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Rewari News: शरद पूर्णिमा आज, शाम को खीर बनाकर भगवान को भोग लगाएं
Mon, 06 Oct 2025 12:54 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Mon, 06 Oct 2025 12:54 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। आश्विन शुक्ल पक्ष पूर्णिमा को शरद पूर्णिमा या कोजागरी पूर्णिमा कहते हैं। पूर्णिमा 6 अक्तूबर को दोपहर 12.24 से 7 अक्तूबर प्रातः 9.17 बजे तक रहेगी। शरद पूर्णिमा के दिन शाम को खीर बनाकर भगवान को भोग लगाना चाहिए। रात में खीर को खुले आसमान या छत पर रखकर अगले दिन खीर का प्रसाद ग्रहण करना चाहिए।
ज्योतिषाचार्य अजय शास्त्री के अनुसार आश्विन मास की पूर्णिमा को चंद्रमा 16 कलाओं से परिपूर्ण होता है। शास्त्रों के अनुसार इस दिन चंद्रमा की किरणों से अमृत वर्षा होती है। शास्त्रों के अनुसार शरद पूर्णिमा के दिन मां लक्ष्मी पृथ्वी पर आती हैं।
मां लक्ष्मी की कृपा पाने के लिए शरद पूर्णिमा की रात्रि को अपने मंदिर या तिजोरी में एक चांदी की डिब्बी में शहद भरकर रख दें। ऐसा करने से स्थिर लक्ष्मी की कृपा होती है। बताया कि शरद पूर्णिमा व्रत विशेष रूप से संतान की आयु, आरोग्य, विद्या, बुद्धि आदि के लिए होता है। शरद पूर्णिमा व्रत की विशेष महिमा बताई गई है। इस दिन विधि पूर्वक पूर्णिमा का व्रत करके कथा आदि का श्रवण करना चाहिए।
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रेवाड़ी। आश्विन शुक्ल पक्ष पूर्णिमा को शरद पूर्णिमा या कोजागरी पूर्णिमा कहते हैं। पूर्णिमा 6 अक्तूबर को दोपहर 12.24 से 7 अक्तूबर प्रातः 9.17 बजे तक रहेगी। शरद पूर्णिमा के दिन शाम को खीर बनाकर भगवान को भोग लगाना चाहिए। रात में खीर को खुले आसमान या छत पर रखकर अगले दिन खीर का प्रसाद ग्रहण करना चाहिए।
ज्योतिषाचार्य अजय शास्त्री के अनुसार आश्विन मास की पूर्णिमा को चंद्रमा 16 कलाओं से परिपूर्ण होता है। शास्त्रों के अनुसार इस दिन चंद्रमा की किरणों से अमृत वर्षा होती है। शास्त्रों के अनुसार शरद पूर्णिमा के दिन मां लक्ष्मी पृथ्वी पर आती हैं।
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मां लक्ष्मी की कृपा पाने के लिए शरद पूर्णिमा की रात्रि को अपने मंदिर या तिजोरी में एक चांदी की डिब्बी में शहद भरकर रख दें। ऐसा करने से स्थिर लक्ष्मी की कृपा होती है। बताया कि शरद पूर्णिमा व्रत विशेष रूप से संतान की आयु, आरोग्य, विद्या, बुद्धि आदि के लिए होता है। शरद पूर्णिमा व्रत की विशेष महिमा बताई गई है। इस दिन विधि पूर्वक पूर्णिमा का व्रत करके कथा आदि का श्रवण करना चाहिए।
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