फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Rewari News ›   Rule 134A - Parents are furious due to non-admission, two memorandums submitted to DC

नियम 134ए - दाखिले नहीं होने से अभिभावक भड़के, डीसी को सौंपे दो ज्ञापन

Fri, 11 Feb 2022 11:39 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Fri, 11 Feb 2022 11:39 PM IST
विज्ञापन
Rule 134A - Parents are furious due to non-admission, two memorandums submitted to DC
नियम 134ए के तहत अपने बच्चों के दाखिले नहीं होने की नाराजगी के चलते जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय पर प्रदर्शन कर अभिभावकों ने बच्चों को शिक्षा का हक दिए जाने की गुहार लगाई। बाद में डीईईओ कपिल पूनिया के व्यवहार से नाराज होकर लोग सचिवालय पहुंचे और वहां डीसी को अलग अलग दो ज्ञापन सौंपे। इनमें एक डीसी को संबोधित है जिसमें डीईईओ के व्यवहार और ड्यूटी में लापरवाही बरतने का गंभीर आरोप लगाते हुए जांच कराने की गुहार लगाई जबकि दूसरा ज्ञापन मुख्यमंत्री के नाम सीटीएम को ज्ञौंपा गया जिसमें उनसे भी डीईईओ के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई गई।
विज्ञापन

बता दें कि ढाई दर्जन अभिभावक व बच्चे आज जिला शिक्षा अधिकारी के कार्यालय के मुख्य द्वार पर पहुंचे और दाखिले के लिए आवाज उठाई। जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी कपिल पूनिया उस वक्त कार्यालय में मौजूद थे। इनकी आवाज सुनने के बाद वे मुख्य द्वार पर आए और अभिभावकों को मौजूदा स्थिति से अवगत कराया। अभिभावकों की डीईईओ कपिल पूनिया के साथ करीब बीस मिनट बहस हुई जिसके बाद वहां नाराजगी का माहौल पैदा हो गया और उसकी माहौल में पूनिया वापस कार्यालय परिसर में चले गए। ऐसी स्थिति में अभिभावक वहां से जुलूस की शक्त में पैदल मार्च करते हुए बावल चौक के रास्ते सचिवालय पहुंचे और मुख्य द्वार पर नारेबाजी की।
विज्ञापन

बाद में पांच लोगों ने डीसी यशेंद्र सिंह से मुलाकात करके उनको एक ज्ञापन सौंपा जिसमें डीईईओ पूनिया के व्यवहार और सरकारी ड्यूटी में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया। डीसी ने इस मामले की जांच एडीसी जयदीप कुमार को सौंपते हुए फोन पर जरूरी निर्देश भी दे दिए कि वे तीन दिन में इस मामले की रिपोर्ट डीसी कार्यालय में दें। उधर अभिभावकों ने इस मामले में दूसरा ज्ञापन सीटीएम नगराधीश को मुख्यमंत्री के नाम सौंपा, जिसमें आज के घटनाक्रम का जिक्र करते हुए डीईईओ पूनिया के खिलाफ जांच कराने की बात कही गई।
विज्ञापन
विज्ञापन

अभिभावकों रवि प्रकाश, बीना, दीपा, बलराम, प्रताप, बिजेंद्र, अनिल कुमार और पवन कुमार आदि का कहना है कि उक्त अधिकारी ने निजी स्कूलों को नोटिस भेजने के बाद अपनी भूमिका सही से नहीं निभाई और नाहक इस मामले को निदेेशालय के संज्ञान में लाने में देरी की इसलिए ये ज्ञापन सौंपे गए हैं। हम अपने बच्चों के दाखिले के लिए सचिवालय से लेकर निजी स्कूल और अपने घर तक दौड़ रहे हैं मगर हमारी घोर अनदेखी हो रही है। शिक्षा विभाग के अधिकारी निजी स्कूलों का पक्ष ले रहे हैं इसलिए दाखिले नहीं हो रहे।
ज्ञापन सौंपना मेरे खिलाफ सोची समझी साजिश है। हमारे कार्यालय से कोई कोताही नहीं बरती गई। विभाग के आदेश अनुसार कदम उठाएंगे।
- कपिल पूनिया, डीईईओ, रेवाड़ी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed