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Rewari News: एमएसपी दर पर बाजरे की खरीद के लिए 12वें दिन भी दिया धरना
Thu, 08 Oct 2026 01:55 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Thu, 08 Oct 2026 01:55 AM IST
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रेवाड़ी। बाजरे की न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर सरकारी खरीद शुरू कराने की मांग को लेकर जय किसान आंदोलन का अनिश्चितकालीन धरना बुधवार को 12वें दिन भी जारी रहा। धरने की अध्यक्षता जिला सचिव मास्टर धर्म सिंह ने की, जबकि संचालन विधानसभा अध्यक्ष बाबूलाल ने किया।
धरने के दौरान आंदोलन से जुड़े किसानों ने रेवाड़ी अनाज मंडी का दौरा कर बाजरे की खरीद व्यवस्था का जायजा लिया। किसानों ने कहा कि 7 अक्तूबर तक सरकार की ओर से एमएसपी पर बाजरे का एक भी दाना नहीं खरीदा गया है। इसके बावजूद अधिकारियों और मंत्रियों की ओर से जल्द सरकारी खरीद शुरू करने का आश्वासन दिया जा रहा है।
जय किसान आंदोलन के पदाधिकारियों ने कहा कि किसान पिछले कई दिनों से अपनी फसल कम कीमत पर बेचने को मजबूर हैं। मंडी में बाजरा करीब 2000 से 2100 रुपये प्रति क्विंटल के भाव पर बिक रहा है। किसानों ने सवाल उठाया कि भावांतर योजना के तहत उन्हें कितना लाभ मिलेगा और यह राशि कब तक मिलेगी। उन्होंने कहा कि वर्ष 2022-23 का भावांतर भी कई किसानों को अभी तक नहीं मिला है।
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चौधरी सतपाल ने कहा कि किसानों को फसल का भुगतान तुरंत चाहिए। सरकार को भावांतर के बजाय सीधे 2900 रुपये प्रति क्विंटल के एमएसपी पर बाजरे की खरीद करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि किसानों को उनकी फसल का पूरा एमएसपी मिलना चाहिए।
धरने में हजारीलाल किशनगढ़, लक्ष्मण सिंह जांगिड़, रामनिवास डहीना, नरेंद्र कुमार पनियावाली ढाणी, बाबूलाल रेवाड़ी, बलवंत सिंह लोढ़ाना और प्रकाश अहरोद समेत कई किसान मौजूद रहे।
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धरने के दौरान आंदोलन से जुड़े किसानों ने रेवाड़ी अनाज मंडी का दौरा कर बाजरे की खरीद व्यवस्था का जायजा लिया। किसानों ने कहा कि 7 अक्तूबर तक सरकार की ओर से एमएसपी पर बाजरे का एक भी दाना नहीं खरीदा गया है। इसके बावजूद अधिकारियों और मंत्रियों की ओर से जल्द सरकारी खरीद शुरू करने का आश्वासन दिया जा रहा है।
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जय किसान आंदोलन के पदाधिकारियों ने कहा कि किसान पिछले कई दिनों से अपनी फसल कम कीमत पर बेचने को मजबूर हैं। मंडी में बाजरा करीब 2000 से 2100 रुपये प्रति क्विंटल के भाव पर बिक रहा है। किसानों ने सवाल उठाया कि भावांतर योजना के तहत उन्हें कितना लाभ मिलेगा और यह राशि कब तक मिलेगी। उन्होंने कहा कि वर्ष 2022-23 का भावांतर भी कई किसानों को अभी तक नहीं मिला है।
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चौधरी सतपाल ने कहा कि किसानों को फसल का भुगतान तुरंत चाहिए। सरकार को भावांतर के बजाय सीधे 2900 रुपये प्रति क्विंटल के एमएसपी पर बाजरे की खरीद करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि किसानों को उनकी फसल का पूरा एमएसपी मिलना चाहिए।
धरने में हजारीलाल किशनगढ़, लक्ष्मण सिंह जांगिड़, रामनिवास डहीना, नरेंद्र कुमार पनियावाली ढाणी, बाबूलाल रेवाड़ी, बलवंत सिंह लोढ़ाना और प्रकाश अहरोद समेत कई किसान मौजूद रहे।