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Rewari News: राजीव और महाराणा प्रताप चौक के सुंदरीकरण की जांच करने पहुंची टीम
Sat, 10 Oct 2026 12:49 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Sat, 10 Oct 2026 12:49 AM IST
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रेवाड़ी। शहर के राजीव चौक और महाराणा प्रताप चौक पर सौंदर्याकरण के नाम पर लाखों रुपये खर्च करने के मामले में चंडीगढ़ से आई टीम ने औचक निरीक्षण किया। विधानसभा समिति में दर्ज शिकायत का संज्ञान लेते हुए शहरी स्थानीय निकाय (यूएलबी) मुख्यालय की ओर से जांच टीम गठित की गई थी।
निरीक्षण के दौरान मुख्यालय के एसई और एक्सईएन स्तर के अधिकारियों के साथ नगर परिषद के एक्सईएन अंकित वशिष्ठ और जेई भी मौजूद रहे। टीम ने दोनों चौकों पर निर्माण कार्यों, फव्वारों की स्थिति और उनमें इस्तेमाल एसएस 304 स्टील की गुणवत्ता की जांच की।
शिकायतकर्ता विजेंद्र यादव और एडवोकेट अरविंद यादव ने आरोप लगाया कि महाराणा प्रताप चौक पर करीब 20 लाख और राजीव चौक पर लगभग छह लाख रुपये खर्च किए गए, लेकिन फव्वारे एक दिन भी सही ढंग से नहीं चले। अधिकारियों ने बताया कि मोटर निकल जाने के कारण फव्वारे बंद पड़े हैं।
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जांच टीम और नगर परिषद अधिकारियों ने अगले 10 दिनों में दोनों चौकों पर नई मोटर और फव्वारे लगाकर चालू करने का आश्वासन दिया। निर्माण में इस्तेमाल सामग्री के रेट कोटेशन मंगवाकर बाजार दरों से मिलान किया जाएगा। जांच में दरों में अंतर या वित्तीय अनियमितता मिलने पर जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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निरीक्षण के दौरान मुख्यालय के एसई और एक्सईएन स्तर के अधिकारियों के साथ नगर परिषद के एक्सईएन अंकित वशिष्ठ और जेई भी मौजूद रहे। टीम ने दोनों चौकों पर निर्माण कार्यों, फव्वारों की स्थिति और उनमें इस्तेमाल एसएस 304 स्टील की गुणवत्ता की जांच की।
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शिकायतकर्ता विजेंद्र यादव और एडवोकेट अरविंद यादव ने आरोप लगाया कि महाराणा प्रताप चौक पर करीब 20 लाख और राजीव चौक पर लगभग छह लाख रुपये खर्च किए गए, लेकिन फव्वारे एक दिन भी सही ढंग से नहीं चले। अधिकारियों ने बताया कि मोटर निकल जाने के कारण फव्वारे बंद पड़े हैं।
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जांच टीम और नगर परिषद अधिकारियों ने अगले 10 दिनों में दोनों चौकों पर नई मोटर और फव्वारे लगाकर चालू करने का आश्वासन दिया। निर्माण में इस्तेमाल सामग्री के रेट कोटेशन मंगवाकर बाजार दरों से मिलान किया जाएगा। जांच में दरों में अंतर या वित्तीय अनियमितता मिलने पर जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।