{"_id":"65fc9dff0ed248679e03d869","slug":"rivers-flow-only-because-of-dense-forest-area-rewari-news-c-198-1-rew1001-202354-2024-03-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rewari News: सघन वनक्षेत्र के कारण ही नदियां बहती हैं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rewari News: सघन वनक्षेत्र के कारण ही नदियां बहती हैं
Fri, 22 Mar 2024 02:22 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Fri, 22 Mar 2024 02:22 AM IST
विज्ञापन
रेवाड़ी। बीकानेर स्थित राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में अंतरराष्ट्रीय वन दिवस के उपलक्ष्य में इको क्लब की ओर से जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।
अध्यक्षता करते हुए कार्यवाहक प्राचार्य विजय सिंह ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय वन दिवस को मानने का उद्देश्य लोगों को प्रकृति और पर्यावरण के प्रति जागरूक करना है। सभी नदियां पर्वतों पर उगे सघन वनक्षेत्र के कारण ही बहती हैं। आज भी जहां घने जंगल हैं। वहां की नदियां हमेशा चलायमान रहती हैं। क्लब प्रभारी प्रवक्ता सोमबीर यादव ने कहा कि अधिकतर जानवरों, पौधों और कीड़ों की भूमि-आधारित प्रजातियों का जंगल घर है। जंगल के किनारे के खेत उपजाऊ होते हैं। वन से ही हमें स्वच्छ हवा मिलती है। सभी औषधियों का आधा भाग वन क्षेत्र से प्राप्त होता है।
अध्यापक मुकेश कुमार ने बताया कि वन तापमान व प्रदूषण को नियंत्रित करने में सहायता करते हैं। वैज्ञानिक शोध के अनुसार एक व्यक्ति को ऑक्सीजन प्रदान करने के लिए सात आठ पेड़ चाहिए। वन क्षेत्र की निरंतर कमी जैवविविधता का सबसे बड़ा कारण बन रही है। वन और नवाचार थीम पर आधारित विश्व वन दिवस पर पेड़ लगाने व पूर्वजों के लगाये पेड़ों को सुरक्षित रखने के प्रण के साथ नवाचार करें।
विज्ञापन
विज्ञापन
अध्यक्षता करते हुए कार्यवाहक प्राचार्य विजय सिंह ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय वन दिवस को मानने का उद्देश्य लोगों को प्रकृति और पर्यावरण के प्रति जागरूक करना है। सभी नदियां पर्वतों पर उगे सघन वनक्षेत्र के कारण ही बहती हैं। आज भी जहां घने जंगल हैं। वहां की नदियां हमेशा चलायमान रहती हैं। क्लब प्रभारी प्रवक्ता सोमबीर यादव ने कहा कि अधिकतर जानवरों, पौधों और कीड़ों की भूमि-आधारित प्रजातियों का जंगल घर है। जंगल के किनारे के खेत उपजाऊ होते हैं। वन से ही हमें स्वच्छ हवा मिलती है। सभी औषधियों का आधा भाग वन क्षेत्र से प्राप्त होता है।
विज्ञापन
अध्यापक मुकेश कुमार ने बताया कि वन तापमान व प्रदूषण को नियंत्रित करने में सहायता करते हैं। वैज्ञानिक शोध के अनुसार एक व्यक्ति को ऑक्सीजन प्रदान करने के लिए सात आठ पेड़ चाहिए। वन क्षेत्र की निरंतर कमी जैवविविधता का सबसे बड़ा कारण बन रही है। वन और नवाचार थीम पर आधारित विश्व वन दिवस पर पेड़ लगाने व पूर्वजों के लगाये पेड़ों को सुरक्षित रखने के प्रण के साथ नवाचार करें।
विज्ञापन