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तीसरे दिन सचिवालय लगीं कक्षाएं, डीईओ ने निदेशालय को भेजी 45 स्कूलों की लिस्ट
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जिला सचिवालय में धरने पर बैठे अभिभावक व बच्चे।
- फोटो : Rewari
निजी स्कूलों के दाखिला न देने से गुस्साए अभिभावकों ने बच्चों के साथ शुक्रवार को तीसरे दिन भी जिला सचिवालय पर धरना दिया। वहीं कड़ाके की ठंड होने के चलते बच्चों ने जिला सचिवालय में ठंडे फर्श पर बैठकर ही पढ़ाई की। मौके पर पहुंचे डीसी व शिक्षा विभाग के अधिकारी ने अभिभावकों को समझाते हुए कड़ाके ठंड में खुले आसमान के नीचे बैठे बच्चों को घर ले जाने का आग्रह किया। वहीं मौलिक निदेशालय ने भी निजी स्कूलों की मनमानी के आगे झुकते हुए अंतिम तिथि 31 दिसंबर कर दी है। वहीं शिक्षा विभाग ने दाखिला नहीं देने वाले 45 स्कूलों की सूची मौलिक शिक्षा निदेशालय को भेज दी है।
बता दें कि प्राइवेट स्कूलों द्वारा नियम 134 ए के तहत दाखिला देने के इनकार करने के बाद अभिभाभक अपने बच्चों के साथ पिछले तीन दिन से जिला सचिवालय में पहुंचकर दाखिला दिलाने की मांग कर रहें हैं। दाखिला नहीं देने वाले निजी स्कूलों के संचालकों के साथ वीरवार को शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ हुई बैठक भी बिना किसी निर्णय के ही संपन्न हो गई थी। निजी स्कूल अभी भी पिछले वर्षों की बकाया फीस देने की शर्त पर अड़े रहे। निजी स्कूलों को नोटिस देने और निदेशालय को दाखिला नहीं देने वाले स्कूलों की सूची भेजने के बावजूद समस्या जस की तस बनी हुई है। कड़ाके की ठंड के बीच धरना दे रहे बच्चों का संघर्ष सरकारी व्यवस्था को आइना दिखा रहा है। रोजाना की तरह शुक्रवार को भी अधिकारी मौके पर पहुंचे और आश्वासन देकर चले गए, लेकिन बच्चों की समस्या का समाधान नहीं हुआ है।
डीसी ने की शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक
निजी स्कूलों द्वारा दाखिला नहीं देने से परेशान अभिभावकों ने शुक्रवार को बच्चों के साथ डीसी यशेंद्र सिंह के कार्यालय के बाहर धरना दिया। डीसी यशेंद्र सिंह सचिवालय सभागार में अधिकारियों के साथ बैठक करने के बाद अपने कार्यालय की तरफ आए तो उन्होंने कार्यालय के बाहर बच्चों को धरने पर बैठे देखा। वह बच्चों को देखकर रूक गए तथा अभिभावकों से मामले की जानकारी ली। अभिभावकों ने बताया कि नियम 134ए के तहत उनके बच्चों को स्कूल अलाट हो चुके हैं लेकिन निजी स्कूल बच्चों को दाखिला देने में आनाकानी कर रहे हैं। वह तीन दिनों से बच्चों के साथ धरने पर बैठे हैं लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। डीसी ने डीईओ राजेश कुमार और डीईईओ कपिल पूनिया से मामले की जानकारी ली। इसके पश्चात डीसी ने फोन के माध्यम से शिक्षा विभाग के निदेशक को मामले से अवगत कराया जिस पर निदेशक ने 26 दिसंबर को निजी स्कूल संगठन के साथ होने वाली उच्च स्तरीय बैठक में समस्या का समाधान होने का आश्वासन दिया।
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निदेशालय की तरफ से दाखिला नहीं देने वाले निजी स्कूलों की सूची मांगी गई थी, हमने अभिभावकों की तरफ से बीईओ को दी गई दाखिला नहीं देने वाले स्कूलों की सूची निदेशालय को भेज दी है। निदेशालय की तरफ से जो भी आदेश मिलेंगे उसके अनुसार कार्यवाही की जाएगी।
- राजेश कुमार, जिला शिक्षा अधिकारी।
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बता दें कि प्राइवेट स्कूलों द्वारा नियम 134 ए के तहत दाखिला देने के इनकार करने के बाद अभिभाभक अपने बच्चों के साथ पिछले तीन दिन से जिला सचिवालय में पहुंचकर दाखिला दिलाने की मांग कर रहें हैं। दाखिला नहीं देने वाले निजी स्कूलों के संचालकों के साथ वीरवार को शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ हुई बैठक भी बिना किसी निर्णय के ही संपन्न हो गई थी। निजी स्कूल अभी भी पिछले वर्षों की बकाया फीस देने की शर्त पर अड़े रहे। निजी स्कूलों को नोटिस देने और निदेशालय को दाखिला नहीं देने वाले स्कूलों की सूची भेजने के बावजूद समस्या जस की तस बनी हुई है। कड़ाके की ठंड के बीच धरना दे रहे बच्चों का संघर्ष सरकारी व्यवस्था को आइना दिखा रहा है। रोजाना की तरह शुक्रवार को भी अधिकारी मौके पर पहुंचे और आश्वासन देकर चले गए, लेकिन बच्चों की समस्या का समाधान नहीं हुआ है।
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डीसी ने की शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक
निजी स्कूलों द्वारा दाखिला नहीं देने से परेशान अभिभावकों ने शुक्रवार को बच्चों के साथ डीसी यशेंद्र सिंह के कार्यालय के बाहर धरना दिया। डीसी यशेंद्र सिंह सचिवालय सभागार में अधिकारियों के साथ बैठक करने के बाद अपने कार्यालय की तरफ आए तो उन्होंने कार्यालय के बाहर बच्चों को धरने पर बैठे देखा। वह बच्चों को देखकर रूक गए तथा अभिभावकों से मामले की जानकारी ली। अभिभावकों ने बताया कि नियम 134ए के तहत उनके बच्चों को स्कूल अलाट हो चुके हैं लेकिन निजी स्कूल बच्चों को दाखिला देने में आनाकानी कर रहे हैं। वह तीन दिनों से बच्चों के साथ धरने पर बैठे हैं लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। डीसी ने डीईओ राजेश कुमार और डीईईओ कपिल पूनिया से मामले की जानकारी ली। इसके पश्चात डीसी ने फोन के माध्यम से शिक्षा विभाग के निदेशक को मामले से अवगत कराया जिस पर निदेशक ने 26 दिसंबर को निजी स्कूल संगठन के साथ होने वाली उच्च स्तरीय बैठक में समस्या का समाधान होने का आश्वासन दिया।
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निदेशालय की तरफ से दाखिला नहीं देने वाले निजी स्कूलों की सूची मांगी गई थी, हमने अभिभावकों की तरफ से बीईओ को दी गई दाखिला नहीं देने वाले स्कूलों की सूची निदेशालय को भेज दी है। निदेशालय की तरफ से जो भी आदेश मिलेंगे उसके अनुसार कार्यवाही की जाएगी।
- राजेश कुमार, जिला शिक्षा अधिकारी।