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Rewari News: यूडाइज पोर्टल पर विद्यार्थियों का डाटा अभी तक अपडेट नहीं, 30 तक अंतिम मौका
Thu, 27 Nov 2025 12:47 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Thu, 27 Nov 2025 12:47 AM IST
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रेवाड़ी। यूनिफाइड डिस्ट्रिक्ट इंफॉर्मेशन सिस्टम फॉर एजुकेशन (यूडाइज) पोर्टल पर विद्यार्थियों का डाटा अभी तक अपडेट नहीं हो पाया है। अब शिक्षा विभाग ने अंतिम तिथि को 30 नवंबर बढ़ाकर ए अंतिम मौका दिया है।
दरअसल छह माह बाद भी सरकारी और निजी विद्यालयों की तरफ से शत प्रतिशत विद्यार्थियों का डाटा अपडेट नहीं किया गया है। इसके चलते अभी भी साढ़े पांच हजार से अधिक विद्यार्थियों का डाटा पोर्टल पर लंबित पड़ा हुआ है। रेवाड़ी खंड में स्थिति चिंताजनक है, जहां पर 5090 विद्यार्थियों का डाटा लंबित है।
अन्य खंडों में 500 के करीब विद्यार्थियों का डाटा लंबित हैं। ऐसा नहीं है कि विद्यालयों की तरफ से डाटा अपडेशन में पहली बार मनमानी की जा रही है, हर वर्ष यही हाल रहता है। जून माह से यूडाइज पोर्टल पर विद्यालय में उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं के साथ ही विद्यार्थी और शिक्षकों का डाटा अपडेट कराया जा रहा है लेकिन विद्यालयों की मनमानी के कारण अभी भी कार्य पूरा नहीं हो पाया है।
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बता दें कि पोर्टल पर विद्यालयों की तरफ से यदि विद्यार्थियों का डाटा अपडेट नहीं किया जाता है तो उनकी परेशानी बढ़ने वाली है। ऐसा इसलिए क्योंकि यूडाइज पोर्टल पर डाटा अपडेट नहीं होने के कारण न तो नए विद्यार्थियों की आटोमेटेड अपार अकादमिक अकाउंट रजिस्ट्री आईडी बन पाएगी न ही शैक्षणिक डाटा अपार आईडी में दर्ज हो पाएगा।
इंसेट
स्कूलों को मिलता है बजट
यूडाइज पोर्टल पर विद्यालयों की मूलभूत सुविधाओं, छात्र संख्या, शिक्षकों की स्थिति सहित अन्य जानकारियां अपडेट की जाती हैं। इस डाटा के आधार पर ही सरकार की ओर से बजट और संसाधनों का आवंटन किया जाता है। ऐसे में डाटा अपडेट न होना न केवल प्रशासनिक उदासीनता है बल्कि छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ भी है। यूडाइज पर जानकारी अपडेट होने के बाद केंद्र सरकार की तरफ से सरकारी विद्यालयों को मूलभूत सुविधाओं को लेकर बजट जारी किया जाता है, लेकिन यूडाइज के कार्य में हो रही देरी के चलते सरकारी विद्यालयों को सरकार की तरफ से मिलने वाले बजट में भी देरी होने वाली है।
इंसेट
खंडवार छात्र संख्या और यूडाइज पर अपडेट डाटा
स्कूल की संख्या-- -- पिछले साल संख्या-- -- वर्तमान संख्या-- लंबित-- -अपडेशन पूर्ण
बावल 200-- -33871-- -34519-- -131-- -34380
जाटूसाना 148-- -21683-- 21244-- -127-- -21101
खोल-- 143-- -23625-- 23317-- 143-- -23166
नाहड़ 126-- -21902-- -21823-- 31-- -21786
रेवाड़ी328-- -- 102531-- 103998-- 5090-- -98512
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दरअसल छह माह बाद भी सरकारी और निजी विद्यालयों की तरफ से शत प्रतिशत विद्यार्थियों का डाटा अपडेट नहीं किया गया है। इसके चलते अभी भी साढ़े पांच हजार से अधिक विद्यार्थियों का डाटा पोर्टल पर लंबित पड़ा हुआ है। रेवाड़ी खंड में स्थिति चिंताजनक है, जहां पर 5090 विद्यार्थियों का डाटा लंबित है।
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अन्य खंडों में 500 के करीब विद्यार्थियों का डाटा लंबित हैं। ऐसा नहीं है कि विद्यालयों की तरफ से डाटा अपडेशन में पहली बार मनमानी की जा रही है, हर वर्ष यही हाल रहता है। जून माह से यूडाइज पोर्टल पर विद्यालय में उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं के साथ ही विद्यार्थी और शिक्षकों का डाटा अपडेट कराया जा रहा है लेकिन विद्यालयों की मनमानी के कारण अभी भी कार्य पूरा नहीं हो पाया है।
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बता दें कि पोर्टल पर विद्यालयों की तरफ से यदि विद्यार्थियों का डाटा अपडेट नहीं किया जाता है तो उनकी परेशानी बढ़ने वाली है। ऐसा इसलिए क्योंकि यूडाइज पोर्टल पर डाटा अपडेट नहीं होने के कारण न तो नए विद्यार्थियों की आटोमेटेड अपार अकादमिक अकाउंट रजिस्ट्री आईडी बन पाएगी न ही शैक्षणिक डाटा अपार आईडी में दर्ज हो पाएगा।
इंसेट
स्कूलों को मिलता है बजट
यूडाइज पोर्टल पर विद्यालयों की मूलभूत सुविधाओं, छात्र संख्या, शिक्षकों की स्थिति सहित अन्य जानकारियां अपडेट की जाती हैं। इस डाटा के आधार पर ही सरकार की ओर से बजट और संसाधनों का आवंटन किया जाता है। ऐसे में डाटा अपडेट न होना न केवल प्रशासनिक उदासीनता है बल्कि छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ भी है। यूडाइज पर जानकारी अपडेट होने के बाद केंद्र सरकार की तरफ से सरकारी विद्यालयों को मूलभूत सुविधाओं को लेकर बजट जारी किया जाता है, लेकिन यूडाइज के कार्य में हो रही देरी के चलते सरकारी विद्यालयों को सरकार की तरफ से मिलने वाले बजट में भी देरी होने वाली है।
इंसेट
खंडवार छात्र संख्या और यूडाइज पर अपडेट डाटा
स्कूल की संख्या
बावल 200
जाटूसाना 148
खोल
नाहड़ 126
रेवाड़ी328