस्त और 25 जुलाई को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा, लेकिन तहसीलदार ने न तो जवाब दिया, न ही सुनवाई में उपस्थित हुए, और न ही सूचना उपलब्ध कराई।
सूचना आयुक्त सुरेश चंद गुप्ता ने अपने निर्णय में कहा कि तहसीलदार का यह कृत्य सूचना का अधिकार अधिनियम के प्रति लापरवाही दर्शाता है। इसके चलते उन पर 10,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया, जिसे उनके वेतन से काटकर 30 दिनों के भीतर राजस्थान सूचना आयोग, जयपुर को डिमांड ड्राफ्ट के माध्यम से भेजने का निर्देश दिया गया है।
आदेश की प्रति परिवादी, प्रत्यर्थी, लेखा शाखा, और जिला कलेक्टर, खैरथल-तिजारा को भेजी गई है। यह निर्णय सूचना के अधिकार के प्रति जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
वहीं, इस संबंध में टपूकड़ा तहसीलदार शैतान सिंह से फोन पर बात करने का प्रयास किया गया लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।