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Rewari News: बिगड़ी टीबी के मरीजों के लिए बनेगा विशेष वार्ड
Sun, 10 Nov 2024 11:33 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Sun, 10 Nov 2024 11:33 PM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। बिगड़ी टीबी (मल्टी ड्रग रेजिस्टेंट) के मरीजों के लिए शहर के सिविल अस्पताल में अलग से विशेष वार्ड बनाया जाएगा। इसके लिए जगह की तलाश शुरू कर दी गई है।
पिछले दिनों सिविल अस्पताल का निरीक्षण करते समय स्वास्थ्य निदेशक डॉ. ब्रह्मदीप ने टीबी रोगियों के लिए वार्ड बनाने के निर्देश दिए थे। अब इसे लेकर विभाग के अधिकारियों ने प्रक्रिया शुरू कर दी है। सिविल अस्पताल में टीबी के अलग से बेड लगे हैं, लेकिन अब एमडीआर टीबी के मरीजों का अलग से वार्ड बनेगा। उसमें कम से कम 5 बेड रहेंगे। जिले में बिगड़ी टीबी के हर साल 85 से ज्यादा पीड़ित मिलते हैं। इन मरीजों को बेहतर ट्रीटमेंट मिले और भर्ती करने की जरूरत पड़ने पर अलग से वार्ड में किया जा सके, इसके लिए वार्ड बनाया जाएगा। इन मरीजों को सामान्य मरीजों के साथ भर्ती नहीं कर सकते है। क्योंकि इससे संक्रमण फैलने का खतरा रहता है।
क्या है बिगड़ी टीबी : टीबी एक गंभीर जीवाणु संक्रमण है जो माइक्रोबैक्टीरियम ट्यूबरकुलोसिस नामक बैक्टीरिया से होता है। मरीज द्वारा इलाज के दौरान बार-बार बीच में दवाइयां छोड़ देने से एमडीआर टीबी होती है। एमडीआर टीबी का इलाज लंबा, महंगा और मुश्किल होता है। इसका कम से कम 9 महीने और ज्यादा से ज्यादा 20 महीने तक दवाइयों का कोर्स चलता है। इस टीबी के रोगियों के संपर्क में आए लोगों को सक्रिय टीबी के लिए जांच करानी चाहिए।
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रेवाड़ी। बिगड़ी टीबी (मल्टी ड्रग रेजिस्टेंट) के मरीजों के लिए शहर के सिविल अस्पताल में अलग से विशेष वार्ड बनाया जाएगा। इसके लिए जगह की तलाश शुरू कर दी गई है।
पिछले दिनों सिविल अस्पताल का निरीक्षण करते समय स्वास्थ्य निदेशक डॉ. ब्रह्मदीप ने टीबी रोगियों के लिए वार्ड बनाने के निर्देश दिए थे। अब इसे लेकर विभाग के अधिकारियों ने प्रक्रिया शुरू कर दी है। सिविल अस्पताल में टीबी के अलग से बेड लगे हैं, लेकिन अब एमडीआर टीबी के मरीजों का अलग से वार्ड बनेगा। उसमें कम से कम 5 बेड रहेंगे। जिले में बिगड़ी टीबी के हर साल 85 से ज्यादा पीड़ित मिलते हैं। इन मरीजों को बेहतर ट्रीटमेंट मिले और भर्ती करने की जरूरत पड़ने पर अलग से वार्ड में किया जा सके, इसके लिए वार्ड बनाया जाएगा। इन मरीजों को सामान्य मरीजों के साथ भर्ती नहीं कर सकते है। क्योंकि इससे संक्रमण फैलने का खतरा रहता है।
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क्या है बिगड़ी टीबी : टीबी एक गंभीर जीवाणु संक्रमण है जो माइक्रोबैक्टीरियम ट्यूबरकुलोसिस नामक बैक्टीरिया से होता है। मरीज द्वारा इलाज के दौरान बार-बार बीच में दवाइयां छोड़ देने से एमडीआर टीबी होती है। एमडीआर टीबी का इलाज लंबा, महंगा और मुश्किल होता है। इसका कम से कम 9 महीने और ज्यादा से ज्यादा 20 महीने तक दवाइयों का कोर्स चलता है। इस टीबी के रोगियों के संपर्क में आए लोगों को सक्रिय टीबी के लिए जांच करानी चाहिए।
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