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श्रीमद्भागवत महापुराण श्री हरि की वाणी : पं. काशीनाथ
Tue, 30 Dec 2025 12:23 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Tue, 30 Dec 2025 12:23 AM IST
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रेवाड़ी। विश्व सनातन धर्म सेवा ट्रस्ट की ओर से अग्रवाल भवन में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का समापन सोमवार को हवन के साथ हुआ। इस दौरान पं. काशीनाथ मिश्र ने कहा कि श्रीमद्भागवत महापुराण स्वयं श्री हरि की वाणी है। इसमें लिखा एक-एक वाक्य मनुष्य जीवन को न केवल कष्टों से मुक्ति दिलाता है बल्कि कलयुग से सतयुग की ओर ले जाने वाला यही प्रमुख मार्ग है।
कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान जगन्नाथ की वंदना के साथ हुआ। परिवार पहचान पत्र प्राधिकरण के स्टेट कोऑर्डिनेटर डॉ. सतीश खोला ने आशीर्वाद लिया। पं. काशीनाथ ने प्रतिदिन त्रिकाल संध्या करने, माधव नाम जपने और श्रीमद्भागवत महापुराण का पठन-पाठन करने की अपील की।
उन्होंने रचित भविष्य मलिका का वर्णन करते हुए कहा कि 600 साल पहले ताड़ पत्र पर लिखे गए इस ग्रंथ में वह भविष्यवाणी है, जिसे समझने के बाद मनुष्य तमाम बंधनों से मुक्त होकर सतयुग धाम को जाता है। इसलिए श्रीमद्भागवत महापुराण के साथ भविष्य मलिक का भी निरंतर पठन करें और इसे दूसरों को भी समझाएं। इस दौरान नवीन भुराडिया और रितु भुराड़िया ने आशीर्वाद लिया।
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कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान जगन्नाथ की वंदना के साथ हुआ। परिवार पहचान पत्र प्राधिकरण के स्टेट कोऑर्डिनेटर डॉ. सतीश खोला ने आशीर्वाद लिया। पं. काशीनाथ ने प्रतिदिन त्रिकाल संध्या करने, माधव नाम जपने और श्रीमद्भागवत महापुराण का पठन-पाठन करने की अपील की।
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उन्होंने रचित भविष्य मलिका का वर्णन करते हुए कहा कि 600 साल पहले ताड़ पत्र पर लिखे गए इस ग्रंथ में वह भविष्यवाणी है, जिसे समझने के बाद मनुष्य तमाम बंधनों से मुक्त होकर सतयुग धाम को जाता है। इसलिए श्रीमद्भागवत महापुराण के साथ भविष्य मलिक का भी निरंतर पठन करें और इसे दूसरों को भी समझाएं। इस दौरान नवीन भुराडिया और रितु भुराड़िया ने आशीर्वाद लिया।
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