{"_id":"5713d7e14f1c1b9d3310fc1b","slug":"six-tin-shade-for-rewari-farmers-in-mandi","type":"story","status":"publish","title_hn":"छह टीन शेड के भरोसे जिले भर के किसान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
छह टीन शेड के भरोसे जिले भर के किसान
ब्यूरो /अमर उजाला
Updated Mon, 18 Apr 2016 12:34 AM IST
विज्ञापन
मंडियों में गेहूं का उठान
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
रात-दिन की परवाह किए बगैर अन्नदाता गेंहू की फसल इस उम्मीद से तैयार करता है कि अपना पेट भरने के साथ बचे गेंहू का मंडी में बेचकर अपने बच्चों की पढ़ाई एंव अन्य कार्यों के लिए पैसा मिल सके। वहीं शहर की अनाज मंडी में गेंहू लेकर पहुंच रहे अन्नदाताओं को एक मंडी में शेड के आभाव में खुले में ही गेहूं से भरे ट्रैक्टर खाली करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
मंडी में गेहूं का उठान संतोष जनक है, लेकिन पहले से सुविधाओं के आभाव में किसानों को बरसात से अपना गेहूं भीगने का डर रहता है। इतना हीं नही यदि बरसात हुई तो खरीद किया हुआ गेहूं भी खुले में पड़ा होने के चलते भीग सकता है, जिससे सरकार और अंतत: आम आदमी को इसका खामियाजा उठाना पड़ सकता है। गौरतलब है कि यहां की मंडी में अब तक लगभग 7770 मीट्रिक टन गेंहू की खरीद हो चुकी है। मंडी में उठान संतोषजनक है और यहां पर अभी 1113 मीट्रिक टन गेहूं का उठान शेष है।
फूड सप्लाई एफसीआई के भरोसे, वेयर हाउस का उठान भी पीछे
रेवाड़ी की नई अनाज मंडी में फूड सप्लाई विभाग एवं वेयर हाउस की द्वारा गेहूं की खरीद की जा रही है। सोमवार को फूड सप्लाई तो मंगलवार को वेयर हाउस द्वारा गेंहू की खरीद की जाती है। वेयर हाउस द्वारा अब तक 4160 मीट्रिक टन की खरीद की जा चुकी है। लेकिन अभी इसके द्वारा 451 मीट्रिक टन गेेंहू नहीं उठाया गया है। वेयर हाउस के पास अपने गोदाम होने के बावजूद उठान की प्रक्रिया केवल संतोषजनक कही जा सकती है। इधर फूड सप्लाई विभाग द्वारा अब तक लगभग 3158 मीट्रिक टन की गेंहू खरीद की जा चुकी है, लेकिन इसका अभी 662 मीट्रिक टन गेहूं मंडी में ही पड़ा हुआ है। गौरतलब है कि फूड सप्लाई के पास अपने गोदाम नहीं होने के कारण वह एफसीआई पर निर्भर रहता है।
विज्ञापन
लाख कोशिशों के बावजूद भंडारन की व्यवस्था नहीं हो पाई ठीक
अन्नदाता के सामने एक नहीं कई समस्याएं हैं। एक तो भगवान दूसरी ओर प्रशासन। खेत में खड़ी फसल कई बार बरसात के आभाव में तो कई बार अधिक बरसात होने के कारण खराब हो जाती है। वहीं नुकसान के बाद बची हुई फसल को लेकन जब अन्नदाता मंडी पहुंचता है तो यहां पर भी व्यवस्थाओं के फेर में उसे डर लगा रहता है। यदि मंडियों में अनाज रखने के लिए पूरी शेड हो तों इन समस्याओं से बचा जा सकता है। वहीं भंडारण व्यवस्था ठीक नहीं होने के कारण खरीद किया गेहूं कभी मंडी में तो कभी रेलवे स्टेशनों पर भीगकर खराब हो जाता है।
पंद्रह मई तक होनी है गेंहू की खरीद
फूड सप्लाई विभाग के इंस्पेक्टर जय यादव ने बताया कि इस बार गेहूं की खरीद पंद्रह मई तक होनी निर्धारित की गई है। वहीं गेहूं का उठान नहीं होने के बाबत उन्होंने बताया कि उनके पास अपने गोदाम नहीं होने के कारण वह पूरी तरह से एफसीआई पर निर्भर हैं। इधर वेयर हाउस मैनेजर श्रीभगवान ने बताया कि गेहूं खुले में न रहे इसके लिए पूरे प्रयास किए जा रहे हैं। रविवार को खरीद की छुट्टी रहती है,इसलिए रविवार देर रात तक गेंहू का उठान कर लिया जाएगा।
-------
वर्जन-किसानों को गेंहू बरसात में न भिगे इसके लिए खरीद कर रही एजेंसियों को तेजी से उठान करने के लिए कहा गया है। खुले में पड़े गेहूं को जल्द से जल्द बैंग में भरवाकर टीन शैड के नीचे रख दिया जाता है। कई बार ज्यादा आवक के कारण इस तरह की समस्या हो जाती है।
-नरेंद्र यादव,सचिव मार्केट, कमेटी
विज्ञापन
मंडी में गेहूं का उठान संतोष जनक है, लेकिन पहले से सुविधाओं के आभाव में किसानों को बरसात से अपना गेहूं भीगने का डर रहता है। इतना हीं नही यदि बरसात हुई तो खरीद किया हुआ गेहूं भी खुले में पड़ा होने के चलते भीग सकता है, जिससे सरकार और अंतत: आम आदमी को इसका खामियाजा उठाना पड़ सकता है। गौरतलब है कि यहां की मंडी में अब तक लगभग 7770 मीट्रिक टन गेंहू की खरीद हो चुकी है। मंडी में उठान संतोषजनक है और यहां पर अभी 1113 मीट्रिक टन गेहूं का उठान शेष है।
विज्ञापन
फूड सप्लाई एफसीआई के भरोसे, वेयर हाउस का उठान भी पीछे
रेवाड़ी की नई अनाज मंडी में फूड सप्लाई विभाग एवं वेयर हाउस की द्वारा गेहूं की खरीद की जा रही है। सोमवार को फूड सप्लाई तो मंगलवार को वेयर हाउस द्वारा गेंहू की खरीद की जाती है। वेयर हाउस द्वारा अब तक 4160 मीट्रिक टन की खरीद की जा चुकी है। लेकिन अभी इसके द्वारा 451 मीट्रिक टन गेेंहू नहीं उठाया गया है। वेयर हाउस के पास अपने गोदाम होने के बावजूद उठान की प्रक्रिया केवल संतोषजनक कही जा सकती है। इधर फूड सप्लाई विभाग द्वारा अब तक लगभग 3158 मीट्रिक टन की गेंहू खरीद की जा चुकी है, लेकिन इसका अभी 662 मीट्रिक टन गेहूं मंडी में ही पड़ा हुआ है। गौरतलब है कि फूड सप्लाई के पास अपने गोदाम नहीं होने के कारण वह एफसीआई पर निर्भर रहता है।
विज्ञापन
लाख कोशिशों के बावजूद भंडारन की व्यवस्था नहीं हो पाई ठीक
अन्नदाता के सामने एक नहीं कई समस्याएं हैं। एक तो भगवान दूसरी ओर प्रशासन। खेत में खड़ी फसल कई बार बरसात के आभाव में तो कई बार अधिक बरसात होने के कारण खराब हो जाती है। वहीं नुकसान के बाद बची हुई फसल को लेकन जब अन्नदाता मंडी पहुंचता है तो यहां पर भी व्यवस्थाओं के फेर में उसे डर लगा रहता है। यदि मंडियों में अनाज रखने के लिए पूरी शेड हो तों इन समस्याओं से बचा जा सकता है। वहीं भंडारण व्यवस्था ठीक नहीं होने के कारण खरीद किया गेहूं कभी मंडी में तो कभी रेलवे स्टेशनों पर भीगकर खराब हो जाता है।
पंद्रह मई तक होनी है गेंहू की खरीद
फूड सप्लाई विभाग के इंस्पेक्टर जय यादव ने बताया कि इस बार गेहूं की खरीद पंद्रह मई तक होनी निर्धारित की गई है। वहीं गेहूं का उठान नहीं होने के बाबत उन्होंने बताया कि उनके पास अपने गोदाम नहीं होने के कारण वह पूरी तरह से एफसीआई पर निर्भर हैं। इधर वेयर हाउस मैनेजर श्रीभगवान ने बताया कि गेहूं खुले में न रहे इसके लिए पूरे प्रयास किए जा रहे हैं। रविवार को खरीद की छुट्टी रहती है,इसलिए रविवार देर रात तक गेंहू का उठान कर लिया जाएगा।
-------
वर्जन-किसानों को गेंहू बरसात में न भिगे इसके लिए खरीद कर रही एजेंसियों को तेजी से उठान करने के लिए कहा गया है। खुले में पड़े गेहूं को जल्द से जल्द बैंग में भरवाकर टीन शैड के नीचे रख दिया जाता है। कई बार ज्यादा आवक के कारण इस तरह की समस्या हो जाती है।
-नरेंद्र यादव,सचिव मार्केट, कमेटी