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नशे से दूर रहना ही सच्चे अर्थों में सुखी और सफल जीवन की कुंजी : करण सिंह
Sun, 02 Nov 2025 12:13 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Sun, 02 Nov 2025 12:13 AM IST
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कार्यक्रम में नशा ना करने की शपथ लेते शिक्षक व विद्यार्थी। स्रोत : विवि
रेवाड़ी। इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय मीरपुर में छात्र कल्याण विभाग की तरफ से नशा मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत एक जागरूकता व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता आरोग्य भारती के प्रांत सचिव यशपाल रहे। कार्यक्रम की शुरूआत आयुर्वेद के जनक भगवान धन्वंतरि को पुष्प अर्पित कर की गई।
अधिष्ठाता छात्र कल्याण विभाग प्रोफेसर करण सिंह ने मुख्य वक्ता एवं अतिथियों का स्वागत किया। उन्होंने सभी विद्यार्थियों को नशा मुक्ति के लिए प्रेरित किया और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि नशे से दूर रहना ही सच्चे अर्थों में सुखी और सफल जीवन की कुंजी है। विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो. दिलबाग ने विद्यार्थियों को नशे जैसी कुरीतियों से बचने के लिए प्रोत्साहित किया।
मुख्य वक्ता यशपाल आर्य ने नशा मुक्ति के सामाजिक, मानसिक और शारीरिक प्रभावों पर विस्तृत रूप से प्रकाश डाला। कार्यक्रम में मनोविज्ञान विभाग तथा योग विभाग के शिक्षकों और विद्यार्थियों की भी सक्रिय भागीदारी रही। कार्यक्रम के माध्यम से 150 से अधिक विद्यार्थियों को नशा मुक्ति के प्रति जागरूक किया गया तथा सभी को समाज में नशामुक्त वातावरण के निर्माण के लिए प्रेरित किया।
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अधिष्ठाता छात्र कल्याण विभाग प्रोफेसर करण सिंह ने मुख्य वक्ता एवं अतिथियों का स्वागत किया। उन्होंने सभी विद्यार्थियों को नशा मुक्ति के लिए प्रेरित किया और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि नशे से दूर रहना ही सच्चे अर्थों में सुखी और सफल जीवन की कुंजी है। विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो. दिलबाग ने विद्यार्थियों को नशे जैसी कुरीतियों से बचने के लिए प्रोत्साहित किया।
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मुख्य वक्ता यशपाल आर्य ने नशा मुक्ति के सामाजिक, मानसिक और शारीरिक प्रभावों पर विस्तृत रूप से प्रकाश डाला। कार्यक्रम में मनोविज्ञान विभाग तथा योग विभाग के शिक्षकों और विद्यार्थियों की भी सक्रिय भागीदारी रही। कार्यक्रम के माध्यम से 150 से अधिक विद्यार्थियों को नशा मुक्ति के प्रति जागरूक किया गया तथा सभी को समाज में नशामुक्त वातावरण के निर्माण के लिए प्रेरित किया।
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