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Rewari News: डेंगू के बाद पैर पसार रहा स्क्रब टाइफस
Fri, 22 Nov 2024 01:23 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Fri, 22 Nov 2024 01:23 AM IST
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रेवाड़ी। नागरिक अस्पताल में मरीजों को परामर्श देते डॉ. गौरव यादव। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। दक्षिण-पूर्वी हरियाणा में डेंगू, मलेरिया की तरह स्क्रब ट्राइफस नामक जीवाणु फैल रहा है। नागरिक अस्पताल में अभी तक स्क्रब टाइफस से पीड़ित करीब 100 मरीज मिल चुके हैं।
उन्होंने बताया कि यह एक जीवाणु जनित बीमारी है। इन दिनों इस बीमारी का संक्रमण ज्यादा रहता है। जीवाणु द्वारा कपड़ों में लार्वा छोड़ने से एक दूसरे को संक्रमित करता है। नागरिक अस्पताल के वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. गौरव यादव ने बताया कि इससे व्यक्ति को तेज बुखार, तेज सिरदर्द, बदन दर्द शरीर पर दाने व एक बड़ा चकत्ता बनता है जो बाद में काला धब्बा बनता है। खांसी व न्यूमोनिया, गंभीर अवस्था में लीवर व किडनी को प्रभावित कर सकता है।
सामान्य: बुखार में पैरासिटामल खाने से भी बुखार ठीक नहीं होता, मरीज मानसिक रूप से परेशान होन सकता है। गर्भवती महिलाओं में हो सकता है गर्भपात। स्क्रब टाइफस की सही मॉनिटरिंग नहीं होने के कारण इसकी व्यापकता के बारे में जानकारी नहीं मिल पाता।
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वर्जन
तेज बुखार होने पर तत्काल विशेषज्ञ चिकित्सक को दिखाना चाहिए। अपने आसपास सफाई का विशेष ध्यान रखना जरूरी है। मक्खी-मच्छरों से बचाव करना चाहिए। भीड़भाड़ वाले स्थानों पर जाने से बचें। एक-दूसरे के कपड़ों का आदान प्रदान नहीं करें। बिना जांच कराए कोई दवा न खाएं।-डॉ. गौरव यादव, फिजिशियन, नागरिक अस्पताल रेवाड़ी।
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रेवाड़ी। दक्षिण-पूर्वी हरियाणा में डेंगू, मलेरिया की तरह स्क्रब ट्राइफस नामक जीवाणु फैल रहा है। नागरिक अस्पताल में अभी तक स्क्रब टाइफस से पीड़ित करीब 100 मरीज मिल चुके हैं।
उन्होंने बताया कि यह एक जीवाणु जनित बीमारी है। इन दिनों इस बीमारी का संक्रमण ज्यादा रहता है। जीवाणु द्वारा कपड़ों में लार्वा छोड़ने से एक दूसरे को संक्रमित करता है। नागरिक अस्पताल के वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. गौरव यादव ने बताया कि इससे व्यक्ति को तेज बुखार, तेज सिरदर्द, बदन दर्द शरीर पर दाने व एक बड़ा चकत्ता बनता है जो बाद में काला धब्बा बनता है। खांसी व न्यूमोनिया, गंभीर अवस्था में लीवर व किडनी को प्रभावित कर सकता है।
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सामान्य: बुखार में पैरासिटामल खाने से भी बुखार ठीक नहीं होता, मरीज मानसिक रूप से परेशान होन सकता है। गर्भवती महिलाओं में हो सकता है गर्भपात। स्क्रब टाइफस की सही मॉनिटरिंग नहीं होने के कारण इसकी व्यापकता के बारे में जानकारी नहीं मिल पाता।
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वर्जन
तेज बुखार होने पर तत्काल विशेषज्ञ चिकित्सक को दिखाना चाहिए। अपने आसपास सफाई का विशेष ध्यान रखना जरूरी है। मक्खी-मच्छरों से बचाव करना चाहिए। भीड़भाड़ वाले स्थानों पर जाने से बचें। एक-दूसरे के कपड़ों का आदान प्रदान नहीं करें। बिना जांच कराए कोई दवा न खाएं।-डॉ. गौरव यादव, फिजिशियन, नागरिक अस्पताल रेवाड़ी।