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रेवाड़ी: नकल रहित परीक्षा के साथ भविष्य को उज्ज्वल बनाएं परीक्षार्थी
Sat, 18 Feb 2023 05:40 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Sat, 18 Feb 2023 05:40 PM IST
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रेवाड़ी। डीसी अशोक कुमार गर्ग ने कहा कि उन्होंने परीक्षार्थियों से आह्वान किया कि वे नकल रहित परीक्षा के साथ अपने भविष्य को उज्जवल व कामयाब बनाएं। उन्होंने आगामी 27 फरवरी से आरंभ हो रही हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की दसवीं व बारहवीं कक्षाओं की वार्षिक परीक्षाओं के मद्देनजर परीक्षार्थियों सहित शिक्षकों व अभिभावकों को आगामी वार्षिक परीक्षाओं के लिए शुभकामनाएं देते हुए नकल रहित परीक्षा सुनिश्चित करने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि नकल किसी के भी भविष्य को अंधकारमय बना देती है। उन्होंने विद्यार्थियों को बोर्ड परीक्षाओं के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सभी परीक्षार्थी बिना किसी तनाव व डर के परीक्षाएं दें। मेहनत के साथ अपनी तैयारी करें और शांत मन से परीक्षा को पूरा करें।
डीसी ने कहा कि टॉपर्स ने चीजें अलग की, तभी सफल हुए। हमें भी कुछ ऐसा अलग करने का प्रयास करना होगा, जो हम अपने गुणों के माध्यम से ही कर सकते हैं। एक गुरु को इस बात से खुशी नहीं होती कि शिष्य जैसा उन्होंने सिखाया, वैसा ही कर गए। बल्कि वह अपने हर विद्यार्थी को उसके गुणों के हिसाब से अलग-अलग ढालते हैं। तभी एक विद्यार्थी व्यवसायी बनता है, एक वकील, एक शिक्षक, एक चिकित्सक, एक बैंककर्मी इत्यादि। टॉपर से अनुशासन और अन्य चीजें अवश्य सीखी जा सकती है, लेकिन नकल कर टॉपर नहीं बना जा सकता। यदि ऐसा होता तो टॉपर भी किसी की नकल कर ही टॉपर बने होते।
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उन्होंने कहा कि नकल किसी के भी भविष्य को अंधकारमय बना देती है। उन्होंने विद्यार्थियों को बोर्ड परीक्षाओं के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सभी परीक्षार्थी बिना किसी तनाव व डर के परीक्षाएं दें। मेहनत के साथ अपनी तैयारी करें और शांत मन से परीक्षा को पूरा करें।
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डीसी ने कहा कि टॉपर्स ने चीजें अलग की, तभी सफल हुए। हमें भी कुछ ऐसा अलग करने का प्रयास करना होगा, जो हम अपने गुणों के माध्यम से ही कर सकते हैं। एक गुरु को इस बात से खुशी नहीं होती कि शिष्य जैसा उन्होंने सिखाया, वैसा ही कर गए। बल्कि वह अपने हर विद्यार्थी को उसके गुणों के हिसाब से अलग-अलग ढालते हैं। तभी एक विद्यार्थी व्यवसायी बनता है, एक वकील, एक शिक्षक, एक चिकित्सक, एक बैंककर्मी इत्यादि। टॉपर से अनुशासन और अन्य चीजें अवश्य सीखी जा सकती है, लेकिन नकल कर टॉपर नहीं बना जा सकता। यदि ऐसा होता तो टॉपर भी किसी की नकल कर ही टॉपर बने होते।
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