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Rewari News: शिक्षकों ने उठाई सेवा सुरक्षा की मांग
Fri, 17 Jul 2026 11:19 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Fri, 17 Jul 2026 11:19 PM IST
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टीईटी मामले में सांसद के नाम ज्ञापन सौंपते राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ के पदाधिकारी। स्रोत: शिक्
रेवाड़ी। राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ हरियाणा ने शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) से जुड़े मामले में कार्यरत शिक्षकों के सेवा अधिकारों की सुरक्षा को लेकर सांसद राव इंद्रजीत सिंह के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में केंद्र सरकार से इस मामले में हस्तक्षेप कर लंबे समय से कार्यरत शिक्षकों के हितों की रक्षा करने की मांग की गई।
ज्ञापन पर संघ के जिला पदाधिकारियों और कई शिक्षकों के हस्ताक्षर भी हैं। संघ ने ज्ञापन में कहा कि आरटीई और एनसीटीई की ओर से टीईटी संबंधी प्रावधान लागू होने से पहले राज्य सरकार की ओर से नियुक्त किए गए अनेक शिक्षक वर्षों से सरकारी और सहायता प्राप्त विद्यालयों में सेवाएं दे रहे हैं। उस समय नियुक्ति के लिए निर्धारित शैक्षणिक एवं व्यावसायिक योग्यताओं के आधार पर चयन किया गया था और टीईटी उत्तीर्ण करना अनिवार्य नहीं था। शिक्षक संघ का कहना है कि हालिया न्यायिक घटनाक्रम के बाद इन शिक्षकों की सेवा सुरक्षा को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। इससे शिक्षकों और उनके परिवारों में चिंता का माहौल है। संघ ने कहा कि ये शिक्षक वर्षों से विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान कर रहे हैं और शिक्षा व्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। संवाद
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ज्ञापन पर संघ के जिला पदाधिकारियों और कई शिक्षकों के हस्ताक्षर भी हैं। संघ ने ज्ञापन में कहा कि आरटीई और एनसीटीई की ओर से टीईटी संबंधी प्रावधान लागू होने से पहले राज्य सरकार की ओर से नियुक्त किए गए अनेक शिक्षक वर्षों से सरकारी और सहायता प्राप्त विद्यालयों में सेवाएं दे रहे हैं। उस समय नियुक्ति के लिए निर्धारित शैक्षणिक एवं व्यावसायिक योग्यताओं के आधार पर चयन किया गया था और टीईटी उत्तीर्ण करना अनिवार्य नहीं था। शिक्षक संघ का कहना है कि हालिया न्यायिक घटनाक्रम के बाद इन शिक्षकों की सेवा सुरक्षा को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। इससे शिक्षकों और उनके परिवारों में चिंता का माहौल है। संघ ने कहा कि ये शिक्षक वर्षों से विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान कर रहे हैं और शिक्षा व्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। संवाद
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