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Rewari News: राव तुलाराम स्टेडियम में बनेगा सिंथेटिक ट्रैक, सरपट दौड़ेंगे म्हारे खिलाड़ी

Sat, 24 Feb 2024 11:38 PM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी Updated Sat, 24 Feb 2024 11:38 PM IST
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Synthetic track will be built in Rao Tularam Stadium, our players will run at a gallop
रेवाड़ी। जिले के राव तुलाराम स्टेडियम में सिंथेटिक ट्रैक बनाने की योजना अंतिम पड़ाव में चल रही है। अब सिंथेटिक ट्रैक के लिए पीडब्ल्यूडी विभाग की ओर से अनुमानित बजट तैयार कर लिया गया है। ट्रैक के लिए करीब 10 करोड़ का अनुमानित बजट तैयार किया गया है। जिसे जल्द ही निदेशालय की ओर से मंजूरी मिल जाएगी। इस ट्रैक पर फ्लड लाइट भी लगेगी।
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इससे खिलाड़ी देर रात तक अभ्यास कर सकेंगे। स्टेडियम में खिलाड़ियों के लिए सेंडर ट्रैक बना हुआ है, लेकिन इस ट्रैक पर अभ्यास करते समय आए दिन खिलाड़ी चोटिल हो जाते हैं। बार-बार खिलाड़ियों के चोटिल होने से उनका प्रदर्शन भी प्रभावित हो रहा है। ऐसे में सिंथेटिक ट्रैक की जरूरत भी है।
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13 जिलों में बनाए गए हैं सिंथेटिक ट्रैक
अभी राज्य के 13 जिलों में धावकों के लिए नेशनल लेवल का सिंथेटिक ट्रैक बनाया हुआ है। इनमें गुरुग्राम, फरीदाबाद, रोहतक, अंबाला, सोनीपत, पानीपत, भिवानी, पंचकूला, यमुनानगर, करनाल, कुरुक्षेत्र, हिसार और जींद का नरवाना शामिल हैं।
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सेंडर ट्रैक में गड्ढाें से प्रदर्शन होता है प्रभावित
राव तुलाराम स्टेडियम में 5 वर्ष पहले सेंडर ट्रैक बनाया गया था। मगर धीरे-धीरे यह ट्रैक उखड़ता जा रहा है। ट्रैक समतल भी नहीं है। कई जगह गड्ढे भी बने हुए हैं। ऐसे में दौड़ते समय बार-बार खिलाड़ी चोटिल हो रहे हैं। खिलाड़ियों का प्रदर्शन भी प्रभावित हो रहा है। इसके बावजूद जिले से हर प्रतियोगिताओं में खिलाड़ी एथलेटिक्स में मेडल प्राप्त कर रहे हैं। अगर सिंथेटिक ट्रैक बनता है तो जिले के खिलाड़ी और मेडल पा सकते हैं। बावजूद इसके पिछले 5 साल के दौरान रेवाड़ी के धावकों का प्रदर्शन अच्छा रहा है। यहां के कई खिलाड़ियों ने स्टेट, नेशनल के अलावा पैरा एथलेटिक्स में भी मेडल प्राप्त किया है।
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क्यों खास है सिंथेटिक ट्रैक
खेल विशेषज्ञ बताते हैं कि सिंथेटिक ट्रैक बनाने के लिए पहले मिट्टी और रोड़ी की कई परत बिछाई जाती है। उसके बाद लेवलिंग करने के अलावा सड़क बनाने का काम किया जाता है और फिर ट्रैक के चारों ओर रेलिंग लगाई जाती है। सबसे बाद में प्लास्टिक घास बिछाई जाती है और तब ट्रैक तैयार होता है।

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निदेशालय से स्वीकृति का इंतजार: डीएसओ
सिंथेटिक ट्रैक के लिए सकारात्मक दिशा में प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। निदेशालय को बजट भी बनाकर भेजा जा चुका है, जल्द ही स्वीकृति मिल जाएगी। ताकि खिलाड़ियों को अभ्यास के लिए उच्च स्तरीय ट्रैक मिल सके। इस ट्रैक पर फ्लड लाइट भी लगाई जाएगी।
- मदनपाल, डीएसओ, रेवाड़ी।
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