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मेहंदी प्रतियोगिता में रितू ने मारी बाजी
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कोसली स्थित बाल भवन में हरियाली तीज मनातीं कार्यक्रम अधिकारी पिंकी दलाल व अन्य।
- फोटो : Rewari
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कोसली। स्थानीय बाल भवन में जिला बाल कल्याण परिषद रेवाड़ी की ओर से हरियाली तीज महोत्सव का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मेहंदी प्रतियोगिता का आयोजन भी किया गया। छोटे बच्चों के साथ तीज महोत्सव धूमधाम से मनाया गया।
बाल भवन कोसली की कार्यक्रम अधिकारी पिंकी दलाल ने कहा कि हमारे सामाजिक दृष्टिकोण में तीज उत्सव का बहुत बड़ा महत्व है। तीज का त्योहार हमारे सामाजिक, सांस्कृतिक, धार्मिक और ऐतिहासिक मूल्यों को प्रदर्शित और परिभाषित करता है। वहीं दूसरी ओर इस त्योहार के माध्यम से अतीत के दर्शन भी होते हैं। कार्यक्रम अधिकारी पिंकी दलाल ने कहा कि हरियाली तीज का उत्सव सावन मास में शुक्ल पक्ष की तृतीया को मनाया जाता है। कार्यक्रम में बच्चों को झूला झुलाया व मिठाई खिलाकर बच्चों के साथ पर्व मनाया। इस मौके पर महिलाओं और विभिन्न कोर्स का प्रशिक्षण ले रही छात्राओं ने हरियाणवी गीत पर नृत्य करके पुरानी संस्कृति के अनुसार तीज का पर्व मनाया।
उन्होंने कहा कि यह त्योहार भगवान शिव और माता पार्वती के पुनर्मिलाप के उपलक्ष्य में बनाया जाता है। इससे ही हिंदुओं के त्योहार आरंभ होते हैं, प्रकृति अपनी अनुपम छटा बिखेरती है। कार्यक्रम अधिकारी पिंकी दलाल ने कहा कि सुहागिनें अपने पति की लंबी आयु और कुंवारी कन्याएं अच्छे पति के लिए हरियाली तीज के व्रत को करती हैं। हरियाली तीज पर महिलाएं हरे रंग को धारण करती हैं। हरीं चूड़ियां, हरे कपड़े और मेहंदी लगाती हैं। इन सबका अपना ही महत्व होता है। उन्होंने कहा कि हर त्योहार की अपना रंग होता है। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम के दौरान मेहंदी प्रतियोगिता में रितु, डिम्पल तथा सुशीला ने क्रमश: प्रथम, द्वितीय तथा तृतीय स्थान प्राप्त किया। इस अवसर पर बाल भवन के समस्त स्टाफ सदस्य उपस्थित थे।
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बाल भवन कोसली की कार्यक्रम अधिकारी पिंकी दलाल ने कहा कि हमारे सामाजिक दृष्टिकोण में तीज उत्सव का बहुत बड़ा महत्व है। तीज का त्योहार हमारे सामाजिक, सांस्कृतिक, धार्मिक और ऐतिहासिक मूल्यों को प्रदर्शित और परिभाषित करता है। वहीं दूसरी ओर इस त्योहार के माध्यम से अतीत के दर्शन भी होते हैं। कार्यक्रम अधिकारी पिंकी दलाल ने कहा कि हरियाली तीज का उत्सव सावन मास में शुक्ल पक्ष की तृतीया को मनाया जाता है। कार्यक्रम में बच्चों को झूला झुलाया व मिठाई खिलाकर बच्चों के साथ पर्व मनाया। इस मौके पर महिलाओं और विभिन्न कोर्स का प्रशिक्षण ले रही छात्राओं ने हरियाणवी गीत पर नृत्य करके पुरानी संस्कृति के अनुसार तीज का पर्व मनाया।
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उन्होंने कहा कि यह त्योहार भगवान शिव और माता पार्वती के पुनर्मिलाप के उपलक्ष्य में बनाया जाता है। इससे ही हिंदुओं के त्योहार आरंभ होते हैं, प्रकृति अपनी अनुपम छटा बिखेरती है। कार्यक्रम अधिकारी पिंकी दलाल ने कहा कि सुहागिनें अपने पति की लंबी आयु और कुंवारी कन्याएं अच्छे पति के लिए हरियाली तीज के व्रत को करती हैं। हरियाली तीज पर महिलाएं हरे रंग को धारण करती हैं। हरीं चूड़ियां, हरे कपड़े और मेहंदी लगाती हैं। इन सबका अपना ही महत्व होता है। उन्होंने कहा कि हर त्योहार की अपना रंग होता है। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम के दौरान मेहंदी प्रतियोगिता में रितु, डिम्पल तथा सुशीला ने क्रमश: प्रथम, द्वितीय तथा तृतीय स्थान प्राप्त किया। इस अवसर पर बाल भवन के समस्त स्टाफ सदस्य उपस्थित थे।
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